Thursday, July 19, 2018
Follow us on
National

खुशबू लाठर-बैंक की नौकरी छोड़ आई ए एस में हुआ चयन। खुशबू लाठर ने किया ज़िले का नाम रोशन

राकेश शर्मा | April 28, 2018 04:33 PM
राकेश शर्मा

बैंक की नौकरी छोड़ आई ए एस में हुआ चयन।
खुशबू लाठर ने किया ज़िले का नाम रोशन
कुरुक्षेत्र 28 अप्रैल। राकेश शर्मा
कुरुक्षेत्र जिले के छोटे से पैतृक गांव कनीपला खुशबु लाठर ने आई ए एस में 285 वा रैंक हासिल किया और अब खुशबू लाठर अपने पिता के साथ जयपुर में रहती है और इनके पिता मोहनलाल क्राइम ब्रांच में एडीजीपी है ।और लडक़ी खुशबु ने पिता की प्रेरणा लेकर आईएएस की तैयारी करी और 2 साल घर बैठकर दूसरी बार में ही 285 वा रैंक लेकर आईएएस में सिलेक्शन हुई और इस बात का पता चलते ही कनीपला गांव वासियों में खुशी की लहर दौड़ गई और पूरे गांव में खुशी का माहौल रहा ।बता दे कि लडक़ी के दादा रघुवीर सिंह ने पूरे गांव में लड्डू बांटे और जानकारी देते हुए बताया कि उनका लडक़ा मोहनलाल जो की खुशबू लाठर का पिता है उसने भी पहले अपनी लडक़ी की तरह जंगलात विभाग में डीएफओ की नौकरी मिली थी ।लेकिन उनको इस नौकरी में दिलचस्पी नहीं थी और उनकी चाहत थी कि मैं आई पी एस अधिकारी बनू।तत्पश्चात मेरे लडक़े ने आईपीएस की तैयारी करनी शुरू कर दी और आई पी एस की परीक्षा में अच्छे अंक पर उत्तीर्ण हो गए उसके बाद उनका आईएएस में सिलेक्शन हुआ और खुशबू लाठर के नाना गंगाजल मील भी पूर्व विधायक हैं और रघुवीर सिंह की पुत्री खुशबू लाठर ने इसका सारा श्रेय अपने माता-पिता दादा और परिवार को दिया।

Have something to say? Post your comment
More National News
कल तक सोनीपत पहुंचेगी सुरभि गुप्ता की डेडबॉडी
मोबाइल फोन ने उड़ाया अंतर्राष्ट्रीय योग का मखौल
योग का नहीं किसी जाति धर्म से लेना देना - प्रभारी मंत्री, योग करने से होता है शारीरिक व मानसिक विकास- डीएम अमेठी
दिल्ली स्थित दाती महाराज के आश्रम में है गुफा?दाती महाराज के आश्रम से संदिग्ध चीजें बरामद, घटनास्थल की पहचान पुलिस
दलितों ने किया 15 अगस्त के दिन धर्मांतरण का ऐलान
चर्म रोग दूर करता है इस कुएं का पानी
बैंक बड़ौदा में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में भारी गड़बड़ी की आशंका, मांगी गयी जनसूचना 34 करोड की लागत से बना तिरुपति बालाजी मंदिर के जल्द होगे दर्शन
8 वर्षीय बच्ची के साथ 22 वर्षीय युवक ने किया दुष्कर्म,
विदेश में हरियाण्वी संस्कृति से रूबरू करवा रहा सिद्धपुर का छौरा