Wednesday, September 19, 2018
Follow us on
BREAKING NEWS
हरियाणा में सता का फाईनल बेशक दूर लेकिन सेमीफाईनल करीब,निगाहें अरविन्द केजरीवाल के इस दौरे पर टिकीगैंगरेप की घटना को लेकर इनसो के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने किया विरोध-प्रदर्शन, जताया रोषPartapgarh- खुुुलेे में शौच मुक्ति दिवस के रुप में मनाया गया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिनश्यामपुरा में दो दिवसीय खंड स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता संपन्नसब जूनियर नेशनल बॉक्सिंग प्रतियोगिता में सतनाली के खिलाडिय़ों ने जीते 2 सिल्वर, 1 ब्रॉन्जदरिंदगी की शिकार हुई छात्रा को न्याय दिलाने के लिए महाविद्यालय के विद्यार्थी उतरे सडक़ों पर25 सितंबर को मनाए जाने वाले सम्मान समारोह को लेकर चलाया जनसंपर्क अभियानमहम के गांव मेंऑनर किलिंग का मामला जला रहे थे लड़की का शव,ऑनर किलिंग का शक
Literature

सत्संग से हमारा मन भगवान की याद में रम जाता है- ब्रहमचारिणी साध्वी ऋषि महाराज

नरेन्द्र जेठी | May 02, 2018 02:48 PM
नरेन्द्र जेठी

सत्संग से हमारा मन भगवान की याद में रम जाता है- ब्रहमचारिणी साध्वी ऋषि महाराज
नरवाना 2 मई,(नरेन्द्र जेठी): ब्रहमचारिणी साध्वी ऋषि महाराज ने कहा कि सदा भगवान की कृपा के पात्र बने रहने के लिए सभी को सत्संग कीर्तन करते रहना चाहिए। सत्संग से हमारा मन भगवान की याद में रम जाता है और हमें दुखों को सहन करने की शक्ति मिल जाती है। खुशी जैसी कोई खुराक नहीं होती। इसलिए भगवान को सच्चे दिल से याद करने से मन शांत व दिल खुशियों से भर जाता है। ये बातें उन्होंने अग्रवाल धर्मशाला में आयोजित तीन दिवसीय ब्रहमज्ञान यज्ञ के समापन अवसर पर बोलते हुए कही। यह कार्यक्रम कलाधारी सत्संग मंडल बीरबल नगर द्वारा आयोजित किया गया। महिलाओं ने भजन गाकर प्रभु की महिमा की जिससे माहौल भक्तिरस में डूब गया। इस अवसर पर भण्डारे का भी आयोजन किया गया। जिसमें काफी संख्या में लोगों ने भोजन प्रसाद को ग्रहण किया। कार्यक्रम में बहन सुदेश, बहन इंदू, कृष्णा, बीना, आरती, निर्मला, संतोष, सरोज, रोशनी सहित कई महिलाओं ने भजन कीर्तन में बढचढ कर भाग लिया। प्रवचन में साध्वी ऋषि महाराज ने बताया कि पचास साल पहले ब्रहमज्ञानी महान जी महाराज ने भगवान के आदेश पर इस संस्था की नींव रखी। तब से ही यह संस्था आध्यात्मिक व सामाजिक कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आंखो से दिखने वाले इस मायावी संसार में उलझ कर इंसान भगवान को भूल जाता है। एक भगवान ही हमारी जीवन नैयया को सुख शांति पूर्वक पार लगा सकता है इसलिए हमें भजन कीर्तन पूजा अर्चना द्वारा भगवान का साथ बनाए रखना चाहिए।

Have something to say? Post your comment
More Literature News
गीता में मनुष्य जीवन का रहस्य छिपा-स्वामी ज्ञानानंद
श्रद्धालुशक्तिपीठ श्रीदेवीकूप भद्रकाली मंदिर में विशाल भगवती जागरण संपन्न
नवरात्रों के 6वे दिन श्रद्धालुओं ने की माँ भगवती की आराधना
ओंकार महायज्ञ में बैठने से नहीं आता कभी असाहय रोग व अकाल कष्ट : शक्तिदेव
काली कमली वाला मेरा यार है, मेरे मन का मोहन तू दिलदार है
कैसे और कब मनाएं श्रीमहाशिवरात्रि 13 या 14 फरवरी को ?
एक पर्व के लिए दो-दो तिथियां भविष्य नहीं आएगी सामने
श्रीमद् भागवत कथा में दिखाया कृष्ण-सुदामा चरित्र नेकी कर दरिया में डाल: गोस्वामी
31 जनवरी को चंद्रग्रहण ग्रहण पूरे भारतवर्ष में दिखाई देगा, सुतक सुबह 08 बजकर 14 मिनट से शुरू होगा
111 श्री रामायण पाठों का हुआ शुभारंभ