Friday, November 16, 2018
Follow us on
BREAKING NEWS
हिमाचल के पत्रकारों को भी जल्द दिलाएंगे हरियाणा की तर्ज पर पेंशनकैथल चीनी मिल चिप घोटाले में सरकार द्वारा शीघ्र जांच करवाकर उचित कार्रवाई की जाएगी : ग्रोवरचंद्रबाबू नायडू के समक्ष विपक्षी एकता की चुनौतीटैंशन और एक्शन से बचना है तो ईमानदारी से दीजिए टैक्स : धनेष्टामीडिया के सहयोग से बिलासपुर की बेटी की हुई घर वापसी, मीडिया को सहृदय धन्यवाद - प्रकाशपुंज पांडेयसीआईए 30 इंचार्ज इंस्पेक्टर संदीप मोर सिंघम ने आरोपी विकास दलाल को भगाने वाले 3 और बदमाशो को अवैध असले सहित किया गिरफ्तार।घरौंडा,-साँपों के साये में पढ़ने को मजबूर छात्र प्रशासन ने मुंदी आँखे, किसी हादसे की इंतजार में प्रशासनIPS अधिकारियों के तबादले किये हरियाणा सरकार ने बड़े स्तर पर लिस्ट जारी
Literature

सत्संग से हमारा मन भगवान की याद में रम जाता है- ब्रहमचारिणी साध्वी ऋषि महाराज

नरेन्द्र जेठी | May 02, 2018 02:48 PM
नरेन्द्र जेठी

सत्संग से हमारा मन भगवान की याद में रम जाता है- ब्रहमचारिणी साध्वी ऋषि महाराज
नरवाना 2 मई,(नरेन्द्र जेठी): ब्रहमचारिणी साध्वी ऋषि महाराज ने कहा कि सदा भगवान की कृपा के पात्र बने रहने के लिए सभी को सत्संग कीर्तन करते रहना चाहिए। सत्संग से हमारा मन भगवान की याद में रम जाता है और हमें दुखों को सहन करने की शक्ति मिल जाती है। खुशी जैसी कोई खुराक नहीं होती। इसलिए भगवान को सच्चे दिल से याद करने से मन शांत व दिल खुशियों से भर जाता है। ये बातें उन्होंने अग्रवाल धर्मशाला में आयोजित तीन दिवसीय ब्रहमज्ञान यज्ञ के समापन अवसर पर बोलते हुए कही। यह कार्यक्रम कलाधारी सत्संग मंडल बीरबल नगर द्वारा आयोजित किया गया। महिलाओं ने भजन गाकर प्रभु की महिमा की जिससे माहौल भक्तिरस में डूब गया। इस अवसर पर भण्डारे का भी आयोजन किया गया। जिसमें काफी संख्या में लोगों ने भोजन प्रसाद को ग्रहण किया। कार्यक्रम में बहन सुदेश, बहन इंदू, कृष्णा, बीना, आरती, निर्मला, संतोष, सरोज, रोशनी सहित कई महिलाओं ने भजन कीर्तन में बढचढ कर भाग लिया। प्रवचन में साध्वी ऋषि महाराज ने बताया कि पचास साल पहले ब्रहमज्ञानी महान जी महाराज ने भगवान के आदेश पर इस संस्था की नींव रखी। तब से ही यह संस्था आध्यात्मिक व सामाजिक कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आंखो से दिखने वाले इस मायावी संसार में उलझ कर इंसान भगवान को भूल जाता है। एक भगवान ही हमारी जीवन नैयया को सुख शांति पूर्वक पार लगा सकता है इसलिए हमें भजन कीर्तन पूजा अर्चना द्वारा भगवान का साथ बनाए रखना चाहिए।

Have something to say? Post your comment
More Literature News
पूर्वाचलियों को छठ पूजा की बधाई देने आधा दर्जन स्थानों पर पहुंचे मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार
15 नवंबर को मनाया जाएगा शाह कलंदर का सालाना उर्स
5 नवंबर से दीवाली के पंच पर्व आरंभ
बुढ़ापा अनुभवों का वो पीटारा है जो बहुत चोटें खाने के बाद ही मिलता है: अचल मुनि 2
सोनीपत-बाबा जिन्दा मेले में हजारों भक्तों ने माथा टेका
गीता में मनुष्य जीवन का रहस्य छिपा-स्वामी ज्ञानानंद
श्रद्धालुशक्तिपीठ श्रीदेवीकूप भद्रकाली मंदिर में विशाल भगवती जागरण संपन्न
नवरात्रों के 6वे दिन श्रद्धालुओं ने की माँ भगवती की आराधना
ओंकार महायज्ञ में बैठने से नहीं आता कभी असाहय रोग व अकाल कष्ट : शक्तिदेव
काली कमली वाला मेरा यार है, मेरे मन का मोहन तू दिलदार है