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कैथल में सुबह 10 बजते ही शुरू हो जाते हैं जिला प्रशासन मुर्दाबाद के नारे ,समस्याओं के प्रति कब गम्भीर होगा कैथल का जिला प्रशासन !

May 16, 2018 06:33 PM
कृष्ण प्रजापति की रिपोर्ट

कैथल में सुबह 10 बजते ही शुरू हो जाते हैं जिला प्रशासन मुर्दाबाद के नारे !

आखिर आम जनमानस की समस्याओं के प्रति कब गम्भीर होगा कैथल का जिला प्रशासन !

कैथल, 16 मई (कृष्ण प्रजापति): दिन कोई भी हो कैथल लघु सचिवालय में सुबह के 10 बजते ही जिला प्रशासन व हरियाणा सरकार मुर्दाबाद के नारों की गूंज सुनाई देने लगती है। ऐसा नहीं है कि ये नारे और प्रदर्शन करने वाले एक ही विभाग के होते हैं, ये लोग कभी नगर पालिका के कर्मचारी, कभी सफाई कर्मचारी, कभी डिप्लोमा इंजीनियर एसोसिएशन के पदाधिकारी, कभी आशा वर्कर तो कभी आंगनवाड़ी वर्कर, कभी सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर तो कभी भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसान संगठन अपनी मांगों को लेकर जिला के प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से सरकार तक अपनी आवाज बुलंद करने के लिए ज्ञापन देते हैं। जिला प्रशासन और हरियाणा सरकार के मुर्दाबाद के नारे लगाकर अपना रोष प्रकट करते हैं लेकिन इन सबके बावजूद कैथल का जिला प्रशासन जनमानस की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं है और केवल ज्ञापन लेने तक ही सिमट कर रह जाता है। कई कर्मचारियों ने बताया कि संगठनात्मक रूप में ज्ञापन देने आने वाले लोगों के ज्ञापन को लेने के लिए भी अधिकारी आपस में आनाकानी करते रहते हैं और बड़े अधिकारी छोटे अधिकारियों को ज्ञापन लेने के लिए आदेश देते नजर आते हैं जबकि कई संगठन ज्ञापन बड़े अधिकारियों को ही देने पर अड़ जाते हैं और प्रशासन और प्रदर्शनकारियों में कई बार ठन भी जाती है। इसके बावजूद जिला प्रशासन आम जनमानस की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं है । ताजा मामला कैथल में जिला शिकायत निवारण समिति की बैठक में स्वास्थ्य व खेल मंत्री अनिल विज द्वारा हुए पब्लिक हेल्थ विभाग के एसडीओ वेदपाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, उसकी गिरफ्तारी व सस्पेंशन को लेकर है, जिसमें डिप्लोमा इंजीनयर एसोसिएशन का धरना लगाताऱ जारी है।
डिप्लोमा इंजीनयर एसोसिएसन के पदाधिकारियों का कहना है कि अगर सरकार ने जल्द एसडीओ वेदपाल को बहाल नहीं किया व उन पर हुए कातिलाना हमले के दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया तो बिजली , पानी , सीवर व अन्य जन सेवाएं बाधित कर देंगे जिसकी जिम्मेदार सरकार होगी।
आपको बता दें कि कैथल जिला शिकायत निवारण समिति की बैठक में स्वास्थ्य व खेल मंत्री अनिल विज द्वारा हुए पब्लिक हेल्थ विभाग के एसडीओ वेदपाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, उसकी गिरफ्तारी व सस्पेंशन की सिफारिश पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार, अनिल विज, गुहला विधायक कुलवंत बाजीगर सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।
हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए वेदपाल ने कहा था कि वह अपना काम पूरी ईमानदारी से कर रहा था। इसी बीच एक दिन विधायक कुलवंत बाजीगर के भतीजे द्वारा टैंकर भेजने की डिमांड की गई और लगातार उनपर दबाव बनाया गया। जब उन्होंने इससे इनकार कर दिया तो उसके साथ ऑफिस में मारपीट भी हुई थी।
याची ने कहा कि डिस्ट्रिक्ट ग्रिवियंस कमेटी की बैठक में उनके खिलाफ एक झूठी शिकायत पेश की गई। इस शिकायत को आधार बनाकर बिना उनका पक्ष सुने उनके खिलाफ एफआईआर की सिफारिश कर दी और गिरफ्तारी तक के आदेश दे दिए।
याची ने बताया कि जिस शिकायत के आधार पर उनके खिलाफ यह सिफारिश की गई थी, उसकी जांच एसई ने की थी और एसई एके पाहवा खुद विज के सामने आकर बता रहे थे कि उनकी जांच में एसडीओ पर लगे आरोप गलत मिले हैं।
बावजूद इसके उनके खिलाफ इस तरह की टिप्पणी व सिफारिश कर दी गई। याची ने कहा कि डिस्ट्रिक्ट ग्रिवियंस कमेटी को ऐसा कोई अधिकार ही नहीं है कि वह एफआईआर, गिरफ्तारी या सस्पेंशन के आदेश जारी कर सके।
विज ने ज्यूडिशियल व पुलिस पावर इस्तेमाल किया जो उनके अधिकार क्षेत्र के बाहर है। हाईकोर्ट ने याची का पक्ष सुनने के बाद याचिका पर हरियाणा सरकार, अनिल विज, कुलवंत बाजीगर सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।

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