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क्या है शुकुल बाजार में खास, अधिकारियों को स्थानान्तरण नहीं आता रास ?

सुरजीत यादव | May 27, 2018 05:04 PM
सुरजीत यादव

क्या है शुकुल बाजार में खास, अधिकारियों को स्थानान्तरण नहीं आता रास ?

अमेठी। यह बुद्धिजीवियों के बीच होने वाली चर्चा का ही एक अंश है। जो अधिकारी व कर्मचारी के स्थानान्तरण और पुनरागमन के समय सुनने को मिल जाती हैं। इस क्षेत्र में ऐसी क्या खासियत है। जो अधिकारी व कर्मचारी को रास आ गई और क्षेत्र से अन्यत्र ट्ांसफर होने पर बेहद चिंतित देखे जाते हैं।

विकास क्षेत्र बाजार शुक्ल जनपद के आखिरी छोर पर गोमती के किनारे स्थिति हैं। ट्ांसफर और पोस्टिंग के बीच से गुजरना यह तो प्रशासनिक व्यवस्था की प्रक्रिया में है। किन्तु बाजार शुक्ल में जो अधिकारी व कर्मचारी पोस्ट होते हैं और समयावधि के बाद यदि स्थानान्तरण होने की बात आती हैं तो उन्हे बेहद चिंतित होते देखा जाता है । मिशाल के तौर पर बाल विकास परियोजना कार्यालय में लिपिक पद पर विजय मिश्र कार्यालय स्थापना से ही तैनात हैं। हाल ही में विकास क्षेत्र से अन्यत्र ब्लॉक को स्थानान्तरण हुआ है। कोई एक-दो तो इसी को व्यवस्थित करने में तनावग्रस्त दिखें। और कामयाब भी हो गये। और फिर बाजार शुकुल में ग्राम विकास अधिकारी पद पर कार्यरत हो गये। और कुछ तो दौड़-धूप के पश्चात् लौट आने का आश्वासन कहीं से पाने के बाद शानत तो हैं किन्तु पूर्ण शान्ति तो तभी है जब बाजार शुकुल पुनः लौट आये। यह तो ट्ांसफर और पोसि्ंट के चक्र में आने से और बाजार शुकुल छोड़ने की बात से उत्पन्न चिंता। एक बानगी है ग्राम विकास अधिकारियों, अध्यापाकों, या फिर थाना बाजार शुकुल में तैनात रहें सिपाहियों की। यह कोई नई बात नहीं है अक्सर ऐसा होता और वे फिर बाजार शुकुल में आकर पुनः वैसी ही राहत की सॉस लेते है। जैसे तड़पती मछली जल पाकर। वैसे पानी तो मछली का प्राण है। बिना इसके जीवन सम्भव नही है। परन्तु अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए बाजार शुकुल में क्या खास है कि इस क्षेत्र अन्यत्र के लिए स्थानान्तरण रास नहीं आता । बहरहाल इसे तो वे अधिकारी व कर्मचारी ही जान सकते है जिसे इसकी लग गई है।

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