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अमेठी - प्रतिष्ठा की जंग में, अस्पताल बन्द, मरीज परेशान

सुरजीत यादव | June 08, 2018 05:20 PM
सुरजीत यादव

प्रतिष्ठा की जंग में, अस्पताल बन्द, मरीज परेशान
अमेठी- इस जंग की शुरूवात बाजार शुक्ल से होकर पूरे जनपद में हो गई है। एक तरफ हिन्दू युवा वाहिनी के एक कार्यकर्ता की प्रतिष्ठा तो दूसरी ओर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बाजार शुक्ल अधीक्षक शैलेष कुमार गुप्ता की प्रतिष्ठा लग गई है। दोनों प्रतिष्ठा की वजह थानाध्यक्ष बाजार शुक्ल अब माने जा  रहें हैं। जिससे मरीजों को हैरानी उठानी पड़ रही है।

विगत दिवस हियुवा कार्यकर्ता रमेश तिवारी और केन्द्र अधीक्षक शैलेष कुमार गुप्ता के बीच स्वास्थ्य असुविधा की बात पर झड़प होने की बात बतायी जा रही है। जिसके चलते केन्द्र अधीक्षक द्वारा थाना बाजार शुक्ल में मुकदमा पंजीकृत कराने हेतु एक तहरीर दी गई। जिस पर कोई कार्यवाही न होते देख डॉ. शैलेष गुप्ता द्वारा जिला मुख्य चिकित्साधिकारी के संज्ञान में बात दी गई। सी.एम.ओ. के हस्तक्षेप पर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर रमेश तिवारी पर मुकदमा दर्ज तो हुआ वहीं थानाध्यक्ष बाजार शुक्ल ने रमेश तिवारी की तहरीर पर चिकित्सक के खिलाफ भी मुदकमा पंजीकृत कर लिया । यही से चिकित्सक भड़क गये। अपने सम्मान की रक्षा हेतु चिकित्सक सामुदायिक अवकाश पर अड़ गये। अब यह सामुहिक अवकाश पूरे जनपद में फैल गया। अस्पतालों में ताला लटकता देखा जा रहा है।, और मरीज हैरान हो रहें है। चिकित्सकों के आवास से लेकर पूरे अस्पताल में ताला लटक रहा है। दोनों पक्ष अपनी-अपनी प्रतिष्ठा व सम्मान की रक्षा पर अड़े हुए हैं। जिसका सीधा दंश जनपद के मरीजों को झेलना पड़ रहा है। लोगों की माने यदि एस.ओ. की कार्यशैली में कहीं किसी कारण से लोच न आई होती तो शायद ऐसी स्थिति न उत्पन्न होती ं लोग इस अव्यवस्था के लिए और मरीजों की हैरानी की वजह कोई बना है तो सिर्फ थानाध्यक्ष। यदि एस.ओ. ने समझ से काम लिया होता तो एक हाथ की ककड़ी नौ हाथ का बीजा न बनता। बहरहाल देखना है कि अब ऊँट किस करवट बैठेगा और प्रकरण सामान्य होने पर सी.एम.ओ. अमेठी चिकित्सकों की कार्यशैली पर कितना सजग रहेंगे। जिससे कोई व्यक्ति ऐसा ही कृत्य न कर बैठे और चिकित्सक अपने सम्मान के लिए अवकाश न ले ।

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