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Haryana

कुरुक्षेत्र-करोड़ों रुपए की सरकारी जमीन खुर्दबुर्द करने वाले नप अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की

राकेश शर्मा | June 12, 2018 08:46 PM
राकेश शर्मा

कुरुक्षेत्र-करोड़ों रुपए की सरकारी जमीन खुर्दबुर्द करने वाले नप अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की
कच्चा घेर बचाओ संघर्ष समिति ने दी कार्रवाई न होने पर संघर्ष की चेतावनी
कुरुक्षेत्र, 12 जून राकेश शर्मा
कच्चा घेर बचाओ संघर्ष समिति के शिष्टमंडल ने समिति के संयोजक नरेंद्र शर्मा निंदी के नेतृत्व में उपायुक्त डा. एसएस फुलिया को ज्ञापन देकर मांग की है कि नगर परिषद की कच्चा घेर स्थित करोड़ों रुपए की भूमि को खुर्दबुर्द होने से बचाया जाए और नगर परिषद के जो अधिकारी मिलीभगत करके इस सरकारी भूमि को खुर्दबुर्द कर रहे हैं और नक्शे पास कर रहे हैं, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। शिष्टमंडल ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो समिति को मजबूरन संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा, जिसकी सारी जिम्मेवारी प्रशासन की होगी। शिष्टमंडल में नगर परिषद के पूर्व प्रधान जयनारायण शर्मा, नगर पार्षद नितिन भारद्वाज लाली, तीर्थ पुरोहित पं. पवन शर्मा पौनी, राजीव शर्मा, सेवा निवृत एसडीओ रवि वत्स, पं. बालकिशन सिखोले, अश्विनी गौतम, माईचंद सैनी, नरेंद्र साजवान, प्रदीप मिश्रा, विजय अत्रि सहित नगर के अनेक गणमान्य व्यक्ति शामिल थे। ज्ञापन सौंपने के पश्चात जय नारायण शर्मा ने बताया कि उपायुक्त ने इस मामले को गम्भीरता से लिया और ठोस कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
समिति द्वारा उपायुक्त को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि नगरपालिका थानेसर के गठन के समय से ही कच्चा घेर की बहुमूल्य जमीन रिकार्ड के अनुसार नगर परिषद की मलकीयत है। इस भूमि पर रामलीला होती थी और राजनैतिक दल अपनी सभाए करते थे तथा परिषद ने यहां पर तांगा स्टैंड भी बनाया था। अब इस बहुमुल्य जमीन को परिषद के अधिकारियों की मिलिभगत से खुर्दबुर्द किया जा रहा है और लोगों के भवन निर्माण के नक्शे पास किए जा रहे है। ज्ञापन में बताया गया कि ईश्वर चंद सुपुत्र रतन लाल ने 1988 में अवैध कब्जा करना चाहा जिस पर नगर परिषद ने उसे नोटिस दिया था और उस भूमि पर किया गया अवैध कब्जा हटा दिया था। उसके पश्चात ईश्वर चंद ने पुन: अपने रसूख का लाभ उठाते हुए अक्तूबर 1993 में नप की इस भूमि पर अवैध कब्जा करने की कोशिश टैंपरेरी लकड़ी का ढांंचा आदि से कब्जा करना चाहा तो उस समय नगर परिषद के प्रशासक ने इस भूमि का मौका पर जाकर मुआयना किया और नगर परिषद के कर्मचारियों को इस कब्जे को हटाने के आदेश दिए। इस आदेश के बाद उपरोक्त ईश्वर चंद ने स्थानीय अदालत में एक मुकद्दमा दीवानी दिनांक 27-10-1993 को दायर कर दिया जिसमें ईश्वर चंद अपनी मलकीयत साबित नहीं कर सका और मुकदमा हार गया। अदालत ने इस भूमि पर नगर परिषद की मलकियत मान ली। इसके बाद ईश्वर चंद ने जिला अदालत में अपील दायर की। इस अपील में भी दिनांक 13-5-2003 उपरोक्त ईश्वर चंद हार गया और उसकी अपील को माननीय अतिरिक्त जिला अदालत ने खारिज कर दिया।
इन दोनों फैसलों को अपने विरुद्ध पाकर उपरोक्त ईश्वर चंद ने माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय चंडीगढ़ में अपील दायर की और इसका फैसला भी दिनांक 8-7-2009 को ईश्वर चंद के विरुद्ध आया। इन तीनों फैसलों के आने के पश्चात नगर परिषद थानेसर ने उपरोक्त ईश्वर चंद के दुकाननुमा खोखा जोकि नगर परिषद की जमीन में पाया गया था, उसको सील कर दिया था। इसके पश्चात ईश्वर चंद ने 1996 में इस जमीन को अपनी मलकीयत बताते हुए भवन निर्माण का नक्शा नगर परिषद को जमा करवाया लेकिन नगर परिषद ने इस भूमि को अपना बताते हुए नक्शा अस्वीकार कर दिया था
ज्ञापन में कहा गया है कि तीन-तीन अदालतों से मुकद्दमे जीत जाने के बाद भी नगर परिषद ने आज तक इस भूमि से कब्जा नहीं हटवाया और अब पता चला है कि नगर परिषद के अधिकारियों ने मिलीभगत करके तथ्यों को छुपाकर इस भूमि पर ईश्वर चंद इत्यादि के नक्शे पास कर दिए हैं। इसी के साथ-साथ कच्चा घेर की भूमि पर अवैध निर्माण जारी है और नगर परिषद की करोड़ों रुपए की इस भूमि को खुर्दबुर्द किया जा रहा है। समिति ने उपायुक्त से इस बहुमुल्य जमीन से अवैध कब्जा हटाने और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है।

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