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Haryana

बौखलाए बीजेपी के प्रदेश सचिव -जितेन्द्र सैनी

अटल हिन्द ब्यूरो | June 14, 2018 07:15 PM
अटल हिन्द ब्यूरो

सीएम विंडो पर शिकायत देने पर बौखलाए बीजेपी के प्रदेश सचिव -जितेन्द्र सैनी
-सीएम के नाम को दुरूपयोग कर कर रहा है पार्टी को बदनाम
सन्नी मग्गू
जींद,14 जून।
नगर परिषद की चेयरपर्सन पूनम सैनी द्वारा भारत सीमेंट डिस्टीब्यूटर द्वारा नगर परिषद को बाजार से ऊंचे रेट पर सीमेंट सप्लाई करने के मामले में भारत सीमैंट डिस्टीब्यूटर की प्रोपराईटर सुनीता सैनी व उनके पति पूर्व पार्षद जितेन्द्र सैनी ने कहा कि उन्होने नगर परिषद को सीमेंट सप्लाई के दौरान किसी भी नियम को ताक पर नही रखा। चेयरपर्सन पूनम सैनी ने जो मामला उजागर करने का दावा किया है वो सब पूनम सैनी ने अपने व अपने पति व बीजेपी के प्रदेश सचिव जवाहर सैनी की मिलीभगत से नगर परिषद में किए गए करोड़ो रूपए के भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए प्रोपगेंडा रचा है। सुनीता सैनी व उनके पति पूर्व पार्षद जितेन्द्र सैनी ने आरोप लगाया कि नगर परिषद की चेयरपर्सन पूनम सैनी व उनके पति जवाहर सैनी प्रदेश के सीएम मनोहरलाल के नाम को दुरूपयोग कर नगर परिषद को करोड़ो रूपए की चपत लगा चूके है जिसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। जितेन्द्र सैनी ने कहा कि उन्होने मार्च माह में ही उनकी फर्म के नाम की फर्जी तरीके से की गई लाखों की राशी जेई के नाम जारी करने की शिकायत दे रखी है और इसी मामले की शिकायत 1 जून को सीएम विंडो में लगाने के कारण जवाहर सैनी बौखला गए है। सैनी ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ नियमों को ताक पर रखकर निर्माण सामग्री सप्लाई करने का प्रचार कर जवाहर सैनी उन पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहा है व उन्हे इस मामले में धमकी तक दी जा रही है। पूर्व पार्षद ने कहा कि पूरा शहर जानता है कि चेयरपर्सन पूनम सैनी के पति जवाहर सैनी जो कि बीजेपी के प्रदेश सचिव भी है ने नगर परिषद में किस कदर भ्रष्टाचार फैला रखा है जिसकी पिछले दिनों ठेकेदार से कमीशन मांगने तक की ऑडियो सामने आ चूकी है। शहर के अनेको पार्षदों ने उनके खिलाफ शिकायते दे रखी है बावजूद पूनम सैनी व जवाहर सैनी का भ्रष्टाचार का खेल जारी है। पूर्व पार्षद जितेन्द्र सैनी ने कहा कि उनकी भारत सीमेंट डिस्टीब्यूटर पिछले कई सालों से नगरपरिषद को बिल्डिंग मैटीरियल (सीमेंट, रोड़ी, रेती बजरी) सप्लाई करती रही जिसकी 7 लाख 28 हजार रुपए की पेमेंट नगरपरिषद की तरफ बकाया है। भारत सीमेंट डिस्ट्रीब्यूटर ने कुल 7 लाख 28 हजार 106 रुपए के दिए गए माल के बिल नगर परिषद में जमा करवाए। अक्टूबर 2016 में इन्हीं बिलों के वाउचर तैयार कर नप ने संबंधित फर्म को पेमेंट न कर जेई पंकज के नाम 7 लाख से ज्यादा राशि का चेक काट दिया और बैंक से राशि भी निकलवा ली। जब फर्म ने नप से पेमेंट मांगी तो बताया गया कि उनकी यह पेमेंट हो चुकी है। मामला सामने आने के बाद इसकी मार्च माह में शिकायत दे दी गई। पूर्व पार्षद सैनी ने बताया कि फर्म द्वारा नगर परिषद से आरटीआई के तहत मांगी जानकारी में सामने आया कि आए हुए बिलों के 26 अक्टूबर 2016 को नगर परिषद ने कुल 9 वाउचर के माध्यम से 7 लाख 28 हजार 106 रुपए की पेमेंट की अदायगी की गई। जेई पंकज को जो चेक दिया गया वह अकाउंट पेई न बनाकर बैरर चेक दिया गया। उसी दिन बैंक से यह रााशि निकलवाई गई। जेई पंकज ने निकलवाई गई राशि किसको दी उनके पास इसकी रिसिप्ट तक नहीं है। इससे साफ हो रहा है कि नगरपरिषद में फर्जी पेमेंट हुई है। पूर्व पार्षद सैनी ने आरोप लगाया कि यह रूपए नगर परिषद की चेयरपर्सन पूनम सैनी व उसके पति जवाहर सैनी की मिलीभगत से निकाली गई है। सैनी ने कहा कि उनकी ही नही बल्कि शहर की अनेक फर्मो की इस तरह से करोड़ो ंरूपाए की राशी फर्जी तरीके से निकाली गई है। उन्होने कहा कि इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए ताकि पता लग सके कि कौन भ्रष्टाचारी है। पूर्व पार्षद जितेन्द्र सैनी ने कहा कि दूसरों पर आरोप लगाने से पहले आपने गिरेबान माँ झाकना चाहिऐ। पूर्व पार्षद जितेन्द्र सैनी ने आरोप लगाया कि पूरा शहर जवाहर सैनी का इतिहास जानता है। ज्यादा टिपणी की आवश्यकता नहीं हैै। जितेन्द्र सैनी ने कहा कि पूरे शहर का पता है कि अपने पद को कौन दुरूपयोग कर रहा है और कौन भ्रष्टाचारी है। सैनी ने कहा कि जवाहर सैनी जो कि नगर पार्षद भी नही है फिर भी पूरा दिन नगर परिषद कार्यालय में बैठकर अधिकारियों व कर्मचारियों पर पर दबाव बनाए रखता है जिसकी कई बार शहर के पार्षद शिकायत भी कर चूके है। कई बार कर्मचारी भी इस मामले में उच्चअधिकारियों को शिकायत कर चूके है मगर राजनीतिक दबाव के कारण सब चूप है। जितेन्द्र सैनी ने कहा कि अब वे इस मामले में चुप नही बैंठेंगे और व्यापारिक संघठनो के बीच इस मामले को ले कर जाएंगे और पूरे मामले को उजागर करवाकर ही दम लेंगे।
इस बारे में नगर परिषद चेयरपर्सन पूनम सैनी ने कहा कि पूर्व पार्षद जितेंद्र ने भुगतान के जो आरोप लगाए थे, उसकी जांच चल रही है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि जितेंद्र ने पार्षद रहते पद का दुरुपयोग किया है। उन पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाने पर नगर परिषद विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि नप में भ्रष्टाचार को लेकर वह जीरो टोलरैंस की नीति पर चल रही हैं। जो भी गड़बड़ है, उसको जनता के सामने लाया जाएगा।

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