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दलितों ने किया 15 अगस्त के दिन धर्मांतरण का ऐलान

राजकुमार अग्रवाल | June 16, 2018 06:14 AM
राजकुमार अग्रवाल

दलितों ने किया 15 अगस्त के दिन धर्मांतरण का ऐलान
दिल्ली में नही जींद के धरना स्थल पर ही करेंगे धर्म परिवर्तन
-दलितों ने लगाया प्रदेश सरकार उनकी अनदेखी करने का आरोप
कहा- जो लोग कह रहे थे नही हुआ धर्मांतरण वो अबकी बार देख ले लाईव

चंडीगढ़ (राजकुमार अग्रवाल )। जींद में पिछले 126 दिनों से धरने पर बैठे दलितो ने ऐलान किया है कि 15 अगस्त को सैंकड़ो दलित धर्म परिवर्तन करेंगे और अब की बार दिल्ली में नही जींद के धरना स्थल पर ही धर्म परिवर्तन किया जाएगा। दलितों ने कहा कि जो लोग कह रहे थे कि कोई धर्म परिवर्तन नही हुआ वो लोग जींद में होने वाले कार्यक्रम को लाईव देख सकते है। दलितों ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार दलितों की अनदेखी कर रही है और 5 जून से 15 जून तक को अल्टीमेटम देने के बाद भी सरकार के कानों पर जूं तक नही रेंगी। पिछले 126 दिनों से दलित ज्वाइंट एक्शन कमेटी द्वारा दलितों की विभिन्न मांगो को लेकर जींद के लघु सचिवालय में धरने पर बैठे कमेटी के संचालक दिनेश बौद्ध खापड़ ने कहा कि पिछले चार महीनों से दलित अपनी जायज मांगों को लेकर धरने पर बैठ कर लगातार संघर्ष कर रहे हैं। बावजूद इसके सरकार व जिला प्रशासन उनकी मांगों की अनदेखी कर रहा है। खापड़ ने कहा कि दलित पीडि़त परिवारों ने अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए भारतीय संविधान और कानून के दायरे में रहकर कड़े से कड़ा संघर्ष किया दो बार चण्डीगढ़ और दिल्ली के लिए पैदल मार्च किया और दो बार 23 और 31 दिन तक भूख हड़ताल की। कई बार सरकार से मिलने का प्रयास किया मगर सरकार लगातार उनकी अनदेखी करती रही। इसी अनदेखी व सरकार की प्रताडऩा के कारण 31मई को करीब 120 दलितों ने दिल्ली जाकर बौद्व धर्म अपना लिया। धर्मपरिवर्तन के बाद सीएम मनोहरलाल कहते है कि किसी ने भी धर्मातरण नही किया। खापड़ ने सीएम को चैलेंज करते हुए कहा कि अबकी बार वो दिल्ली में नही बल्कि जींद के धरना स्थल पर ही धर्मातरण करेंगे और वो सीधा लाईव देख लेना। दिनेश बौद्ध खापड़ ने कहा कि उनका मकसद धर्मांतरण नही बल्कि धरने पर बैठे दलितों की जायज मांगे मनवाना है। अपनी मांगों को पूरा करवाने के मकसद से उन्होने 5 जून को फिर से सरकार को व जिला प्रशासन को उनकी मांगें मानने व बात करने को 15 जून तक 10 दिन का अल्टीमेट दिया था। खापड़ ने बताया कि उनका 10 दिन का अल्टीमेटम आज यानि 15 जून को खत्म हो गया जिस कारण उन्होने 15 अगस्त को धर्मांतरण का निर्णय लिया। ये निर्णय प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन की अनदेखी के कारण लिया गया है। इन 10 दिनों में काई भी अधिकारी या सरकार का नुमांईदा उनसे बात तक नही करने आया। खापड़ ने कहा कि दो महीने वे इस धर्मंतरण को लेकर तैयारियां करेंगे ताकि ज्यादा से ज्यादा दलित सामूहिक रुप से धर्मपरिवर्तन कर सके।
कमेटी मेम्बर अजय भम्भेवा ने कहा सरकार ने मानवाधिकारों का हनन किया और दलित पीडि़त हिन्दुओं का लगातार शोषण करने के कारण हिन्दू धर्म को छोडऩा पड़ रहा है। इसके लिए हरियाणा भाजपा सरकार पूरी तरह से जिम्मेदार है। आज सामूहिक धर्मपरिवर्तन की घोषणा के दौरान शहीद सतीश की पत्नी कमला देवी, शहीद सुबे सिहं का बेटा शिवचरण, मृतक लड़की का पिता रमेश आसन, मृतक ईशवर सिंह का भतीजा दिनेश, पिरथी पड़ाना, रणधीर अमरेहड़ी,वीरेन्द्र और सिकन्दर घोघडिय़ा, रामनिवास बराह, सोनू भौंगरा, सोनू छात्तर श्रवण ईगराह व अन्य कई लोग मौजूद रहे।
बॉक्स-
ये दलितो की मुख्य मांगे-
-जींद में ईश्वर सिंह की मौत के बाद किए समझौते को लागू करना।
-कुरूक्षेत्र के गांव झांसा की दलित बेटी से हुई दरिंदगी की जांच करना।
-आसन कांड जिसमें दलित लड़की की रेप कर की गई हत्या के मामले में हुए समझौते को लागू करना।
-भिवानी के हालुवास में नाबालिग से रेप करने के शिकायतकर्ता को सुरक्षा देने व मुआवजे की मांग।
-हिसार के भटला में दलितों का सामाजिक बहिष्कार करने वालों के खिलाफ मामले दर्ज करने व दलितों पर किए गए झूठे मामले खारिज करने की मांग।
-मार्च 2015 में छात्तर के सतीश की मौत को लेकर हुए समझौते लागू करना।
-1985 में पुलिस नाके पर मरे नायक सुबे सिंह को शहीद का दर्जा देने व उसके बेटे को नौकरी देने की मांग।
-जंतर-मंतर पर भिवानी के बामला के फौजी सुसाईड मामले में की घोषणा को लागू करना।
-प्रदेश में जगह-जहग बनाई निशाना जा रही बाबा साहेब की मुर्तियां की सुरक्षा करवाना।
-दलितो पर हो रहे अत्याचार पर अंकुश लगाना।

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