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Uttar Pradesh

भ्रष्टाचार की चपेट में अमेठी का सिंहपुर ब्लॉक मुख्यालय, भ्रष्टाचारी पर कार्यवाही कब ?

सुरजीत यादव | June 24, 2018 05:08 PM
सुरजीत यादव

भ्रष्टाचार की चपेट में अमेठी का सिंहपुर ब्लॉक मुख्यालय, भ्रष्टाचारी पर कार्यवाही कब ?

आज के दौर में भ्रष्टाचार एक आम बात हो गयी है, कारण कि आसामाजिक व्यक्तियों द्वारा अधिकारियों से आसामाजिक कार्य करवाना । उधर जब एक पत्रकार या मीडियाकर्मी समाज का आईना होने कारण अपने कर्तव्य का निर्वहन बा ईमादारी करता है तो वह पत्रकार एक भ्रष्टाचारी अधिकारी के ऑखों का किरकिरी हो जाता है लेकिन पत्रकार तो वो है जो कबीर की की तर्ज पर कि ‘‘न काहूॅ से दोस्ती न काहॅू से बैर’’ के आधार पर समाज के शोषित, पीड़ित, असहाय लोगों की आवाज उठाता है। यह वह पक्ष होता है जो असाजिक नीति पर पड़े पर्दे को उठाकर असली तस्वीर जनमानस के सामने रख देता है। बस एक पत्रकार का यही कर्तव्य होता है। ऐसे में उस पत्रकार को दबाने प्रयास एक षड्यन्त्रकारी अधिकारी या कहें आसामाजिक व्यक्ति द्वारा अपने षड्यन्त्र को छिपाने हेतु सक्षम अधिकारियों के समक्ष पत्रकार को दोषी और स्वयं को दूध का धुला साबित करते है।

सक्षम अधिकारी भी जब एक भ्रष्टाचारी कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ जॉच का आदेश देते हैं तो जॉच अधिकारी भी अपने उच्चाधिकारियों को गलत सूचनाएं देकर शिकायतों को दाखिल- दफतर करा देते है। प्रायः शिकायतों की जॉच ही नहीं जाती और जॉच रिपोर्ट गुपचुप तरीके भ्रष्टाचारी के पक्ष में देकर शिकायतों को निराधार व मिथ्या बता दी जाती है।

तो हम बात कर रहें है अमेठी जनपद के सिंहपुर ब्लॉक के एक भ्रष्ट अधिकारी के कारनामों की जिसकी लिस्ट बहुत ही लम्बी है उनके कारमानों का दंश ब्लॉकक्षेत्र  के जनता को झेलना पड़ रहा है। फिरहाल देखना है निम्न कारनामों के सन्दर्भ में एक भ्रष्ट अधिकारी पर कार्यवाही होता है या फिर भ्रष्ट अधिकारी के कालेकारनामों का दंश ऐसे ही सिंहपुर ब्लॉक क्षेत्र की जनता को झेलना पड़ेगा।

कारनामा नं. 1. कमीशन खोरी के चक्कर में नहीँ फीड हो रही कार्य योजना ।
सिंहपुर ब्लाक में तैनात प्रभारी सहायक विकास अधिकारी “पंचायत “के तानाशाही रवैये के चलते सिंहपुर क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों में नये वित्तीय वर्ष के तीन माह गुजरने के बाद भी सभी विकास कार्य बाधित हैं। गत वित्तीय वर्ष में ग्राम पंचायतों में चौदहवे वित्त व चतुर्थ राज्य वित्त से कराये गये विकास कार्यों की ऑनलाइन फीडिंग अब तक नहीँ हुई है । साथ ही वर्तमान वित्तीय वर्ष की कार्य योजना भी अब तक ऑनलाइन नहीँ हो सकी है ।

ब्लाक में तैनात प्रभारी सहायक विकास अधिकारी पंचायत धीरेँद्र कुमार ग्राम पंचायतों के अभिलेख आन लाइन कराने के लिये जिला पंचायत राज़ अधिकारी से मिला पासवर्ड ही नहीँ दे रहे हैं । नाम न छापने की शर्त पर एक प्रधान ने बताया कि ग्राम पंचायतों से कमीशन खोरी के चक्कर में सहायक विकास अधिकारी पासवर्ड नहीँ दे रहे हैं । उक्त ए.डी.ओ. पंचायत के बारे में यह भी पता चला है कि ग्राम पंचायतों में कर्मचारी की तैनाती कराने के नाम पर मोटी रकम वसूल करते हैं। सहायक विकास अधिकारी पंचायत के तानाशाही रवैये के चलते प्रधानों व अन्य कर्मचारियों में रोष व्याप्त है।

कारनामा नं. 2. ओडीएफ गांवों के इज्जतघरों के निर्माण में बड़े पैमाने पर हो रही धांधली
भारत स्वच्छता अभियान के अन्तर्गत शासन की महत्वाकांक्षी वाह्य शौचमुक्त योजना को जिले के आला अधिकारी कैसे पलीता लगाने में जुटे हुये है अगर इसकी जमीनी हकीकत देखनी हो तो विकास खण्ड सिंहपुर का सफर तय करना पड़ेगा जहां पर इज्जत घरों के निर्माण में बड़े पैमाने पर धांधली किये जाने का मामला प्रकाश में आया है। वाह्य शौचमुक्त वाले गांवों में लाभार्थियों के खातों में धनराशि न भेजकर ठेकेदारी प्रथा पर इज्जतघरों का निर्माण चर्चा  हुआ है लेकिन यह अनियमितता केवल कागजी निरीक्षण तक ही सिमट गई है।

शासन द्वारा गांव के गरीब परिवारों को खुले मैदान में शौच से मुक्ति दिलाये जाने के लिये ओडीएफ गांव का चयन किया गया हैं  जिसमें जिम्मेदारों द्वारा प्रथम चरण में राजस्व गांवों का चयन किया गया और करीब दो दर्जन गांवों में इज्जतघरों का निर्माण करवाया गया जिसमें घटिया सामग्री का प्रयोग कर बड़े पैमाने पर धांधली व अनियमितता की गई और अधिकांश गांवों में लाभार्थियों के खातों में धनराशि न भेजकर प्रभारी एडीओ पंचायत के चहेते ठेकेदारों द्वारा इज्जतघरों का निर्माण करवाया गया और लाखों रुपये का वारा न्यारा भी हुआ। उदाहरण के तौर पर ग्राम पंचायत खारा ,टेढ़ई, पिपरी अहमदाबाद को ही ले लीजिये यहां पर निर्मित इज्जतघरों में घटिया सामग्री का प्रयोग करने का चर्चा ए आम बना हुआ है। इज्जतघरों में घटिया सामग्री इस्तेमाल किये जाने को लेकर ग्राम पंचायत पिपरी अहमदाबाद निवासी ने एक बड़ा खुलासा किया है जिसे सुनते ही आपके पैरों तले से जमीन खिसक जायेगी ताज्जुब तो इस बात का है कि इस योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी जिनके कंधों पर हैं वह मलाई काटते हुये इज्जतघरों के निर्माण में अच्छी खासी रकम ऐंठ रहे हैं। अब सवाल यह उठता है कि जब शासनादेश है कि लाभार्थी के खाते में धनराशि भेजी जाय तो विकास खण्ड में एडीओ पंचायत द्वारा मनमानी क्यों की गई और शासन की मंशा के विपरीत कार्य क्यों किया गया इसका जबाब भी बड़ा ही अजीबो गरीब है कि लाभार्थी इज्जतघर नही बनवाता इसलिये हम सब लोगों को ठेकेदारी का सहारा लेना पड़ा। इन ग्राम पंचायतों से पूर्व में शिकायतें भी हुई लेकिन चंद कागज के टुकड़ों के चक्कर मे शिकायतकर्ताओं की आवाज को महकमे द्वारा दबा दिया गया।

कारनामा नं. 3 इज्जतघर चार माह पूर्व बना धनराशि आज तक नही मिली
शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं के संचालन की जिम्मेदारी जिनके कंधों पर है वही इसे फ्लाप करने में जुटे हुये है यहां इज्जतघरों का निर्माण तो लाभार्थियों ने चार माह पूर्व बनवा लिया लेकिन धनराशि आज तक नही मिली जिससे लाभार्थियों में गहरी नाराजगी व आक्रोश व्याप्त है। यह मामला विकास खण्ड सिंहपुर की ग्राम पंचायत चिलौली का है शासन की लाख कोशिशों के बावजूद भ्रष्टाचार में डूब चुके जिम्मेदार आला अधिकारी अपनी हरकतों से बाज नही आ रहे हैं वह योजनाओं को अमली जामा पहनाने के बजाय इसे कमाई का जरिया मान बैठे हैं जिन पर नकेल लगाना सबके बस की बात भी नही है। शासन की मंशा यह है कि गांव के गरीब परिवार खुले मैदान में शौच को न जाय इसके लिये गांव गांव में इज्जतघरों का निर्माण कार्य युद्व स्तर पर जारी है जिसमें तमाम गांवों में तो बड़े पैमाने पर धांधली व अनियमितताएं भी उजागर हुई हैं । ग्रामीणों द्वारा उनकी शिकायतें भी की गई लेकिन जिले के अफसरों द्वारा कार्यवाही के बजाय मातहतों की खामियों पर पर्दा डालने का काम किया जा रहा है। विकास खण्ड सिंहपुर की ग्राम पंचायत चिलौली में दर्जनों लोगों द्वारा इज्जतघरों का निर्माण आज से करीब चार माह पूर्व करवा लिया गया और शासन की ओर से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि उन गरीब परिवारों को आज तक नसीब नही हो सकी ऐसी दशा में अब वह खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं और धनराशि के लिये ब्लाक मुख्यालय की परिक्रमा कर रहे हैं। गांव चिलौली निवासी दुर्गेश दीक्षित ने बताया कि प्रधान जी के कहने पर हमने भी इज्जतघर का निर्माण करीब चार माह पूर्व करवा लिया लेकिन पैसा आज तक नही मिला हमारी तरह के मेरे गांव में दर्जनों ऐसे लोग हैं जिन्हें धनराशि नही मिल सकी जब कि सैकड़ों लोगों का भुगतान कर दिया गया। उन्होंने बताया कि जब हम सब लोग अपनी समस्या के निराकरण के लिये ब्लाक पहुंचकर एडीओ पंचायत से मुलाकात की तो उनकी भाषाशैली हम सबको नागवार लगी ऐसी दशा में धनराशि मिलना सूर्य को दीपक दिखाने के समान है।  तालाब के जीर्णोद्धार में मनमानी की शिकायत ग्रामीणों ने एसडीएम से की

कारनामा नं. 4. ग्राम पंचायत टेढ़ई में चुनावी रंजिश के चलते आबादी के अंदर खोदवाया जा रहा तालाब
विकास खण्ड सिंहपुर की ग्राम पंचायत टेढ़ई में ग्राम प्रधान द्वारा चुनावी रंजिश के चलते आबादी के अंदर उस तालाब की खुदाई करवाई जा रही है जो कि पहले से ही आठ फुट गहरा है। गांव निवासी रामराज तिवारी ने तिलोई के एसडीएम को दिये गये शिकायती पत्र में लिखा है कि मेरे घर के सामने व तालाब के किनारे से लगभग दस बारह फुट का सार्वजनिक रास्ता करीब तीस वर्ष पुराना था जिसे चुनावी रंजिश के चलते ग्राम प्रधान द्वारा उक्त रास्ते को खोदकर रास्ता तालाब में मिला रहे हैं जिससे लोगो को आने जाने में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है। उक्त रास्ते से चार दर्जन परिवारों का आवागमन बना रहता है। प्रधान की मनमानी की कलई खोलते हुये शिकायतकर्ता ने बताया कि गांव में दर्जनों ऐसे तालाब है उन्हें न खोदवाकर आबादी के अंदर का ही तालाब क्यों खोदवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि तालाब की गहराई अधिक होने के कारण बच्चों व जानवरों को आये दिन खतरा बना रहेगा अगर कोई अप्रिय घटना घटित हो गयी तो उसका जिम्मेदार कौन होगा।

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