Wednesday, September 19, 2018
Follow us on
BREAKING NEWS
हरियाणा में सता का फाईनल बेशक दूर लेकिन सेमीफाईनल करीब,निगाहें अरविन्द केजरीवाल के इस दौरे पर टिकीगैंगरेप की घटना को लेकर इनसो के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने किया विरोध-प्रदर्शन, जताया रोषPartapgarh- खुुुलेे में शौच मुक्ति दिवस के रुप में मनाया गया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिनश्यामपुरा में दो दिवसीय खंड स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता संपन्नसब जूनियर नेशनल बॉक्सिंग प्रतियोगिता में सतनाली के खिलाडिय़ों ने जीते 2 सिल्वर, 1 ब्रॉन्जदरिंदगी की शिकार हुई छात्रा को न्याय दिलाने के लिए महाविद्यालय के विद्यार्थी उतरे सडक़ों पर25 सितंबर को मनाए जाने वाले सम्मान समारोह को लेकर चलाया जनसंपर्क अभियानमहम के गांव मेंऑनर किलिंग का मामला जला रहे थे लड़की का शव,ऑनर किलिंग का शक
Haryana

शिक्षक नहीं, कैसे हो पढ़ाई, शिक्षा मंत्री के गृहक्षेत्र के इस स्कूल को है शिक्षकों का इंतजार

सतनाली से प्रिंस लांबा की रिपोर्ट | July 10, 2018 07:58 PM
सतनाली से प्रिंस लांबा की रिपोर्ट

शिक्षक नहीं, कैसे हो पढ़ाई, शिक्षा मंत्री के गृहक्षेत्र के इस स्कूल को है शिक्षकों का इंतजार
साइंस की जगह मजबूरी में आर्ट पढ़ रहे हैं विद्यार्थी
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा फैल, बेटियों ने लगाई खट्टर सरकार से शिक्षक पूरे करने की लगाई फरियाद


सतनाली मंडी (प्रिंस लांबा)।

 

एक ओर जहां हरियाणा सरकार प्रदेश को शिक्षा का हब बनाना चाहती है। वहीं ऐसे अनेक सरकारी स्कूल हैं, जहां शिक्षक ही नहीं है, जिसके चलते छात्रों को साइंस की जगह मजबूरी में आर्ट की पढ़ाई करनी पड़ रही है। जिन छात्रों का सपना साइंस पढक़र कुछ बनाना था, वो अब शिक्षा के नाम पर मात्र औपचारिकता ही पूरी कर पा रहे हैं।

प्रदेश तो क्या, अगर शिक्षा मंत्री के गृहक्षेत्र में देखा जाए तो शिक्षा के क्षेत्र के खामियां ही खामियां हैं। न तो बच्चों को सुविधा मिल पा रही है और न ही शिक्षा। क्षेत्र के गांव सुरेहती पिलानियां स्थित राजकीय उच्च विद्यालय में पिछले वर्ष लगभग 500 विद्यार्थी शिक्षा गृहण कर रहे थे, परंतु स्कूल में शिक्षकों की कमी के चलते अब इस विद्यालय में 450 विद्यार्थी ही रह गए हैं। इन विद्यार्थियों का सपना ऊंची उड़ान भरने का था, लेकिन इनके होंसलों को शिक्षा विभाग की गलत निति ने कुचलकर रख दिया। इस राजकीय उच्च विद्यालय में पिछले डेढ़ वर्ष से वाणिज्य व अर्थशास्त्र, गणित विषय के लक्चरार तथा हिंदी व विज्ञान विषय के शिक्षक नहीं है। शिक्षकों के अलावा देखा जाए तो यह विद्यालय प्रधानाचार्य की भी कमी के चलते राम भरोसे चल रहा है।

अब आप ही अंदाजा लगा सकते हैं कि यहां बच्चे कैसी शिक्षा ले रहें होंगे और आगे चलकर इनका भविष्य क्या होगा? इस समस्या के चलते अब ग्रामीणों ने फैसला लिया है कि अगर सरकार समय रहते स्कूल में शिक्षकों की कमी पूरी कर देती है तो ठीक, वरना उन्हें मजबूरन स्कूल को ताला लगाना पड़ेगा। ऐसा नहीं हैं कि इस समस्या को लेकर इन्होंने कभी शिकायत ही न की हो। अब तक जिला शिक्षा अधिकारी, जिला उपायुक्त, शिक्षा मंत्री से लेकर मुख्य मंत्री तक शिक्षकों की कमी को लेकर ग्रामीण फरियाद कर चुके है, लेकिन गूंगी बहरी सरकार है की सुनने का नाम ही नहीं ले रही है।

बच्चों की माने तो स्कूल में गणित व विज्ञान के शिक्षक नहीं होने की वजह से उन्हें विज्ञान की जगह कला संकाय में पढऩा पड़ रहा है। अगर उनके स्कूल में शिक्षक पुरे हों तो वह अच्छे अंक लाकर स्कूल और गांव का नाम रोशन कर सकते हैं। अब देखना होगा की खट्टर सरकार इन बच्चों की फरियाद पर कितना ध्यान देती है या फिर इनका भविष्य अंधकार में ही रहेगा।

 


फोटो कैप्शन: राजकीय उच्च विद्यालय सुरेहती पिलानियां का दृश्य।

Have something to say? Post your comment
More Haryana News
गैंगरेप की घटना को लेकर इनसो के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने किया विरोध-प्रदर्शन, जताया रोष
श्यामपुरा में दो दिवसीय खंड स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता संपन्न
सब जूनियर नेशनल बॉक्सिंग प्रतियोगिता में सतनाली के खिलाडिय़ों ने जीते 2 सिल्वर, 1 ब्रॉन्ज
दरिंदगी की शिकार हुई छात्रा को न्याय दिलाने के लिए महाविद्यालय के विद्यार्थी उतरे सडक़ों पर
25 सितंबर को मनाए जाने वाले सम्मान समारोह को लेकर चलाया जनसंपर्क अभियान
महम के गांव मेंऑनर किलिंग का मामला जला रहे थे लड़की का शव,ऑनर किलिंग का शक
दिन-प्रतिदिन बढ़ रही आपराधिक घटनाओं ने हरियाणा को अंतराष्ट्रीय स्तर कर दिया शर्मसार
नांवा महापंचायत में पहुंचकर किसान दें अपनी एकता का परिचय: सांगवान
बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल 18वें दिन भी जारी, इनेलो ने जताया अपना समर्थन
दिल्ली विश्वविद्यालय में अभाविप छात्र संगठन ने छात्र संघ चुनावों में रिकॉर्ड मतों से दर्ज की जीत