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अमेठीः बारिस से पाली गांव के किसानो का फसल हुआ जलमग्न, लाखो का नुकसान,कैसे होगी किसानों की दो गुनी आय ?

August 09, 2018 10:14 AM
सुरजीत यादव

अमेठीः बारिस से पाली गांव के किसानो का फसल हुआ जलमग्न, लाखो का नुकसान,कैसे होगी किसानों की दो गुनी आय ?
अमेठी । जिले में पिछले दिनों हुई तेज बारिश से कई एकड़ धान की फसल डूब गई है। किसान तबाह हो गए हैं। किसानों की दिन-रात की मेहनत पर पानी फिर गया है। धान की रोपाई में लगा पैसा फसल के साथ डूब गया है। लोग आर्थिक तंगी झेलने के लिए मजबूर हैं। धान की नर्सरी भी खत्म हो गई है। ऐसे में दोबारा धान की रोपाई करना संभव नहीं हो पा रहा है। जिन किसानों की फसलें बारिश की भेंट चढ़ी हैं, वह ऊपर वाले को दुहाई देते हुए डूबी फसलों को नम आंखों से निहार रहे हैं।


डीजल इंजल से किया था किसानों ने धान की रोपाई     
कुछ दिन पहले तक किसान धान की रोपाई के लिए बारिश का इंतजार कर रहे थे। लेकिन बारिश न होने की वजह से मजबूरीवश किसानों ने डीजल इंजन से खेतों की सिंचाई कर धान की रोपाई किया। इसके बाद यह आस लगाए रहे कि हल्की बारिश होने पर फसलों की हरियाली बरकरार रहेगी। ज्यादा बारिश न हो, जिससे फसले डूब जाए। लेकिन किसानों की यह आस उस समय टूट गई। जब रुक-रुककर एक सप्ताह हुई हल्की ने बारिश दर्जनों किसानों के खेत पूरी तरह से जलमग्न कर दिया है।

ट्यूबेल भी गये डूब
रूक-रूक हुये बारिस से खेतों में चारों तरफ पानी ही पानी दिखाई देने लगा। फसल डूबने से किसान इस बात से दर्द में डूब गए कि उनकी मेहनत की फसल एक ही झटके में पानी में डूब गई और किसानो के ट्यूबवेल भी पानी मे डूब गये जिससे इंजन मे जंग लगने उसे बनवाने मे हजारो रूपये और खर्च होंगे इस चिंता किसान अधिक परेशान हैं। किसानों इस बात की समस्या अब सताने लगी कि धान की नर्सरी से धान की रोपाई तो कर दी, अब दूसरी बार बीज कहा से लाएंगे, जिससे पानी निकलने के बाद दूसरी बार धान की रोपाई कर सकेंगे। पाली गांव के अशर्फी पुत्र सीताराम  ने कहा कि बारिश के नाम पर इस गांव के दर्जनो किसानो के लिए आसमान से आफत की बरसात हुई है। किसी तरह खेतों की सिंचाई कर धान की रोपाई कराया था, लेकिन फसल पानी में डूब गई। बीज भी समाप्त होने से अब दोबारा कैसे फसल की बुआई होगी।

एक दर्जन किसानों ने सुनाया दर्द
पाली पूरे बोधी गांव के केशवराम ने बताया कि डीजल इंजन के सहारे किसी तरह धान की रोपाई कराया था। लेकिन परेशानी बढ़ गई । इसी तरह से पाली गांव अंतर्गत पूरे बोधी, पुरे कुर्मी, पूरे बढ़ाने आदि गांव के किसान माधव पुत्र करिया, साधव पुत्र करिया, रामनारायण, जय नारायण, जग प्रसाद, रामदेव, रामराज, रामकिशोर, गुरु बख्श, मोहम्मद उमर सहित दर्जनों किसान तबाह हुए हैं। लेकिन आपदा पीड़ित इन किसानों की आपदा प्रबंधन की ओर से कोई भी सुधि लेने नहीं आया है। जिससे कि इन पीड़ित किसानों को सरकारी मुआवजा मिल सके। इस तरह से कहा जा सकता है कि अन्नदाता किसान भारी बारिश होने की वजह से तबाह हुआ है। बहरहाल अब देखना है कि इन किसानों को आपदा प्रबंधन की ओर से कोई सहायता मिलती है या अन्नदाता ऐसे ही परेशान रहेंगे।

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