Monday, December 10, 2018
Follow us on
BREAKING NEWS
30 साल का लड़का प्रदेश की राजनीति में बहुत धमाकेदार एंट्री मार गया ,दुष्यंत ने चाचा अभय को जींद में दी मात कांग्रेस की सरकार आने पर नही रहेगी हल्के मे कोई भी समस्या बाकी : संदीप गर्गपॉजिटिव विचार है खुशहाल जीवन का आधार - ब्रहमाकुमार ओंकार चंदपृथला से जननायक जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अरविन्द भरद्वाज सेकड़ो गाडी और बसों को लेकर जींद रैली में पहुँचे।सादलपुर-सिवानी रूट पर आज ट्रेनें रहेगी बाधित आम जनता के लिए पर्याप्त ट्रेनें व बसें भी उपलब्ध नहीं करवा पा रही सरकारें, वीआईपी सुविधाओं पर इतना खर्च क्यों व कब तक ?भारत में दो प्रधानमंत्रियों को छोड़कर जितने भी प्रधानमंत्री हुए है वो मुस्लमान ही हुए है:दिनेश भारती बिजली निगमों के लिए दिसंबर माह एक ऐतिहासिक माह : शत्रुजीत कपूर
Political

जब नए सांसदों को राजनीतिक शुचिता का पाठ पढाने हरियाणा आए वाजपेयी

रणबीर रोहिल्ला | August 17, 2018 06:57 PM
रणबीर रोहिल्ला

जब नए सांसदों को राजनीतिक शुचिता का पाठ पढाने हरियाणा आए वाजपेयी
सूर्या साधना केंद्र, झिंझौली में आयोजित हुआ था तीन दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग
13 महीने चली सरकार की मजबूत नींव चाहते थे अटल बिहारी वाजपेयी

रणबीर रोहिल्ला, सोनीपत।

सरकारें आएंगी, सरकारें जाएंगी, पार्टियां बनेंगी, बिगडेंगी, लेकिन देश का लोकतंत्र जिंदा रहना चाहिए। भारत का लोकतंत्र अमर रहना चाहिए। महज 13 दिन की सरकार चलाने के अनुभव के बाद भाजपा के शिखर पुरूष अटल बिहारी वाजपेयी की रूह से निकले इन शब्दों पर वह हमेशा अटल रहे। वर्ष 1998 में एक बार फिर से प्रधानमंत्री पद पर आसीन होकर अटल बिहारी वाजपेयी दिल्ली से सटे सोनीपत में आए तो अपनी पार्टी के नए सांसदों को राजनीतिक शुचिता का पाठ पढाने के लिए।
वर्तमान मुख्यमंत्री मनोहर लाल के मीडिया सलाहकार राजीव जैन उन दिनों तत्कालीन मुख्यमंत्री बंसीलाल के मीडिया सलाहकार होते थे। वीरवार को दिल्ली में भाजपा के शिखर पुरुष एवं राष्ट्र सेवा में तल्लीन रहे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए निकले भावुक राजीव जैन बोले कि वाजपेयी जी ने अपने जीवन में इतनी चिंता सरकार की नहीं की, जितनी उनको राजनीतिक शुचिता की थी। 13 दिन की सरकार चलाने के कडवे अनुभव के बाद वर्ष 1998 में पुन: केंद्र में प्रधानमंत्री बनने के बाद अटल बिहारी वाजपेयी अपनी सरकार की नींव को मजबूत करना चाहते थे, हालांकि यह सरकार भी 13 महीने ही चल पाई थी। उन्होंने भाजपा की टिकट पर जीतकर लोकसभा पहुंचे सदस्यों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग दिल्ली के सटे सोनीपत के झिंझौली में आयोजित किया। सूर्या साधना केंद्र, झिंझौली में नए सांसदों के लिए प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने पूरा एक दिन का समय निकाला और उनकी विचारधारा और संबोधन का केंद्र बिंदु केवल राजनीतिक शुचिता रही। उनका मानना था कि आपसी राजनीतिक हितों की पूर्ति से देश का बडा नुकसान हो रहा है। बहुत से देशों के उदाहरण थे, जो भारत के बाद आजाद हुए और तत्कालीन दौर में भारत से अच्छी तरक्की कर रहे थे। आपसी हितों को छोडकर राष्ट्रसेवा की ओर बढने तथा देश को सशक्त बनाने के सपने को पूरा करने के लिए वाजपेयी ने सांसदों को निज हित का राष्ट्र हित में त्याग करने का आह्वान किया था। राजनीतिक शुचिता उनके जीवन चरित्र की रीढ थी, यही कारण है कि उन्होंने सत्ता को सेवा का माध्यम बनाने और अन्य लोकसभा सदस्यों को भी इस राह पर अग्रसर होने की राह दिखाई और पथ प्रदर्शक की अहम भूमिका निभाई।

Have something to say? Post your comment
More Political News
खट्टर को चित करने की तैयारी में आप - जात-पात की राजनीति के खिलाफ घर-घर जाकर चलाएंगे मुहिम
कैथल में राजनीतिक हलचल शुरू, दिसंबर के सर्द महीने में सियासी पारा हुआ गर्म !
उचाना से है दिल का रिश्ता-दुष्यंत चौटाला
कांग्रेस अभी भी सिंबल पर निगम चुनाव लड़ सकती है : अशोक तंवर
चाहे गोली चलाए, लाठी चलाए या जेल में डाल दे खट्टर सरकार जनता की आवाज उठाते रहेंगे : सुखवीर चहल
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष का लोकल बॉडी चुनावों मद्देनजर करनाल में जन सम्पर्क अभियान
भाजपा विकास कार्यों में विफल:संधू
दिल्ली की तर्ज पर हरियाणा का सुधार करेगी आप : मेहर सिंह बेदी
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर लगाया जातिवाद के जहर में डूबने का आरोप
भाजपा सरकार ने प्रदेश में लोकतंत्र की हत्या करने में कोई कसर नहीं छोड़ी : डॉ. अशोक तंवर