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बेरोजगारों के पैसों से होती थी अय्यासी, हजारों को बनाया ठगी का शिकार, करोड़ो लेकर फरार

सुरजीत यादव | October 04, 2018 06:27 PM
सुरजीत यादव

लखनऊ के इस प्लाजा में होती थी अय्यासी, हजारों बेराजगारों को लगाया चूना, करोड़ो लेकर फरार

लखनऊ । देश में बढ़ती बेरोजगारी का आलम ये है कि अब देश में जॉब के नाम पर स्कैम होने लगा है। आप जॉब की तलाश कर रहे होते हैं तो किसी ना किसी वेबसाइट पर अपना रिज्यूम डालते होंगे। उस वेबसाइट से आपका फोन नंबर लेकर आपको कॉल या मेसेज किया जाता है। कॉल या मेसेज कर आपको ऐसी जॉब बताई जाती है जिसे सुनकर आप इंटरव्यू के लिए जरुर जाना चाहते हैं। तब आपको नहीं बताया जाएगा कि आपको इतने पैसे देने होंगे। वहां जाने के बाद आपका फर्जी इंटरव्यू होता है। इंटरव्यू लेने वाली कोई सुंदर सी, हाई क्लास दिखने वाली महिला होगी। जिसे देखर आपको लगेगा कि ये किसी मल्टीनेशनल कंपनी की एचआर होगी। फिर आपसे कहा जाता है कि सिक्योरिटी के नाम पर पैसे जमा कीजिए। अगर आपने जमा कर दिया तो भी आपको जॉब नहीं मिलती।

ठीक वैसे की लखनऊ के इन्द्रानगर मुंशीपुलिया के पास प्राइम प्लाजा के आफिस नम्बर 410 में एक ऐसा ही स्कैम चल रहा था जो इन्द्रानगर पुलिस गाजीपुर क्षेत्राधिकारी एवं गाजीपुर पुलिस के जानकारी में चल रहा था। लेकिन जब पुलिस के ठगे गये लोगों के द्वारा शिकायतों का जत्था पहुॅचने लगा तो वहॉ की पुलिस ने बिना कार्यवाही किये डिजिटल फाउन्डेशन नाम की कम्पनी को भगा दिया।

  

क्या है पूरा मामला
ठगे गये शिकायतकताओं ने बताया कि भारतीय स्टैट बैंक का ग्राहक सेवा केन्द्र खोलने के लिए डिजिटल फाउन्डेश के कार्यालय, ऑफिस नं. 410, तृतीय तल, प्राइम प्लाजा, मुंशी पुलिया, इन्द्रा नगर लखनऊ में आवेदन किया था, डिजिटल फाउन्डेशन की मैनेजर अंशिका सह मैनेजर कोमल, एवं डिजिटल फाउन्डेश के हेड ऑफ डिमार्टमेन्ट गजेन्द्र सिंह की मौजूदगी में 26 फरवरी 2018 को 25000 रूपये का चेक डिजिटल फाउन्डेशन के नाम एवं 5000 रूपये नगद मैनेजर अंशिका को 26 फरवरी को ही दिया था। उक्त मैनेजर द्वारा बताया गया कि आपका कोड 45 दिन में एलॉट हो जायेगा। प्रार्था ने 45 दिन बाद फोन किया तो उक्त मैनेजर द्वारा ऑफिस आने के लिए कहा गया, शिकायत कर्ता डिजिटल फाउन्डेशन के ऑफिस गया तो उसे एक माह का समय लगने के लिए कह कर वापस कर दिया । प्रार्थी ने 5 जुलाई 2018 एक ऑफिस के मेल पर ई-मेल भेज कर पैसा वापसी के लिए निवेदन किया तो प्रार्थी को न को ई-मेल का जबाब दिया गया और न के आफिस के कर्मचारियों द्वारा फोन उठाया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने 10 जुलाई 2018 को पुनः ई-मेल किया की पैसा वापस कर दिया जाय तो जबाब आया कि ऑफिस जा कर अपना पैसा वापस ले लो तब शिकायतकर्ता ने 12 जुलाई को पुनः आफिस गया तो मैनेजर अंशिका द्वारा प्रार्थी को अभद्र शब्दो में धमकाया गया तब प्रार्थी को पता चला कि डिजिटल फाउन्डेशन के की मैनेजर द्वारा जालसाज किया गया। पैसा वापसी के लिए बार-बार मेल करने पर मोबाइल नं 7518201395 से फोन करके राहुल नाम के आदमी द्वारा पहले मेरा पैसा चेक द्वारा वापस करने के लिए कहा गया। बाद में राहुल नाम के आदमी को उसके मोबाइल नम्बर 7518201395 पर मेरे द्वारा फोन करने पर मुझे बताया गया कि 6 अगस्त को आफिस जा कर अंशिका मैडम से पैसा ले लो।

शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि बार-बार मैनेजर अंशिका को फोन करके पैसा मांगना चाहता है तो उनके पहले तो मोबाइल नं. 7518201381 पर पैसा वापसी के लिए करीब 50 बार से ज्यादा फोन करने पर फोन नहीं उठाया जा और जब फोन उठाया भी जाता है तो प्रार्थी को चिल्लाते हुये फोन करने से मना किया जाता है। पैसा वापसी के लिए प्रार्थी काफी परेशान हैरान है। शिकायत कर्ता ने जब 6 अगस्त को राहुल नाम के व्यक्ति द्वारा चेक लेने आफिस जाने के लिए कहा गया प्रार्थी 6 अगस्त को ऑफिस गया तो प्रार्थी को मैनेजर अंशिका, सहयोगी राहुल, कोमल, एवं गजेन्द्र सिंह द्वारा कहा गया कि अगर पैसे वापस मॉगे द्वारा लखनऊ से वापस अपने घर नहीं जा पाओगे। अर्थात् डिजिटल फाउन्डेशन कम्पनी की मैनेजर अंशिका एवं गजेन्द्र सिंह आदि द्वारा जान से मारने की धमकी दी गयी।

शिकातय कर्ता ने पीड़ित ने यह बताया कि जब इसकी शिकायत स्थानीय थाना गाजीपुर लखनऊ पुलिस एवं क्षेत्राधिकारी किया गया तो सुलह का दबाव बनाया गया एवं कहा गया कि तुम्हारा पैसा 25 अक्टूबर तक वापस कर दिया जायेगा ठीक उससे पहले कम्पनी लखनऊ शहर छोड़ कर भाग गयी है जिसमें पूरे देश से करीब हजारों लोगों को पुलिस संरक्षण ठगा गया डजिटल फाउन्डेशन कम्पनी का मालिक गजेन्द्र सिंह एवं नीतू सिंह है वहीं मैनेजर अंशिका, राहुल, अरविन्द, आदि द्वारा हजारों लोगों को इस स्कैम का शिकार बनाया गया ।

इस खबर के अन्य भाग अगले अंक में लगातार देखते रहे डिजिटल फाउन्डेशन से जुड़ी हर खबर

इस खबर से जुड़ी किसी जानकारी के लिए सम्पर्क करें मो. 9005909448

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