Sunday, October 21, 2018
Follow us on
BREAKING NEWS
माधोगढिय़ा सदन में किया गया माता के भव्य जागरण का आयोजनविदेशी वस्तुओं का बहिष्कार कर स्वदेशी दीपावली मनाने का दिया संदेशबाबा समताई नाथ गौशाला में धूमधाम से मनाया गया वार्षिकोत्सवडालनवास गांव के पूर्व सरंपच वीरपाल सिंह के पिता का निधनब्रेकिंग-पंजाब के अमृतसर से दशहरे के दिन बड़े हादसे की ख़बर ,शोक में बदलीं विजयदशमी की खुशियाँअहीर रेजिमेंट यादव समाज का स्वाभिमान व अधिकार, केंद्र सरकार जल्द से जल्द करे इसका गठन: कुलदीप यादवरोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में बिजली कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ किया विरोध-प्रदर्शनखालड़ा फेन जनसेवा ग्रुप द्वारा सम्मान समारोह में उत्कृष्ट खिलाडिय़ों को किया सम्मानित
Haryana

प्राचीन ग्रंथों में से एक है श्रीमद्भागवत, जो बताता है जीवन का महत्त्व: कुलदीप यादव

सतनाली से प्रिंस लांबा की रिपोर्ट | October 07, 2018 06:31 PM
सतनाली से प्रिंस लांबा की रिपोर्ट

महेंद्रगढ़ में किया गया श्रीमद्भागवत गीता का आयोजन, पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालु
प्राचीन ग्रंथों में से एक है श्रीमद्भागवत, जो बताता है जीवन का महत्त्व: कुलदीप यादव


महेंद्रगढ़ (प्रिंस लांबा)।

 

रविवार को शहर में श्रीद्भागवद कथा का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यातिथि के रूप में सरताज जनसेवा ग्रुप पीआरओ कुलदीप यादव उपस्थित रहे। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कथा का मनन किया।

इस अवसर पर कुलदीप यादव ने उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे जीवन में धर्म-कर्म का बहुत महत्त्व होता है क्योंकि यहीं हमें जीवन का आधार प्रदान करते हैं। भारत एक धार्मिक देश है। यहां के प्राचीन ग्रंथ हमें स्वच्छ जीवन जीने, सत्य व अहिंसा का पाठ पढ़ाते हैं। इन्हीं प्राचीन ग्रंथों में से एक है श्रीमद्भागवद, जो प्रत्येक व्यक्ति को जीवन का महत्त्व बताता है। इसमें लिखा है कि हे मानव, तू किस बात का घमंड करता है। खाली हाथ आया था और खाली हाथ ही चला जाएगा। जो आज तुम्हारा है, कल किसी और का था तथा परसों किसी और का होगा। इसीलिए, जो कुछ भी तू करता है, उसे ईश्वर को अर्पण करता चल।

उन्होंने कहा कि भागवद पुराण हिंदुओं के 18 पुराणों में से एक है। इसका मुख्य विषय भक्ति योग है। इस पुराण में भगवान श्रीकृष्ण को सभी देवों का देव या स्वयं भगवान के रूप में वर्णित किया गया है। इसके अतिरिक्त भागवद पुराण में भक्ति का निरूपण भी किया गया है। परंपरागत तौर पर भागवद पुराण के रचयिता महर्षि वेदव्यास को माना जाता है। भगवान की विभिन्न कथाओं के सार का श्रीमद्भागवद महापुराण मोक्ष प्रदान करने वाला है। श्रीमद्भागवद कथा सुनने से प्राणी की मुक्ति हो जाती है और वह इस जन्म-मरण के चक्र से मुक्त हो जाता है। इस मौके पर उन्होंने युवाओं को अपनी संस्कृति के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि आज हम पर पाश्चात्य संस्कृति का जोर है तथा हम अपने संस्कारों व प्राचीन संस्कृति को भूलते जा रहे हैं। प्रत्येक युवा को आगे बढक़र अपनी संस्कृति का संरक्षण करना होगा तभी संस्कारों को जीवित रखना संभव है।

Have something to say? Post your comment
More Haryana News
माधोगढिय़ा सदन में किया गया माता के भव्य जागरण का आयोजन
विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार कर स्वदेशी दीपावली मनाने का दिया संदेश
बाबा समताई नाथ गौशाला में धूमधाम से मनाया गया वार्षिकोत्सव
डालनवास गांव के पूर्व सरंपच वीरपाल सिंह के पिता का निधन
अहीर रेजिमेंट यादव समाज का स्वाभिमान व अधिकार, केंद्र सरकार जल्द से जल्द करे इसका गठन: कुलदीप यादव
रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में बिजली कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ किया विरोध-प्रदर्शन
खालड़ा फेन जनसेवा ग्रुप द्वारा सम्मान समारोह में उत्कृष्ट खिलाडिय़ों को किया सम्मानित
दुर्गा अष्टमी पर कन्या पूजा व भोजन ग्रहण करने के लिए श्रद्धालु ढूंढ़ते रहे कन्याएं!
जयकरण शास्त्री नांगलमाला को मिलेगा बुलंद आवाज अवार्ड, 2018
पहाड़ी माता का विशाल जागरण आज