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राजस्थान की मदर इंडिया के नाम से जानने वाली मनन किसी लेडी सिंघम से कम नहीं

कमलेश शर्मा | February 07, 2017 06:44 PM

पत्रकार कमलेश शर्मा की स्पेशल रिपोर्ट 

राजस्थान की मदर इंडिया के नाम से जानने वाली मनन किसी लेडी सिंघम से कम नहीं...........

"माँ शब्द का दुसरा नाम है मनन"

122 अनाथ बच्चों को सनाथ कर दिया माॅ का आचॅल........
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जयपुर । माॅ शब्द अपने आप में एक प्रभावशाली नाम है, जिसकी कोई परिभाषा नहीं दे सकता है, इतना ही नहीं इस नाम के आगे भगवान भी नक्मस्तक होते हैं।जिसके कारण आज भारत वर्ष में नारी का समाज मे सम्मान ही नहीं अपितु उन्हें पूजा भी जाता है । ऐसी ही एक महिला जो रात दिन सिर्फ अनाथ बच्चों को लेकर परेशान रहती हैं जी हाँ हम बात कर रहे हैं राजस्थान बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष मनन चतुर्वेदी की, जिसने अपना पुरा जीवन अनाथ बच्चों के ऊपर न्योछावर कर दिया ।आज के समय मे जहाँ एक और लोगों के पास एक असहाय अनाथ बच्चा रोटी माँगने आ जाता है तो बहुत से लोग उसे भिखारी शब्द से सम्बोधन कर के भगा देते हैं वही दुसरी और मनन चतुर्वेदी को लावारिस नवजात की सूचना मिलते ही वहाँ बिना समय गंवाये पहुँच जाती है इतना ही नहीं उस लावारिस नवजात को वह महिला अपने घर लाकर उसका लालन पालन अपने बेटे की तरह करती है। आज के युग जहाँ माँ बाप से दो बच्चे पलना मुश्किल हो रहे है वही ये महिला लगभग 122 बच्चों का लालन पालन करती है जिन बच्चों ने कभी अपने माॅ बाप नहीं देखे ,आज वो बच्चे मनन को किसी भगवान से कम नहीं मानते है।
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बीस साल से पाल रही है अनाथ नवजात बच्चों को...........
राजस्थान में माॅ के नाम से विख्यात मनन चतुर्वेदी लगभग बीस साल से अनाथ बच्चों को अपने आचॅल के साये में पाल रही है। जानकारी के अनुसार मनन इससे पहले डिजाइनर हुआ करती थी। कालेज के टाइम से ही देश भक्ति की बड़ी बड़ी बाते करने वाली यह महिला आज अपने आप में युवा शक्ति के लिए मिशाल बन गई। कहते हैं कि मनन आज के बीस साल पहले किसी फैशन डिजाइनिंग शौ में जा रही थी। जिस दौरान रास्ते में एक छोटी बच्ची सडक पर कांप रही थी । जिसे देख कर मनन की रूह कांप गई और अपने फैशन डिजाइनिंग शौ को छोड कर उस बच्ची के पास ही रूक गई और जब मनन को इस बात का पता चला कि यह अनाथ है तो वह उसे अपने साथ घर ले आई। और इसी के साथ मनन की जिंदगी का एक नया मोड चालू हो गया । तब से जब भी मनन को किसी लावारिस नवजात की सूचना मिलती तो वह उसे अपने साथ ले आती, और इस तरह करते करते मनन के परिवार में लगभग 122 बच्चों की संख्या बढ गयी।
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देश की बेटियों को कली नहीं चिंगारी बनना होगा.........
देश में आज चारों तरफ असामाजिक तत्वों के द्वारा बेटियों को बुरी नजर से देखा जाता है, इतना ही नहीं कुछ हैवानों के द्वारा तो छोटी छोटी लडकियों को अपनी हवस का शिकार तक बना लिया जाता है।जिसके चलते मनन ने देश की बेटियों को आव्हान करते हुए कहा कि समाज में चल रहे घिनौने कृत्य को रोकने के लिए देश की बेटियों को कली नहीं चिंगारी बनना होगा। ताकि जो देश की बेटियों की अस्मत को कुचलने की कोशिश करे ,तो देश की बेटियाँ चिंगारी से शोला बन कर उस हैवान को भस्म कर सके।शेरनी की दहाड की तरह निकलते मनन के शब्द चौमू कन्या महाविधालय की लडकियों के जहन में ऐसे उतरे की कालेज की सभी छात्राओं ने खड़े हो कर वंदे मातरम के नारे लगा कर मनन के उदभोदन का सम्मान किया। जिसे देख लग रहा था कि अगर देश की बेटियों में ही अगर क्रांति की चिंगारी जलाने का प्रयास किया जाए तो देश में छोटी छोटी बच्चियों के साथ हो रहे दुष्कर्म पर खुद ब खुद अंकुश लगाया जा सकता है।
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राजस्थान की मदर इंडिया के नाम से जानने वाली महिला मनन किसी लेडी सिंघम से कम नहीं है .......

जहां एक और मनन चतुर्वेदी राजस्थान की मदर इंडिया के लिए के नाम से जानी जाती है । वही दुसरी ओर इसके दुसरे दुर्गा रूपी रूप देदेखने के बाद यह महिला किसी लेडी सिंघम से कम नहीं लगती है, किसी भी दुष्कर्म के आरोपी को सजा दिलाने में इस महिला का अहम योगदान रहा है । वही नाबालिग बच्चों के मामले में भी यह महिला जल्द गर्म हो जाती है । मनन की इस कार्यशैली को देखते हुए भाजपा सरकार ने इन्हें राजस्थान की बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष के पद का कार्यभार सौंपा। जिसे यह महिला बखूबी निभा रही हैं।

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