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आचरण की मनुष्य की सच्ची दौलत: सुदीक्षा सरस्वती

संजय गर्ग | April 29, 2017 05:19 PM
संजय गर्ग
आचरण की मनुष्य की सच्ची दौलत: सुदीक्षा सरस्वती
लाडवा, 29 अप्रैल (संजय गर्ग): संत देवी सुश्री सुदीक्षा सरस्वती जी महाराज ने कहा कि किसी भी व्यक्ति का आचरण ही उसकी दौलत है। उन्होंने कहा कि भगवान की उन पर विशेष कृपा दृष्टि रहती है, जिनका आचरण शुद्ध एवं पवित्र रहता है। जिनका आचरण शुद्ध नहीं वह चाहे कितनी भी भगवान की भक्ति क्यों न कर लें, लेकिन भगवान श्रीराम उनकी भक्ति कभी कबूल नहीं करते और न ही ऐसे लोगों से खुश होते हैं। इसलिए यदि भगवान श्रीराम की कृपा पाना चाहते हो तो अपने आचरण में शुद्धता व पवित्रता रखें।
संत देवी सुदीक्षा सरस्वती जी महाराज शनिवार को लाडवा की ब्राह्मणों वाली धर्मशाला में पांचवें दिन की श्रीराम कथा सुना रही थी। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने पूरा जीवन आदर्शों की स्थापना में लगा दिया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लेकर हमें अपने समाज में फैली कुरीतियों को खत्म करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कथा सुनाते हुए कहा कि भगवान श्रीराम की नजर में एक छोटे से छोटा कीट और बड़े से बड़ा जीव एक समान है। वह भावना देखते हैं और प्राणी की भावना से ही उसकी उनके प्रति भक्ति अनुमान भी लगा लेते हैं। उन्होंने कहा कि जब बार-बार तीर छोडऩे पर भी रावण की मृत्यु नहीं हो रही थी तो भगवान श्रीराम विभिषण से इसका राज पूछा। विभिषण जब भगवान श्रीराम के कान में रहस्य बताने लगे तो रावण विभिषण को राज बताते देख उबल पड़ा। वह समझ गया था कि विभिषण उसकी मृत्यु का राज भगवान श्रीराम को बता रहा है। इस पर विभिषण को बोला की ठहर राम से तो बाद में ही निपटूंगा, पहले तुझे ही देखता हूं। यह कहकर रावण ने विभिषण पर शक्ति बाण छोड़ा, लेकिन भगवान श्रीराम ने विभिषण को पीछे धकेल इसका प्रहार अपने उपर ले लिया। यह देख न केवल रावण, बल्कि विभिषण भी अचंभित रह गया और इसके पश्चात रावण को मारकर धर्म की स्थापना की। वहीं ब्राह्मण सभा के प्रधान सोमप्रकाश ने बताया कि रविवार को धर्मशाला परिसर में कथा के समापन पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। वहीं राज्यसभा सांसद रामकुमार कश्यप अंतिम दिन की कथा में मुख्यातिथि के रुप में शिरकत करेंगे। इस मौके पर ब्राह्मण सभा के प्रधान सोम प्रकाश शर्मा, पं. जगदीश राम शर्मा,  प्रदीप गर्ग, अशोक पपनेजा, जितेंद्र शर्मा, विनोद गर्ग, सुनील गर्ग, बिजेश शर्मा, पवन बंसल, पवन कंसल, सुरेश शर्मा, रोकी शर्मा, महेश गोसांई, जसवंत अरोड़ा, राज किशोर शर्मा, नीरज गुप्ता, श्यामलाल बंसल, सुभाष चंद लाठीधनौरा, नीरज गर्ग, कौशल सिंगला, शशि गोयल, अंजु अग्रवाल सहित भारी संख्या में भारी संख्या में सहारनपुर, तरावड़ी, शाहबाद समेत कई अन्य स्थानों से आए श्रद्धालुओं उपस्थित थे।
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