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गोड्डा सांसद निषिकांत दूबे की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिषा) की समीक्षात्मक बैठक आयोजित

एएच ब्यूरो | May 07, 2017 08:57 PM
एएच ब्यूरो
गोड्डा सांसद  निषिकांत दूबे की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिषा) की समीक्षात्मक बैठक आयोजित
देवघर (ब्यूरो )आज देवघर परिसदन में गोड्डा सांसद  निषिकांत दूबे की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिषा) की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई; जिसमें देवघर उपायुक्त श्री अरवा राजकमल, देवघर विधायक श्री नारायण दास, उपविकास आयुक्त,  नगर आयुक्त, तथा नगर परिषद सदस्य देवघर एवं मधुपुर के साथ-साथ संबंधित विभाग के पदाधिकारी शामिल हुए।
सर्वप्रथम सांसद महोदय ने कहा कि पिछली बार की बैठक का सबसे बड़ा फायदे ये हुआ कि बी0डी0ओ0 द्वारा हर पंचायत में जाकर वहां जनता दरबार लगाया गया; जिसका यह फायदा हुआ कि लोगों की परेषानियां तो कम हुई ही साथ हीं 123 पंचायतों में बी0डी0ओ द्वारा जनता दरबार लगाकर लोगो की समस्याओं को सुना गया एवं समाधान निकाला गया। बांकी के 71 पंचायतों में भी बहुत जल्द जनता दरबार लगाकर लोगों की परेषानियों को दूर करने का काम किया जायेगा। 
माननीय अध्यक्ष द्वारा मनरेगा के तहत देवघर जिला अन्तर्गत चल रही योजानाओं की जानकारी ली गई और पूर्व में दिये गये आदेषों की विस्तृत जानकारी ली गयी; जिसमें उपविकास आयुक्त ने बताया कि मनरेगा अन्तर्गत अद्यतन कुल 138462 मनरेगा-श्रमिकों में से 97.56 प्रतिषत श्रमिकों का आधार एवं 98.47 प्रतिषत श्रमिकों का बैंक खाता संग्रहित कराते हुए इसकी एम0आई0एस0 प्रविष्टि कर ली गयी है। शेष श्रमिकों का आधार एवं बैंक खाता संग्रहित किया जा रहा है, जिसे एक माह के अंदर पूर्ण कराने का लक्ष्य रखा गया है। जानकारी दी गयी कि मनरेगा अन्तर्गत विभिन्न योजनाओं में प्रयुक्त मस्टर रौल में श्रमिकों का नाम एवं योजना की विवरणी देवनागरी लिपि में तैयार करने की प्रक्रिया आरम्भ की जा चुकी है। माननीय अध्यक्ष द्वारा मनरेगा एवं भूमि संरक्षण विभाग अंतर्गत जे0सी0बी0 के तहत् कार्यान्वित की जा रही डोभा निर्माण की जानकारी ली गई। साथ हीं पानी की किल्लत को देखते हुए देवघर जिला में मनरेगा के तहत और भी कूंआ बनवाने की बात कही गई और डोभा की जगह मेठबंदी करवाने पर जोर दिया जाय।
माननीय अध्यक्ष द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में सरकार से प्राप्त लक्ष्य के अनुरूप लाभुकों का चयन ग्राम सभा या आम सभा द्वारा कर लिया गया है और वित्तीय 2016-17 के दौरान कुल 7012 भौतिक लक्ष्य के विरूद्ध कुल 5996 आवास अर्थात 86 प्रतिषत जी0पी0एस0 सिस्टम से फोटो अपलोड किया जा चुका है। शेष का कार्य प्रगति पर है। 
उपविकास आयुक्त द्वारा बतलाया गया कि जियो टेगिंग के पश्चात आॅनलाईन आवास की स्वीकृति दी जा रही है। साथ हीं सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को निदेष दिया गया है कि सभी कार्यान्वित योजनाओं को जल्द से जल्द पारदर्षिता के साथ जी0पी0एस0 सिस्टम के तहत फोटो अपलोड करें।
माननीय अध्यक्ष द्वारा पिछले बैठक में निदेष दिया गया था कि सभी गांवो में ग्रामसभा करते हुए अयोग्य एवं योग्य लाभुकों की सूची तैयार कर तथा अत्यंत गरीबों को प्राथमिकता देते हुए पहले उनलोगों को कार्ड मुहैया कराया जाय; जिसके तहत सभी प्रखण्डों से 11233 योग्य परिवारों का सत्यापन ग्राम सभा से करा लिया गया है। वहीं बायोमैट्रिक्स सिस्टम लागू होने के बाद से कुल 11714 परिवार ऐसे मिले हैं; जो अब तक अपना राषन अपने जिले या प्रखण्ड के डीलरों से नहीं लिये है। ऐसे परिवारों के खिलाफ 15 दिनांे के अंदर नोटिस भेज कर कारण बताने को कहा जायेगा अन्यथा सूची से इनका नाम काटकर उचित कार्रवाई की जायेगी।
माननीय अध्यक्ष द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों  एवं इनके भवन की समीक्षा की गयी; जिस्में देवघर जिला अन्तर्गत 1161 आंगनबाड़ी केंन्द्र संचालित हैं; जबकि 386 आंगनबाड़ी केन्द्र भवन नहीं रहने के कारण किराये के मकान में संचालित है। वर्ष-2016-17 हेतु मनरेगा-अभिषरण के तहत् कुल 220 आंगनबाड़ी केन्द्र के लिए भूमि चिन्हित करने के लक्ष्य के विरूद्ध अबतक कुल 138 भवनहीन आंगनबाड़ी केन्द्र के लिए भूमि चिन्हित कर विभाग को स्वीकृति हेतु अग्रसारित किया जा चुका है। लक्ष्य के अनुरूप शेष 82 भवनहीन आंगनबाड़ी केन्द्र के लिए भूमि चयन प्रक्रियाधीन है। साथ हीं आंगनबाडी केन्द्रों में भी बायोमैट्रिक्स मषीन लग जाने की बात कही गयी और आंगनबाड़ी केंन्द्र बंद पाये जाने पर उपायुक्त को कड़े कदम उठाने का निदेष दिया गया। आंगनबाड़ी केन्द्रों के रसोई की स्थिति जानने के लिए उन्होने सभी केन्द्रों के रसोईघर का विडीयो एवं फोटो अपलोड करने का आदेष दिया। साथ हीं ऐसे बच्चे जिनका नाम स्कूल में भी एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में भी है ऐसे 395 बच्चों का नाम आंगनबाड़ी केन्द्रों से काटने का आदेष दिया गया।
स्कूलों में षिक्षकों की कमी की भी समीक्षा की गयी। साथ हीं गुणवता पर भी विषेष ध्यान देने पर जोर दिया गया। वहीं ‘‘स्कूल चलें चलाएं’’ अभियान के तहत ड्राॅपआउट 4272 बच्चों को विद्यालय से जोड़ने की जानकारी दी गयी। सभी सरकारी स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में रसोईघर, चापाकल एवं शौचालय पर विषेष ध्यान देने की बात कही गयी ओर जिला षिक्षा अधीक्षक एवं समाज कल्याण पदाधिकारी को सभी का निरीक्षण कर उपविकास आयुक्त को वाट्स एप्प के माध्यम से प्रतिवेदन भेजने का निदेष दिया गया। 
माननीय अध्यक्ष महोदय द्वारा कार्यपालक अभियन्ता राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमण्डल 333 गुणवता में अनियमितता की षिकायत पर पथ की जांच हेतु पुनः सेन्ट्रल टीम को भेजते हुए सचिव, पथ निर्माण विभाग, झारखण्ड, रांची को भी भेजते हुए प्रतिलिपि मुख्य सचिव, झारखण्ड, रांची को भेजने का निर्देष दिया गया। इस क्रम में कार्यपालक अभियन्ता राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमण्डल, देवघर ने अपने पत्रांक 169 दिनांक 17.02.2017 द्वारा प्रतिवेदित किया है कि जिलान्तर्गत एन0एच0 333 के 94 किमी0 से 131 किमी में चल रहे कार्य के गुणवता से संबंधित जांच सचिव पथ निर्माण विभाग झारखण्ड रांची द्वारा दिये गये निदेष के आलोक में विषेष जांच दल (केंन्द्रीय प्रयोगषाला प्रमण्डल गुण नियंत्रण निदेषालय रांची) ंद्वारा 27.12.2016 एवं 28.12.2016 को किया गया है। जांच दल द्वारा जी0एस0बी तथ डब्लू एम0एम0 का संपादित कार्य संतोषजनक पाया गया।
अध्यक्ष महोदय द्वारा बताया गया कि पहले बी0एस0एन0एल के 199 नेटवर्किंग टावर थे और बेहतर नेटवर्क के लिए 118 टावर लगा दिये गये है। साथ उन्होंने के शहर के तीन-चार जगहों को चिन्हित कर वाई-फाई जाॅन बनाने की बात कही।
प्रधानमंत्री ग्रामीण योजना का समीक्षा कें क्रम माननीय अध्यक्ष द्वारा बताया गया कि 2012-13 ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य मामले, कार्य प्रमण्डल, देवघर की जाँच हेतु सेन्ट्रल निगरानी कमेटी को पुनः अनुरोध पत्र भेजने का नि�%B
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