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‘हांगकांग जैसे सुंदर शहर में मेरा यह पहला दौरा है और मैं यहां के इन्फ्रास्ट्रक्चर से काफी प्रभावित हुआ हूं।’-मनोहर लाल

राजकुमार अग्रवाल | May 24, 2017 09:14 PM
राजकुमार अग्रवाल

चण्डीगढ़, 24 मई- हरियाणा, जो उद्यमियों के लिए अवसरों की भूमि है और यह निवेश के लिए बेहतर इको-सिस्टम भी प्रदान करता है। राज्य में सभी उद्योगों को उभरने के लिए पानी, बिजली, इन्फ्रास्ट्रक्चर और सिंगल विंडो क्लीयरेंस जैसी सुविधाएं दी जाती हैं और प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों के अंदर बड़े स्तर पर निवेश करने की क्षमता है और राज्य निवेश के लिहाज से एक आदर्श स्थान है।
यह जानकारी आज हांगकांग में इन्वेस्ट हरियाणा रोड शो के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उद्योग और निवेश से जुड़े बड़े उद्योगपतियों के लगभग 100 लोगों को सम्बोंधित करते हुए दी। उन्होंने कहा कि ‘हांगकांग जैसे सुंदर शहर में मेरा यह पहला दौरा है और मैं यहां के इन्फ्रास्ट्रक्चर से काफी प्रभावित हुआ हूं।’
मुख्यमंत्री, जो नौ सदस्यीय प्रतिनिधिमण्डल के साथ सिंगापुर और हांगकांग की यात्रा पर हरियाणा को निवेश के रूप में गंतव्य स्थान बनाने की दिशा के तहत गए हुए हैं, गत रात्रि हांगकांग पहुंच गए हैं। इस प्रतिनिधिमण्डल के सदस्यों में उद्योग मंत्री विपुल गोयल और एचएसआईआईडीसी के प्रबन्ध निदेशक डॉ० राजा शेखर वुंडरू भी रोड शो में उपस्थित थे।
रोड शो के दौरान निवेशकों को सम्बोंधित करते हुए उन्होंने कहा कि हरियाणा क्रेन, एक्सकावेटर, कार, दोपहिया, फुटवियर और वैज्ञानिक उपकरणों इत्यादि के निर्माण में अग्रणी है और हरियाणा को भारत में विकसित और औद्योगिक राज्यों में गिना जाता है। हरियाणा इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट सिटी, हैल्थ केयर और मेडिकल एजुकेशन, कौशल विकास, इलैक्ट्रॉनिक्स हार्डवेयर विनिर्माण, एयरोस्पेस और डिफेंस, मास रैपिड ट्रांसपोर्ट इत्यादि क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। राज्य को भौगोलिक दृष्टि से भी बहुत लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की जनता औद्योगिक रूप से जुड़ी हुई है और राज्य के युवा काफी जोश और कौशल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि, ‘दोस्तों, उद्योग की वृद्धि के लिए हरियाणा बहुत बेहतर इको-सिस्टम प्रदान करता है और मैं आप सभी को हरियाणा में निवेश करने के लिए आमंत्रित करता हूं। हमने आप लोगों की सुविधा के लिए रिलेशनशिप मैनेजर भी नियुक्त किये हैं, जो पूरी परियोजना में मदद करेंगे। मैं आप सभी को हमारा बिना रूकावट का उद्योग वातावरण और मेरी सरकार की सहायता के लिए सुनिश्चित करता हूं।’
भौगोलिक रूप से हरियाणा एक छोटा राज्य है जो देश की कुल क्षेत्र का 1.3 प्रतिशत है, परंतु अर्थव्यवस्था में लगभग 4 प्रतिशत का योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्य राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को तीन तरफ से छूता है जिसका काफी लाभ मिलता है और यह राज्य राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अंतर्गत 57 प्रतिशत तक आता है। उन्होंने कहा कि बड़े राज्यों में हरियाणा की प्रतिव्यक्ति आय सर्वाधिक और ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति खर्च में भी राज्य अग्रणी राज्यों में है। इससे यह प्रतीत होता है कि हरियाणा की अर्थव्यवस्था आय में भी अधिक है और खर्च में भी अधिक है। हरियाणा की जीडीपी 8 प्रतिशत की वार्षिक की दर से बढ़ रही है। आज, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था में 86 प्रतिशत तक योगदान दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी देश के अन्य स्थानों के कनैक्टिविटी एयर, रेल व सडक़ मार्ग के माध्यम काफी बेहतर है। उन्होंने कहा कि राज्य से 15 राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरते हैं, जो देश के अन्य स्थानों के साथ कनैक्टिविटी प्रदान करते हैं। राज्य की कानून व्यवस्था बेहतर है जो उद्योगों को पनपने और बढऩे के लिए वातावरण प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि राज्य के पास लैण्ड बैंक है जो 24 घंटे उद्योगों के लिए बिजली की मांग को भी पूरा करता है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानदंडों का इन्फ्रास्ट्रक्चर सृजित करना हमारी विशेष प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राज्य लगातार कनैक्टिविटी में सुधार कर रहा है और बिजली तथा पानी आपूर्ति की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ-साथ सामाजिक इन्फ्रास्ट्रक्चर स्कूल, अस्पताल और अन्य केन्द्रों को शामिल है।
कुण्डली-मानेसर-पलवल एक्सप्रैस-वे निर्माणाधीन है, जो दिल्ली के पश्चिमी ओर से हरियाणा को देश के अन्य स्थानों से बिना यातायात जाम के जोडऩे के लिए सीधी कनैक्टिविटी की सुविधा प्रदान करता है। यह एक प्राथमिक परियोजना है, जो आगामी दिसम्बर, 2017 तक पूरी कर ली जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल कोरिडोर की परियोजना बन चुकी है, जिसका 135 किलोमीटर का रूट हरियाणा में है और जो नये अवसरों को प्रदान करेगा। इसके अलावा, विभिन्न मैट्रो रेल परियोजनाएं चल रही हैं, जिनमें दिल्ली मैट्रो का विस्तार हरियाणा के शहरों तक शामिल है, उनमें गुरुग्राम, फरीदाबाद और बहादुरगढ़ है। इससे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के साथ हरियाणा की कनैक्टिविटी तेज और सीधी सुनिश्चित होगी।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में इन कोरिडोर के माध्यम से जीवन की गुणवत्ता में वृद्धि होगी और सडक़ों में काफी संख्या में वाहनों की कमी आएगी और यातायाम जाम तथा प्रदुषण स्तर में भी कमी होगी। उन्होंने कहा कि हमने राष्ट्रीय और राज्यीय हाईवे के अपग्रेडेशन को लिया है तथा नई इंटरसिटी कनैक्टिविटी और इंटरासिटी कनैक्टिविटी परिवहन इत्यादि शामिल है। उन्होंने कहा कि आज के वातावरण में, जहां सभी राज्य निवेश को आकर्षित करने के लिए एक दूसरे के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं, उसमें उद्योग सुविधाओं की भूमिका कठिन हो जाती है। उन्होंने कहा कि हमने इको-सिस्टम को सृजित करने पर बल दिया है, जिसमें ईज आफ डूईंग बिजनेस की शुरूआत की है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सिंगल रूफ आनलाइन स्वीकृति प्रणाली स्थापित की है, जिसके तहत हरियाणा इंटरप्राईज प्रोमोशन सेंटर उद्यमियों को समयबद्ध तरीके से स्वीकृतियों को प्रदान करने की सुविधा मुहैया करवा रहा है। ऐसे सभी स्वीकृतियों को प्रदान करने के लिए 18 विभागों के सशक्त अधिकारी एक छत के नीचे बैठते हैं और सभी स्वीकृतियां 45 दिनों के भीतर देने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा कौशल विकास मिशन की शुरूआत युवाओं को रोजगारपरक बनाने के लिए की गई जो एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य युवाओं में कौशल देने का है और उन्हें रोजगारपरक बनाने का है। उन्होंने कहा कि राज्य में एक कौशल विकास विश्वविद्यालय भी स्थापित किया जा रहा है। इसके अलावा, निजी क्षेत्र को कौशल प्रशिक्षण मुहैया करवाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य हरियाणा को अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धात्मक गंतव्य स्थान बनाने का है और हम राज्य को कोरपोरेट कैपिटल, एक औद्योगिक गंतव्य, एक आवासीय और मनोरंजन केन्द्र बनाना चाहते हैं, वहीं विनिर्माण, सेवाओं, ज्ञान के क्षेत्रों में राज्य में बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि हरियाणा को आने वाले सालों के दौरान एक गंतव्य स्थान बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने विनिर्माण, पर्यटन, लॉजिस्टिक, हॉलसेल बाजार इत्यादि महा परियोजनाओं के मद्देनजर महानिवेश योजना की शुरूआत की है, जिसमें कम से कम 500 एकड़ भूमि और एक बिलियन डॉलर का निवेश होगा। ऐसी परियोजनाओं को विशेष महत्व दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि दिल्ली-मुम्बई औद्योगिक कोरिडोर बनाया जा रहा है, जिसमें हरियाणा को तीन बड़ी इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं मिली हैं, उनमें गुरुग्राम और मानेसर-बावल औद्योगिक क्षेत्र के बीच मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम, दक्षिण हरियाणा में एकीकृत मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब और ग्लोबल सिटी शामिल है। इन परियोजनाओं में भी निवेश की आपार संभावनाएं हैं।
उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में एनडीए सरकार ने पिछले 20 महीनों में विकास को नई राह दी है। इन नये कार्यक्रमों में मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्मार्ट सिटी और अमरूत जैसी योजनाएं क्रियान्वित की गई हैं, जिससे विश्व में भारत की नई पहचान बनी है। आज, पूरा विश्व भारत में विश्वास करता है कि देश का भविष्य उज्जवल है और यह निवेश के लिए उत्तम स्थान है। बड़े देशों की विभिन्न अंतरराष्ट्रीय कम्पनियां भारत में अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए अपनी इच्छा जता रही हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा द्वारा उठाए गए प्रगतिशील कदमों के तहत मुझे स्वयं आप सभी को यह बताने का अवसर प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा, जो गीता की जन्मस्थली है, देश के पुर्नउदार में एक ठोस भूमिका निभा रहा है।

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