Wednesday, September 19, 2018
Follow us on
BREAKING NEWS
हरियाणा में सता का फाईनल बेशक दूर लेकिन सेमीफाईनल करीब,निगाहें अरविन्द केजरीवाल के इस दौरे पर टिकीगैंगरेप की घटना को लेकर इनसो के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने किया विरोध-प्रदर्शन, जताया रोषPartapgarh- खुुुलेे में शौच मुक्ति दिवस के रुप में मनाया गया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिनश्यामपुरा में दो दिवसीय खंड स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता संपन्नसब जूनियर नेशनल बॉक्सिंग प्रतियोगिता में सतनाली के खिलाडिय़ों ने जीते 2 सिल्वर, 1 ब्रॉन्जदरिंदगी की शिकार हुई छात्रा को न्याय दिलाने के लिए महाविद्यालय के विद्यार्थी उतरे सडक़ों पर25 सितंबर को मनाए जाने वाले सम्मान समारोह को लेकर चलाया जनसंपर्क अभियानमहम के गांव मेंऑनर किलिंग का मामला जला रहे थे लड़की का शव,ऑनर किलिंग का शक
Entertainment

बरकत" गाने के माध्यम से युवाओं ने दिखाई किसान की पीड़ा

प्रदीप दलाल | July 12, 2017 06:16 PM
प्रदीप दलाल

बरकत" गाने के माध्यम से युवाओं ने दिखाई किसान की पीड़ा

बरकत गाने को यू ट्यूब पर बरकत गाने को लाखों लोगों ने देखा

युवाओं ने कहा हरियाणवी कल्चर को जिंदा करना है उनका उद्देश्य

 

कैथल(प्रदीप दलाल) पूरे विश्व के लिए अन्न पैदा वाले किसान के हाथ हमेशा खाली के खाली रह जाते हैं। धरतीपुत्र किसानों की पीड़ा से हमारे देश में हर कोई वाकिफ है, इसी पीड़ा को समझते हुए कुछ युवाओं ने इसे हरियाणवी गाने का रुप दिया है। जिसमें किसानो के जमीनी हालात को दिखाया गया है। उन्होंने इस गाने को बरकत नाम दिया है, क्योंकि किसान की जिंदगी में कभी बरकत नहीं होती। उसी बरकत के लिए वह ना जाने कितनी मेहनत करता है लेकिन उसके बाद भी सरकार की अनदेखी और प्रकृति की मार से हमेशा उसे जूझना पड़ता है और अंत में वह हारकर अपनी जिंदगी को ही खत्म कर लेता है। इसी असलियत को इन युवाओं ने एक गाने के माध्यम से प्रस्तुत किया है। बरकत गाने कि इस वीडियो को यूट्यूब पर लाखों लोग देख चुके हैं और शेयर कर चुके हैं। युवाओं ने गाने की धुन को हरियाणवी ट्रेडिशन राग में बनाया है और वीडियो को सिनेमेटिक लुक दिया है। सोशल मीडिया पर लोग युवाओं द्वारा बनाए गए गाने बरकत की खूब तारीफ कर रहे हैं। सभी युवाओं ने इस गाने के लिए खास मेहनत की थी जो युवाओं द्वारा बनाए गए वीडियो सॉन्ग में दिखाई भी देती है। इन युवाओं का यही कहना है कि वर्तमान समय में हरियाणवी गानों में अश्लीलता और फूहड़ता को परोसा जाता है लेकिन उन्होंने अपने गाने के माध्यम से कोशिश की है कि वह किसान की जमीनी हकीकत को दिखा सकें। इस गाने का निर्देशन आदित्य रोहिला ने किया है और गाने को अपनी आवाज दी है विक्रम मलिक और आदित्य रोहिला ने, गाने का यूजिक आदित्य और रविंद्र सिंह रवि ने दिया है। इसके बोल और डायरेक्शन मोहन बेताब ने की है। जबकि गाने की एडिटिंग एमपी सेगा, पंकज शाह और अमन गिल ने की है। डीओपी कहर रंधावा और भूपिंदर सिंह की है। गाने के प्रोड्यूसर दिनेश जांगड़ा और गुरमीत चौधरी हैं।

Have something to say? Post your comment
More Entertainment News
उम्र के आखिरी पड़ाव में समझ आई प्यार की कीमत, ‘‘द लास्ट डिसीजन’’ने दिया संदेश
स्कूलो में बच्चों की एक कलास थियेटर की भी लगनी चाहिए- अभिनेता यशपाल शर्मा।
बहु ने कहा-मेरे ससुर ने मुझे वो दिया जो पति नही दे पाया, सुहागरात से अबतक ससुर ही मेरे काम आए…?
नचले इंडिया 3 के नेशनल लेवल का हुआ आयोजन।
हरियाणवी हास्य कलाकार झंडू ने जागरण में जमाया रंग
आ देखें जरा किसमें कितना है दम जल्दी ही आदर्श स्कूल का रणदीप दिखेगा टीवी पर
नरवाना,वेदांता इन्टरनैशनल स्कूल में ड्राईंग प्रतियोगिता का आयोजन।
नानक शाह फकीर फिल्म की रिलीज ना किए जाने की मांग को लेकर सिख समाज ने सौंपा ज्ञापन
जींद की दीवान बाल कृष्ण रंगशाला में हुआ जानी चोर सॉग का शानदार प्रदर्शन
पर्वतारोही सचिन बेस्ट यूथ अवार्ड से सम्मानित