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भारत देश में उद्योग के उत्पादन में लगातार गिरावट आ रही है।-बजरंग दास गर्ग

राजकुमार अग्रवाल | August 03, 2017 07:53 PM
राजकुमार अग्रवाल
भारत देश में उद्योग के उत्पादन में लगातार गिरावट आ रही है।-बजरंग दास गर्ग
चंडीगढ़:- अखिल भारतीय व्यापार मण्डल के राष्ट्रीय महासचिव व हरियाणा प्रदेश व्यापार मण्डल के प्रान्तीय अध्यक्ष बजरंग दास गर्ग ने कहा कि भारत के उद्योगो के उत्पादन में गत लगभग 10 वर्षो से बहुत ज्यादा गिरावट आ रही है। 1 जुुलाई 2017 से देश में गुड्स एवं सर्विस टैक्स (जी.एस.टी.) लागू होने से देश के उद्योग उत्पादन में ओर ज्यादा गिरावट आई है। जो व्यापार व उद्योग के लिए बहुत भारी चिंता का विषय है। क्योकि देश के व्यापारी व उद्योगपतियों को जी.एस.टी. टैक्स प्रणाली की व्यवस्था को एडजस्ट करने में कुछ समय लगेगा। जबकि मार्किट मैन्युफैक्चरिंग परचेेजिंग मैनेजर्स इंडैक्स (पी.एम.आई.) के मुताबिक लगभग 10 सालो में उद्योग उत्पादन गिरावट के सबसे ज्यादा निचले स्तर पर 46.3 तक रहा है। मगर जून 2017 में उत्पादन में गिरावट 51.7 थी। जो देश के हित में नहीं है। राष्ट्रीय महासचिव बजरंग दास गर्ग ने कहा कि देश में लगातार व्यापार व उद्योग पिछड़ने से देश में बेरोेजगारी बढ़ती जा रही है। जिसका मुख्य कारण जिस व्यापार व उद्योग ने बेरोजगारी को कम करके रोजगार उपलब्ध करवाना था और उस उद्योग व व्यापार में भारी गिरावट आने की वजह से वह ऐसी स्थिति में नही है की रोजगार उपलब्ध करवा सके। इस लिए देश में कई सालों से पहले से भी ज्यादा बेरोजगारी बढ़ी है। यहां तक की रात-दिन मेहनत करके उच्च शिक्षा प्राप्त युवा आज चपड़ासी तक की नौकरी के लिए सरकारी व गैर सरकारी दफ्तरों में चक्कर काट रहा है। राष्ट्रीय महासचिव बजरंग दास गर्ग ने कहा कि देश की तरक्की व बेरोजगारी कम करने के लिए जरुरी है कि भारत देश में व्यापार व उद्योग को बढ़ावा दिया जाये। जिसके लिए केन्द्र सरकार को चाहिए कि वह टैक्सों की दरे ज्यादा रखने की बजाए उसे कम करें, देश में जितनी टैक्स की दरे कम होगी उससे देश में पहले से ज्यादा व्यापार व उद्योग का बढ़ावा मिलेगा व आम जनता को मंहगाई से राहत मिलेगी। जबकि जी.एस.टी. टैक्स प्रणाली में विश्व के अन्य देशों के मुकाबले भारत देश में जी.एस.टी. टैक्स बहुत ज्यादा है। यहा तक की विश्व के अन्य देशों में जब जी.एस.टी. टैक्स लागू किया था तब उन देशों ने अपने देश में जी.एस.टी. की टैक्स की दरे शुरुआत में ही काफी कम रखकर लागू किया। जो अन्य देशों में टैक्स बढ़ाने के बाद भी टैक्स की अधिकतम दरे आज भी 7, 8, 10, 12 व 15 प्रतिशत तक है मगर आज भारत देश में जी.एस.टी. 1 जुलाई 2017 से लागू करके आम उपयोग में आने वाली वस्तुओं को 28 प्रतिशत के दायरे में रखा है जो बहुत ज्यादा टैक्स है। राष्ट्रीय महासचिव बजरंग दास गर्ग ने केन्द्र सरकार से मांग कि है की वह देश में व्यापार व उद्योग को बढ़ावा देने के लिए टैक्सों में छूूट के अलावा ज्यादा से ज्यादा रिहायतें दे ताकि देश में पहले से ज्यादा व्यापार व उद्योग को बढ़ावा मिल सके व बेरोजगारों को रोजगार के अवसर मिल सके। 
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