Wednesday, August 22, 2018
Follow us on
BREAKING NEWS
जिलास्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता में मॉनटेसरी स्कूल के छात्र हितेष ने जीता सिल्वर मेडलगांव के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर पौधारोपण कर पूर्व प्रधानमंत्री को दी श्रद्धांजलिअभाविप महेंद्रगढ़ द्वारा सभा का आयोजन कर अटल बिहारी वाजपेई को दी श्रद्धांजलिबकरीद के त्योहार को शान्तिपूर्ण ढंग से मनायें, अफवाहो पर न दे ध्यान-जिलाधिकारीअमेठीः समय से आय जाति निवास में लेखपाल नहीं लगा रहे रिपोर्ट, स्कॉलरशिप से छूट सकते हैं छात्रझूठे झमेले फैलाकर समाज में फूट डालने का कार्य कर रहे हैं नशाखोर भगवांधारीगांव जाट में किया गया मेले का आयोजन, विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं संपन्ननरवाना-दो हजार ने नशा को की ना, नशा न करने का लिया संकल्प
Business

भारत देश में उद्योग के उत्पादन में लगातार गिरावट आ रही है।-बजरंग दास गर्ग

राजकुमार अग्रवाल | August 03, 2017 07:53 PM
राजकुमार अग्रवाल
भारत देश में उद्योग के उत्पादन में लगातार गिरावट आ रही है।-बजरंग दास गर्ग
चंडीगढ़:- अखिल भारतीय व्यापार मण्डल के राष्ट्रीय महासचिव व हरियाणा प्रदेश व्यापार मण्डल के प्रान्तीय अध्यक्ष बजरंग दास गर्ग ने कहा कि भारत के उद्योगो के उत्पादन में गत लगभग 10 वर्षो से बहुत ज्यादा गिरावट आ रही है। 1 जुुलाई 2017 से देश में गुड्स एवं सर्विस टैक्स (जी.एस.टी.) लागू होने से देश के उद्योग उत्पादन में ओर ज्यादा गिरावट आई है। जो व्यापार व उद्योग के लिए बहुत भारी चिंता का विषय है। क्योकि देश के व्यापारी व उद्योगपतियों को जी.एस.टी. टैक्स प्रणाली की व्यवस्था को एडजस्ट करने में कुछ समय लगेगा। जबकि मार्किट मैन्युफैक्चरिंग परचेेजिंग मैनेजर्स इंडैक्स (पी.एम.आई.) के मुताबिक लगभग 10 सालो में उद्योग उत्पादन गिरावट के सबसे ज्यादा निचले स्तर पर 46.3 तक रहा है। मगर जून 2017 में उत्पादन में गिरावट 51.7 थी। जो देश के हित में नहीं है। राष्ट्रीय महासचिव बजरंग दास गर्ग ने कहा कि देश में लगातार व्यापार व उद्योग पिछड़ने से देश में बेरोेजगारी बढ़ती जा रही है। जिसका मुख्य कारण जिस व्यापार व उद्योग ने बेरोजगारी को कम करके रोजगार उपलब्ध करवाना था और उस उद्योग व व्यापार में भारी गिरावट आने की वजह से वह ऐसी स्थिति में नही है की रोजगार उपलब्ध करवा सके। इस लिए देश में कई सालों से पहले से भी ज्यादा बेरोजगारी बढ़ी है। यहां तक की रात-दिन मेहनत करके उच्च शिक्षा प्राप्त युवा आज चपड़ासी तक की नौकरी के लिए सरकारी व गैर सरकारी दफ्तरों में चक्कर काट रहा है। राष्ट्रीय महासचिव बजरंग दास गर्ग ने कहा कि देश की तरक्की व बेरोजगारी कम करने के लिए जरुरी है कि भारत देश में व्यापार व उद्योग को बढ़ावा दिया जाये। जिसके लिए केन्द्र सरकार को चाहिए कि वह टैक्सों की दरे ज्यादा रखने की बजाए उसे कम करें, देश में जितनी टैक्स की दरे कम होगी उससे देश में पहले से ज्यादा व्यापार व उद्योग का बढ़ावा मिलेगा व आम जनता को मंहगाई से राहत मिलेगी। जबकि जी.एस.टी. टैक्स प्रणाली में विश्व के अन्य देशों के मुकाबले भारत देश में जी.एस.टी. टैक्स बहुत ज्यादा है। यहा तक की विश्व के अन्य देशों में जब जी.एस.टी. टैक्स लागू किया था तब उन देशों ने अपने देश में जी.एस.टी. की टैक्स की दरे शुरुआत में ही काफी कम रखकर लागू किया। जो अन्य देशों में टैक्स बढ़ाने के बाद भी टैक्स की अधिकतम दरे आज भी 7, 8, 10, 12 व 15 प्रतिशत तक है मगर आज भारत देश में जी.एस.टी. 1 जुलाई 2017 से लागू करके आम उपयोग में आने वाली वस्तुओं को 28 प्रतिशत के दायरे में रखा है जो बहुत ज्यादा टैक्स है। राष्ट्रीय महासचिव बजरंग दास गर्ग ने केन्द्र सरकार से मांग कि है की वह देश में व्यापार व उद्योग को बढ़ावा देने के लिए टैक्सों में छूूट के अलावा ज्यादा से ज्यादा रिहायतें दे ताकि देश में पहले से ज्यादा व्यापार व उद्योग को बढ़ावा मिल सके व बेरोजगारों को रोजगार के अवसर मिल सके। 
Have something to say? Post your comment
More Business News
केंद्र का फैसला, बिना यूपीएससी भी बनेंगे अफसर, 10 मंत्रालयों में 3 साल का होगा टर्म, प्राइवेट कंपनी में काम करने वालों को भी मौका
सरकारी खरीद एजेंसी द्वारा गेहूँ की पेमेंट ना मिलने से व्यापारी व किसान परेशान--भगवान दास ।
व्यापारी व किसान विरोधी नीतियों के कारण प्रदेश में व्यापार व उधोग पूरी तरह पिछड़ा। - बजरंग दास गर्ग ।
सरसों की आवक जोर पर लेकिन सरकारी खरीद न होने से किसानों की जेब काटी जा रही है
महिला कौशल विकास योजना के तहत ब्युटीपार्लर का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू।
नरवाना में जॉब फेयर का आयोजन
लहसुन की खेती करने से बढेगी किसानों आमदन : डा. सी.बी सिंह
बिटकॉइन को लेकर इनकम टैक्स विभाग के छापे, वेबसाइट बंद ! निवेशकों के करोड़ों रुपये फंसे
लिटल एंजल्स स्कूल बना लगातार चौथी बार विजेता
हत्या के मामले में दो आरोपियों सहित 6 को उम्र कैद की सजा