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बदलते मौसम में क्षेत्र में बढ़ रहा बीमारियों का खतरा, अस्पतालों में मरीजों की भीड़

सतनाली से प्रिंस लांबा की रिपोर्ट | August 14, 2017 06:07 PM
सतनाली से प्रिंस लांबा की रिपोर्ट

बदलते मौसम में क्षेत्र में बढ़ रहा बीमारियों का खतरा, अस्पतालों में मरीजों की भीड़
सामान्य लक्षण समझ कर न करें अनदेखा, जल्द करवाना चाहिए ईलाज: डॉ मनीष
सतनाली मंडी (मुन्ना लांबा) । बदलते मौसम में बढ़ रहे बीमारियों के प्रकोप को लेकर जब सतनाली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ मनीष से बात की तो उन्होंने कहा कि वायल फीवर का मतलब है मौसमी बुखार। यह बुखार मौसम में आए बदलाव की वजह से होता है। वायल बुखार की वजह से शरीर बीमारियों से नहीं लड़ पाता है क्योंकि यह बुखार हमारे प्रतिरक्षा तंत्र को कमजोर बना देता है। वायरल फीवर बहुत तेजी से एक इंसान से दूसरे इंसान तक पहुंच जाता है जिससे यह बुखार एक साथ कई लोगों को हो जाता है। वायरल फीवर दूसरे बुखारों की तरह होता है लेकिन समय पर ध्यान न देने से यह बुखार खतरनाक रूप ले सकता है।
क्या-क्या हैं वायरल फीवर के मुख्य लक्षण?
वायरल फीवर के बारे में खांसी आना, गला दर्द करना, सिर दर्द होना, थकान होना, हाथ और पैरों के जोड़ों का कमजोर होना और उनमें दर्द होना, उल्टी और दस्त होना, बदन में दर्द, आंखों का लाल होना, माथे का बहुत तेज गर्म होना आदि लक्षणों से पता चल सकता है।
डॉ मनीष ने कहा कि यदि इन लक्षणों में से कोई भी लक्षण आपको लगता है तो समझें कि वायरल फीवर हो गया है। बड़ों के साथ यह वायरल फीवर बच्चों में भी तेजी से फैलता है।
कैसे करें वायरल फीवर से बचाव:
वायरल बुखार से बचाव के उपायों के बारे में डॉ मनीष का कहना है कि-
1. इस समय में ज्यादा ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए।
2. रात के समय मच्छर भगाने के लिए कॉयल, ऑल आउट वगैरह का प्रयोग करें और पूरे शरीर को ढ़कने वाले कपड़े पहने या पहनकर सोएं।
3. अगर आपको शरीर में थोड़ी बहुत भी थकावट महसूस होती है तो तुरंत डॉ को दिखाएं।
4. इस समय में बासी भोजन न खाएं और बाहर की तली हुई वस्तुएं से कुरहेज करें।
5. हरी सब्जियां व फलों को अच्छी तरह से धोकर खाएं।

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