Saturday, October 20, 2018
Follow us on
BREAKING NEWS
ब्रेकिंग-पंजाब के अमृतसर से दशहरे के दिन बड़े हादसे की ख़बर ,शोक में बदलीं विजयदशमी की खुशियाँअहीर रेजिमेंट यादव समाज का स्वाभिमान व अधिकार, केंद्र सरकार जल्द से जल्द करे इसका गठन: कुलदीप यादवरोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में बिजली कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ किया विरोध-प्रदर्शनखालड़ा फेन जनसेवा ग्रुप द्वारा सम्मान समारोह में उत्कृष्ट खिलाडिय़ों को किया सम्मानितदुर्गा अष्टमी पर कन्या पूजा व भोजन ग्रहण करने के लिए श्रद्धालु ढूंढ़ते रहे कन्याएं!जयकरण शास्त्री नांगलमाला को मिलेगा बुलंद आवाज अवार्ड, 2018पहाड़ी माता का विशाल जागरण आजसमाजसेवी ओमशिव कौशिक को पितृशोक
Madhya Pradesh

सूचना के अधिकार अधिनियम की उड़ाई जा रही है धज्जियां

निर्णय तिवारी | November 07, 2017 09:11 AM
निर्णय तिवारी
सूचना के अधिकार अधिनियम की उड़ाई जा रही है धज्जियां
छतरपुर। सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 का कानून पूरे भारत में लागू किया गया। परंतु छतरपुर जिले में इस कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और लोगों को विभिन्न विभागों में जानकारियां नहीं दी जा रही हैं और अधिकारी खुलकर भ्रष्टाचार करने में आमादा है। जबकि हाईकोर्ट के न्यायाधीशों ने लोकायुक्त एजेंसी को भी सूचना के दायरे में शामिल किया है। परंतु छतरपुर जिले में सूचना के अधिकार के तहत लगाए गए आवेदनों को लोकहित में न मानकर निरस्त कर दिया जाता है महिला बाल विकास विभाग में कई आवेदन सूचना के अधिकार के तहत लगाए गए परंतु अधिकारियों ने जानकारी देना उचित नहीं समझा। भले ही जुर्माना क्यों न लग जाए। इसी प्रकार कुछ जागरुक पत्रकारों ने कलेक्टर कार्यालय में सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी तो अधिकारियों ने गोलमान जबाव देकर आवेदन को निरस्त कर दिया। मजेदार बात ये है कि जो जानकारी चाही गई उस जानकारी को देने में अधिकारियों को आखिरकार क्या परेशानी है। वहीं स्वामी प्रणवानंद महाविद्यालय में सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी गई तो जानकारी अभी तक उपलब्ध नहीं कराई गई महाराजा महाविद्यालय में सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी गई तो महाराजा कॉलेज के प्राचार्य एलएल कोरी द्वारा आवेदक को मुख्य जानकारी न देकर ऊल फिजूल जानकारी देकर चालान से रुपए जमा करा लिए गए। कुल मिलाकर छतरपुर में भ्रष्ट अधिकारी सूचना के अधिकार के तहत जानकारी देना नहीं चाहते। जिससे उनकी पोल न खुल जाए और लगातार भ्रष्टाचार कर रहे हैं। अभी हाल ही में प्रदेश के मुख्यमंत्री ने एलान किया है कि भ्रष्ट अधिकारियों की जानकारी देने वालों को एक लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा और नाम गुप्त रखा जाएगा परंतु जिले में भ्रष्ट अधिकारियों का जाल फैला हुआ है और जो लोग गरीब लोगों की योजनाओं को पलीता लगाने में तुले हुए हैं। अब देखना है कि खबर छपने के बाद सूचना के अधिकार के तहत जानकारी दी जाती है या नहीं। 
Have something to say? Post your comment
More Madhya Pradesh News
इस्लामिया करीमिया कॉलेज इंदौर की छात्राओं ने दिया बिजली बचाने का संदेश ।
नगर में पर्याप्त भीषण पेयजल संकट के लिए जिम्मेवार कौन?
जिले में बिगडती कानून व्यवस्था पर अंकुश लगाने एसपी ने किए थोकबंद तबादले
44 वर्ष पुराने खजुराहो नृत्योतसव अतिथियों को तरस रहा है.....!!! बर्षो बाद राज्य पाल ने किया शुभारंभ
सूखाग्रस्त बुंदेलखंड के जख्मों पर गीत-संगीत के नाम पर किसानो से किया गया छल
सार्वजनिक स्थानों को गंदा करने पर हो सकती है कड़ी कार्यवाही
भाजपा जिला अध्यक्ष ने इलाज के लिये दी आर्थिक मदद
नैगुवां सरपंच के इशारे पर प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि निकाली प्रधानमंत्री आवास योजना में खुलकर किया जा रहा है भ्रष्टाचार हो रही है धांधली
बुन्देलखंड,बेशकीमती महल पर प्राइवेट कंपनी का कब्जा, क्षेत्रवासियों ने की कार्यवाही मांग