Tuesday, October 23, 2018
Follow us on
World

ऑस्ट्रेलिया तथा यूके में भी धूम मचा रही है गीता जयंती

December 05, 2016 07:07 PM

ऑस्ट्रेलिया तथा यूके में भी धूम मचा रही है गीता जयंती
 हरियाणवी संस्कृति के लिए वरदान साबित हो रहा है गीता जयंती महोत्सव, ब्रहमसरोवर का पावन तट बना हरियाणवी संस्कृति का साक्षी
 कुरुक्षेत्र 5 दिसम्बर (AHN)अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती समारोह में क्राफ्ट मेले के अंतर्गत हरियाणा की संस्कृति की झलक देखने को मिल रही है। इसके साथ ही हरियाणवी कलाकारों के लिए यह मेला वरदान साबित हो रहा है। यह उद्गार धरोहर हरियाणा संग्रहालय के प्रभारी डॉ. महासिंह पूनिया ने गीता जयंती समारोह में हरियाणवी कलाकारों से बातचीत करते समय कहे। 

 


 उन्होंने कहा कि ब्रह्मसरोवर के तट पर अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती समारोह में हरियाणवी जंगम जोगी जहां एक ओर शिव एवं पार्वती की कथा प्रस्तुत कर हरियाणवी लोक गायकी को बढ़ावा दे रहे हैं। वहीं पर दूसरी ओर जोगियों की मंडली सारंगी के साथ जोगी गीत तथा लोक गाथाओं का प्रस्तुतीकरण कर पर्यटकों का मन मोह रहे हैं। इसके साथ ही बीन एवं तुम्बे के साथ सपेरा पार्टी भी सपेरा नृत्य प्रस्तुत कर हरियाणवी संस्कृति की महक पर्यटकों तक पहुंचाने के लिए सार्थक प्रयास कर रहे हैं। डॉ. पूनिया ने कहा कि समारोह में बंचारी कलाकार बंचारी नृत्य के माध्यम से बृज की सांस्कृतिक झलक ब्रह्मसरोवर के तट पर प्रस्तुत कर रहे हैं। इससे हरियाणवी संस्कृति के विविध आयामी स्वरूप ब्रह्मसरोवर के तट पर देखने को मिल रहे हैं। 

 

 
 डॉ. पूनिया ने कहा कि हरियाणवी कलाकार हरियाणा की संस्कृति के जो स्वरूप ब्रह्मसरोवर के तट पर बिखेर रहे हैं वास्तव में यह हरियाणवी संस्कृति एवं कलाकारों के लिए वरदान का कार्य है। जोगियों द्वारा गाया जाने वाला शाका एवं पावडा अतीत का हिस्सा बन चुका है। जोगियों की मंडली जिस तरीके से लोक गाथाओं को प्रस्तुत कर रही है उससे नई पीढ़ी को हरियाणवी संस्कृति से जुडऩे का मौका मिल रहा है। इसके अतिरिक्त बांसली, बीन तथा ढ़ोलक के साथ हरियाणवी कलाकार लोक धुनों को प्रस्तुत कर पर्यटकों को नाचने के लिए मजबूर कर रहे हैं। इतना ही नहीं हरियाणवी कलाकारों को अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती मंच के माध्यम से हरियाणवी संस्कृति को विदेशों तक पहुंचने का मौका मिल रहा है

 

। डॉ. पूनिया ने यह भी बताया कि इंग्लैंड तथा ऑस्ट्रेलिया में हरियाणा निवासी वहां पर स्थापित रेडिय़ो के माध्यम से भी गीता जयंती तथा हरियाणवी संस्कृति का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। डॉ. पूनिया ने बताया कि आने वाले दिनों में हरियाणा की यह सांस्कृतिक धरोहर कलाकारों एवं संस्कृति के लिए मील का पत्थर साबित होगी।

Have something to say? Post your comment
More World News
एनआरआई पति ने लंदन जाकर की दूसरी शादी, न्याय को भटक रही पहली पत्नी
दिल्ली गुरूदवारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एवं अकाली दल बादल के नेता मनजीत सिंह जी पर अमेरिका में दूसरा हमला
पकिस्तान भी हरियाणा का दीवाना , स्मार्ट सिटी, कृषि, अवसंरचना विकास और निर्यात के क्षेत्र में गहरी रुचि दिखाई
इंडो कनाडा चेंबर ऑफ कार्मस (ई.सी.सी.सी.) के शिष्टïमंडल ने मनोहर लाल से भेंट की
Logic behind illogical behaviour of Kim Jong
विश्व बैंक रिपोर्ट एक ठंडी हवा का झोंका बनकर आई है
तीन पन्नो का वो गुमनाम पत्र जिसने सन्त गुरमीत राम रहीम जैसे रावण की लंका को फूंक दिया!!
भारत के नेताओ को इस महिला का करारा जबाब श्री नगर के लाल चौंक से , अंगों के प्रत्यारोपण के मामले में भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर: डॉ. वाहिद
कोविंद बने भारत के महामहीम