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इंडो कनाडा चेंबर ऑफ कार्मस (ई.सी.सी.सी.) के शिष्टïमंडल ने मनोहर लाल से भेंट की

राजकुमार अग्रवाल | January 13, 2018 05:24 PM
राजकुमार अग्रवाल

कंवर धंजल के नेतृत्व में इंडो कनाडा चेंबर ऑफ कार्मस (ई.सी.सी.सी.) के शिष्टïमंडल ने मनोहर लाल से भेंट की
चंडीगढ़, 13 जनवरी-(राजकुमार अग्रवाल ) राज्य सरकार की सक्रिय व निवेशक-मैत्री अप्रोच की सराहना करते हुए कनाडा ने हरियाणा के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश करने में गहरी रुची दिखाई है।
ई.सी.सी.सी के अध्यक्ष कंवर धंजल के नेतृत्व में इंडो कनाडा चेंबर ऑफ कार्मस (ई.सी.सी.सी.) के एक शिष्टïमंडल ने आज यहां मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल से भेंट की और उन्हें व राज्य सरकार के अधिकारियों को परस्पर सम्बंधो को मजबूत बनाने और निवेश अवसरों की संभावनाओं की तलाश करने के लिए कनाडा आने के लिए आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य निवेशकों को हर संभव सहायता उपलब्ध करवाएगा। उन्होंने ऐसी परियोजनाओं और क्षेत्रों पर बल दिया जो न केवल निवेश सृजित करेंगे बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने के साथ-साथ प्रदेशभर का संतुलित विकास भी करेंगी।
उन्होंने कहा कि एक मैकेनिजम स्थापित किया जाएगा जो दोनो पक्षों के बीच लगातार बातचीत को सुनिश्चित करेगा। प्राथमिकता के क्षेत्र होने के नाते प्रदेश में कौशल विकास और कृषि व खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि राज्य मूल्य आश्वस्त करके और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को विकसित कर कृषि क्षेत्र की सहायता करने और उसे बढ़ावा देने में रूचि रखता है।
श्री कंवर धंजल ने कहा कि चार दशक पहले स्थापित ई.सी.सी.सी. एक नॉन-प्रोफिट, नॉन पारटिशन संगठन है। इसके मिशन में बिजनस, व्यावसाय और इंडो-कैनेडियन की सामान्य भलाई को बढ़ावा देना, इंडो-कैनेडियन बिजनेस और व्यावसायिक समुदाय के अत्यधिक सहयोग के लिए सकारात्मक जागरूकता उत्पन्न करना, कनाडा और भारत के बीच बिजनेस और व्यापार अवसरों में सहायता करना तथा विश्वभर में इंडियन डाइसपोरा को बढ़ावा देना शामिल है।
बैठक में विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने खाद्य प्रसंस्करण, सूचना प्रौद्योगिकी, आतिथ्य सत्कार, विधिक सेवाएं, कौशल विकास पर विचार-विमर्श किया और निवेश और संयुक्त व्यापार के अवसरों के सम्बन्ध में अपने विचारों का आदान-प्रदान किया। शिष्टïमण्डल ने कहा कि कनाडा के कुछ विशेषज्ञ क्षेत्रों का राज्य में प्रभावी रूप से उपयोग किया जा सकता है। इसमें कौशल विकास, अर्बन फार्मिंग और कृषि व खाद्य प्रसंस्करण शामिल हैं।
उद्योग विभाग के प्रधान सचिव श्री सुधीर राजपाल ने शिष्टमण्डल को राज्य सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों की जानकारी दी और बल दिया कि हरियाणा में एमएसएमई में निवेश करने की व्यापक संभावनाएं हैं क्योंकि ये रोजगार का प्रमुख स्त्रोत हैं।
विदेशी निवेश और एनआरआई सैल के अध्यक्ष डॉ० अश्विन जौहर ने कहा कि राज्य सामान्य रूप से विदेशी निवेश में रूचि रखता है। उन्होंने कहा कि हैफेड जैसा संगठन अपने उत्पादों के लिए विपणन के लिए कनाडा में विपणन क्षमताओं की तलाश कर सकता है।

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