Saturday, May 26, 2018
Follow us on
BREAKING NEWS
सफाई का जायजा लेने कैथल डीसी निकली सड़कों ,गलियों मेंकैथल-अधिकारी अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव लाएं तथा गंभीरता से अपनी डियूटी निभाएं -डीसीहरियाणा में श्रमिकों के न्यूनतम मासिक और दैनिक वेतन (वेजिज) में वृद्धि करने की घोषणाबटाला-परिवार की खुशियां बदल गई मातम में,एक ही परिवार के पांच शवों से कांप उठा गांव ‌अहमदाबादराजकीय प्राथमिक पाठशाला ढाणी गांधीनगर नरवाना में अभिभावक - शिक्षक मेगा बैठक का आयोजन किया गया।कैथल-वाहनों की आवाजाही रहेगी बंद, जिला की आम जनता बढकर करे भागीदारी : मोदीकैथल-स्कूल स्थानांतरित होने की समस्या को लेकर डीसी से मिलने पहुँचे शक्ति नगर के ग्रामीण व सरपंचकेवाईएस ने किसानों की जमीन की नीलामी रोकी जाने और उनका कर्ज माफ किये जाने को लेकर मुख्यमंत्रीके नाम सौंपा ज्ञापन!
Punjab

नाबार्ड द्वारा वर्ष 2018-19 के लिए पंजाब राज्य हेतु रु 2,18,000 करोड़ की ऋण सम्भाव्यताएं अनुमानित

राजकुमार अग्रवाल | January 16, 2018 04:22 PM
राजकुमार अग्रवाल

नाबार्ड स्टेट क्रेडिट सेमिनार - पंजाब - 2018-19
नाबार्ड द्वारा वर्ष 2018-19 के लिए पंजाब राज्य हेतु रु 2,18,000 करोड़ की ऋण सम्भाव्यताएं अनुमानित
तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, ग्रामीण विकास और पंचायत मंत्री, पंजाब सरकार ने चंडीगढ़ में आयोजित स्टेट क्रेडिट सेमिनार में वर्ष 2018-19 के लिए नाबार्ड द्वारा तैयार स्टेट फोकस पेपर जारी किया. इस सेमिनार में श्री बिस्वजीत खन्ना, अतिरिक्त मुख्य सचिव (विकास), श्री डी के तिवारी, सचिव व्यय विभाग श्री निर्मल चंद, क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय रिजर्व बैंक, श्री संजय कुमार महाप्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक और श्री पी.एस. चौहान, म.प्र. एसएलबीसी संयोजक, पंजाब एवं इसके अतिरिक्त राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, वरिष्ठ बैंकरों, गैर सरकारी संगठनों, कृषि विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों तथा प्रगतिशील किसानों ने भी सेमिनार में भाग लिया. श्री दीपक कुमार मुख्य महाप्रबन्धक नाबार्ड पंजाब क्षेत्रीय कार्यालय,चंडीगढ़ ने सेमिनार में स्टेट फोकस पेपर की प्रमुख विशेषताओं पर प्रकाश डाला. मंत्री द्वारा स्टेट फोकस पेपर जारी किया गया.
नाबार्ड ने पंजाब राज्य में प्राथमिकता क्षेत्र के तहत वर्ष 2018-19 के दौरान रु 2,18,000 करोड़ के सम्भावित ऋणों का अनुमान प्रस्तुत किया है जोकि वर्ष 2016-17 के रु 198737 करोड़ के ऋण अनुमानों से 10% अधिक है. इन अनुमानों में फसल ऋण का अनुमानित शेयर रु 93813 करोड़ है जो कुल अनुमानित ऋण सम्भाव्यता का 43%है.
स्टेट फोकस पेपर में सेक्टर-वार अनुमानित ऋण सम्भाव्यताएं भी प्रस्तुत की गई है यथा कृषि बुनियादी ढांचे के लिए ( रु 6,150 करोड़ ), कृषि सहायक इकाइयां (रु 13471 करोड़ ), कृषि सावधि ऋण (रु 22091 करोड़ ), एमएसएमई ऋण (रु 39323 करोड़ ), निर्यात ऋण (रु 15160 करोड़ ), शिक्षा ऋण (रु 5668 करोड़ रुपये), आवास ऋण (रु14503 करोड़ ). श्री दीपक कुमार मुख्य महाप्रबन्धक नाबार्ड पंजाब क्षेत्रीय कार्यालय,चंडीगढ़ ने सेमिनार में स्टेट फोकस पेपर की प्रमुख विशेषताओं को प्रस्तुत करते हुए कहा कि राज्य में सिंचाई के लिए घटते जल स्तर के मद्देनजर इस वर्ष स्टेट फोकस पेपर का थीम "जल संरक्षण - प्रति बूंद अधिक फसल" रखा गया है. उन्होंने उल्लेख किया कि फसल विविधीकरण के द्वारा, फसल उत्पादकता को बढ़ा कर, कृषि की लागत को कम करके और कृषि संबद्ध एवं गैर कृषि कार्यकलापों से आय बढ़ा कर ही वर्ष 2022 तक किसानो की आय को दोगुना किया जा सकता है. उन्होंने कृषि में पूंजी निर्माण की आवश्यकता पर भी जोर दिया और बैंकों और सम्बन्धित विभागों को निवेश गतिविधियों के लिए किसानों को और अधिक वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए आग्रह किया.
इसके अतिरिक्त, सहकारी बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और वाणिज्यिक बैंकों को पुनर्वित्त सहायता प्रदान करने के साथ-साथ नाबार्ड राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न बुनियादी ढांचों के निर्माण के लिए राज्य सरकार को वित्तीय सहायता प्रदान कर रहा है. ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देने के लिए, नाबार्ड ने बैंकों और सरकारी विभागों के माध्यम से वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम, ग्रामीण स्तर के कार्यक्रमों और गो डिजिटल कार्यक्रम आयोजित किए हैं ताकि ग्रामीण लोगों को डिजिटल बैंकिंग और वित्तीय साक्षरता के बारे में जागरूक किया जा सके. वर्ष के दौरान, नाबार्ड ने जल संरक्षण और पानी के सही एवं कारगर उपयोग के बारे में ग्रामीणों में जागरूकता पैदा करने के लिए राज्य के 5000 गांवों में 'जल जीवन है' जल अभियान शुरू किया है. उन्होंने बैंकों और सम्बन्धित विभागों से अपील की कि वे आपसी तालमेल से काम करें और नाबार्ड द्वारा अनुमानित ऋण संभावनाओं का अधिकतम दोहन करें ताकि किसान / ग्रामीण लाभान्वित हो सके.
श्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, ग्रामीण विकास और पंचायत मंत्री, पंजाब सरकार ने स्टेट फोकस पेपर जैसे एक संरचित और व्यापक दस्तावेज तैयार करने के लिए नाबार्ड के प्रयासों की सराहना की, जिसमें अर्थव्यवस्था के प्रत्येक उप-क्षेत्र में उपलब्ध संभाव्यताओं को दर्शाया गया है. उन्होंने बैंकों और सरकारी विभागों द्वारा ऋण संभाव्यताओं की प्राप्ति के लिए राज्य सरकार के सहयोग का आश्वासन दिया. इस अवसर पर, सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले किसान क्लब, एफपीओ, एसएचजी और महिला उद्यमियों को पुरस्कार प्रदान किए गए. इसके अतिरिक्त किसानो की आय को दोगुना करने की रणनीति के साथ-साथ स्टेट फोकस पेपर में पहचान की गई ऋण संभाव्यताओं और बुनियादी ढांचे की कमियों के बारे में विचार-विमर्श किया गया.

Have something to say? Post your comment
More Punjab News
बटाला-परिवार की खुशियां बदल गई मातम में,एक ही परिवार के पांच शवों से कांप उठा गांव ‌अहमदाबाद
इंसाफ के लिए साईकिल पर बीस किलोमीटर का सफर तय कर पहुंचता अधिकारियों के पास-पर सुनवाई कोई नही
जून में शादी थी,मई में आ गई मौत साऊदी अरब से ताबूत में पैक होकर पहुंचा गांव लंगरवाल में निशान सिंह का शव
बटाला-आईपीएल क्रिकेट मैचों पर दड्डा-सट्टा लगाने वाले गिरोह का पर्दाफाश
बठिंडा -आखीर एक साल बाद पटवारी को पुलिस ने धोखाधडी के केस में कर ही लिया नामजद
बठिंडा, -खसरे का टीका लगने से तेरह बच्चों की हालत बिगडी
बठिंडा,अदालत से हैरोइन चोरी होना अदालत की सुरक्षा में सेंध - सीसीटीवी कैमरे भी नही कैद कर पाए चोर को
बठिंडा,-लिफट देकर विवाहता को खेत में लिजाकर आरोपियों ने किया दुष्कर्म
बठिंडा-जमीनी झगडे को लेकर दो सगे भाईयों की हत्या
बठिंडा,प्रेमिका से परेशान होकर प्रेमी ने जहर निगल की खुदकुशी