Wednesday, August 22, 2018
Follow us on
BREAKING NEWS
जिलास्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता में मॉनटेसरी स्कूल के छात्र हितेष ने जीता सिल्वर मेडलगांव के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर पौधारोपण कर पूर्व प्रधानमंत्री को दी श्रद्धांजलिअभाविप महेंद्रगढ़ द्वारा सभा का आयोजन कर अटल बिहारी वाजपेई को दी श्रद्धांजलिबकरीद के त्योहार को शान्तिपूर्ण ढंग से मनायें, अफवाहो पर न दे ध्यान-जिलाधिकारीअमेठीः समय से आय जाति निवास में लेखपाल नहीं लगा रहे रिपोर्ट, स्कॉलरशिप से छूट सकते हैं छात्रझूठे झमेले फैलाकर समाज में फूट डालने का कार्य कर रहे हैं नशाखोर भगवांधारीगांव जाट में किया गया मेले का आयोजन, विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं संपन्ननरवाना-दो हजार ने नशा को की ना, नशा न करने का लिया संकल्प
Literature

एक पर्व के लिए दो-दो तिथियां भविष्य नहीं आएगी सामने

अटल हिन्द ब्यूरो | January 31, 2018 05:04 PM
अटल हिन्द ब्यूरो

एक पर्व के लिए दो-दो तिथियां भविष्य नहीं आएगी सामने
संस्कृत विद्वानों ने बनाया एक पंचाग
प्रचार -प्रसार के लिए सभी शहरों में ईकाई होगी गठित : शास्त्री
जींद(सन्नी मग्गू):एक पर्व को दो तिथियों में मनाने की खामिया भविष्य में सामने ना आएं। इसके लिए संस्कृत भारती संगठन ईकाई व पुजारी मंडल ने बुधवार को सोमनाथ संस्कृत महाविद्यालय जींद में एक बैठक कर चिंतन मनन किया। फूल कुमार शास्त्री और सत्यनारायण शास्त्री की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में निर्णय लिया गया कि भविष्य में कोई भी त्यौहार दो-दो तिथियों में नहीं मनाएं जाएंगे। इसके लिए एक पंचाग तैयार किया गया, जिस पर सभी ने स्वीकृति की मोहर लगाई। बैठक को संबोधित करते हुए आचार्य देवीदयाल शास्त्री ने कहा कि संस्कृत संस्कारों की भाषा है। यह सभी भाषाओं की जननी है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के विभाग प्रमुख सुशील शास्त्री ने कहा कि संस्कृत को जीवित रखने के लिए इसे जनभाषा के रूप में अपनाना होगा। संस्कृत भाषा के विकास के बिना संस्कारित समाज का निर्माण नहीं किया जा सकता। इस मौके पर संस्कृत भारती की जिला ईकाई का सर्वसम्मति से गठन किया गया। इसमें सत्यानारायण शास्त्री को अध्यक्ष, राजेंद्र शास्त्री तथा गौरव शास्त्री को उपाध्यक्ष, रमेश आचार्य सचिव, मनोज शास्त्री, कुरडिय़ा राम शास्त्री को सहसचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसमें फूल कुमार शास्त्री, वेदपाल शास्त्री, देवीदयाल शास्त्री को मार्गदर्शक की जिम्मेदारी देने के साथ-साथ सुशील शास्त्री, शिवकुमार शास्त्री, दिनेश शास्त्री, योगराज शास्त्री, धर्मपाल शास्त्री, श्रीभगवान शास्त्री, शुभम शास्त्री, जगदीश शास्त्री को कार्यकारिणी सदस्य के तौर पर शामिल किया गया। इस मौके पर उपस्थित ज्योतषियों और विद्वानों ने कहा कि भविष्य में ऐसी कोई भी भ्रांति सामने नहीं आएगी, जिसमें एक पर्व के लिए दो-दो तिथियां निर्धारित हो। इसके अलावा संस्कृत को जनभाषा बनाने के लिए सभी शहरों में ईकाई का गठन किया जाएगा।

Have something to say? Post your comment
More Literature News
सत्संग से हमारा मन भगवान की याद में रम जाता है- ब्रहमचारिणी साध्वी ऋषि महाराज
गीता में मनुष्य जीवन का रहस्य छिपा-स्वामी ज्ञानानंद
श्रद्धालुशक्तिपीठ श्रीदेवीकूप भद्रकाली मंदिर में विशाल भगवती जागरण संपन्न
नवरात्रों के 6वे दिन श्रद्धालुओं ने की माँ भगवती की आराधना
ओंकार महायज्ञ में बैठने से नहीं आता कभी असाहय रोग व अकाल कष्ट : शक्तिदेव
काली कमली वाला मेरा यार है, मेरे मन का मोहन तू दिलदार है
कैसे और कब मनाएं श्रीमहाशिवरात्रि 13 या 14 फरवरी को ?
श्रीमद् भागवत कथा में दिखाया कृष्ण-सुदामा चरित्र नेकी कर दरिया में डाल: गोस्वामी
31 जनवरी को चंद्रग्रहण ग्रहण पूरे भारतवर्ष में दिखाई देगा, सुतक सुबह 08 बजकर 14 मिनट से शुरू होगा
111 श्री रामायण पाठों का हुआ शुभारंभ