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मोहमाया के वशीभूत होकर मानव स्वयं तक सिमट कर रहा गया

तोशाम विष्णु दत्त शास्त्री | February 14, 2018 06:34 PM
तोशाम विष्णु दत्त शास्त्री
मोहमाया के वशीभूत होकर मानव स्वयं तक सिमट कर रहा गया 
 
विष्णु दत्त शास्त्री,
तोशाम (भिवानी)। सांसारिक मोहमाया के वशीभूत होकर मानव स्वयं तक सिमट कर रहा गया है। ईष्या, द्वेष, कलुषित विचारों ने उसके जीवन को तनाग्रस्त बना दिया है। शिवरात्रि के पावन पर्व पर हम सब अपने ह्रदय में विद्यमान मनोविकारों व कलुषित भावनाओं को निकाल कर मानव जाति के कल्याण तथा आपस में मिलजुलकर रहने की शपथ लें। उक्त उद्गार प्रजापिता ब्रह्माकुमारीईश्वरीय विश्वविद्यालय की शाखा प्रभारी बीके मंजू बहन ने राजयोग भवन में शिवरात्रि के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए। उन्होंने शिवरात्रि के पर्व पर की जाने आध्यात्मि क्रियाओं की महत्ता बताते हुए कहा कि भगवान शिव को चढ़ाए जाने वाले दूध व फल हमें शांत रहने तथा कड़वे बोल व मनोवृतियों को त्यागने की सीख देते हैं। 
उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद युवाओं से नशा, दहेजप्रथा, भू्रण हत्या जैसी सामाजिक बुराईयों को मिटाने का आह्वान करते हुए कहा कि देश के विकास में बाधक इन बुराईयों को जड़ से मिटाने के लिए युवा वर्ग को आगे आना होगा तथा राष्ट्र के उत्थान में अपनी भागिदारी सुनिश्चित करने के लिए स्वयं को तो नशे से दूर रहना ही होगा साथ ही औरो को भी इसके लिए प्रेरित करना होगा। 
 
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