Friday, July 20, 2018
Follow us on
Sports

बसताड़ा स्टेडियम की खस्ता हाल को लेकर खिलाडीयों मे रोष, खुले मे करते है खिलाडी लघुशंका

प्रवीण कौशिक | March 31, 2018 05:34 PM
प्रवीण कौशिक

बसताड़ा स्टेडियम की खस्ता हाल को लेकर खिलाडीयों मे रोष,
खुले मे करते है खिलाडी लघुशंका
संबंधित प्रशासन से शिकायत की है लेकिन असर वही ढाक के तीन पात...।
घरौंडा : 31 माच, प्रवीण कौशिक
एक तरफ जहां प्रदेश सरकार युवा खिलाडिय़ों को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण स्तर पर स्टेडियम व व्यायामशालाएं खोलने का दम भर रही है वहीं सरकार मौजूदा स्टेडियमों की ओर कोई ध्यान ही नही दे रही है।
खंड घरौंडा के बसताड़ा स्टेडियम में खिलाडिय़ों के लिए बनाए गए शौचालयों के हालत इतने बदतर है कि इनमें शौच करना तो दूर, अंदर घुसना भी मुश्किल है। आलम यह है कि खिलाडिय़ों को लघुशंका के लिए खुले में जाना पड़ता है। जबकि केंद्र व प्रदेश सरकार खुले में शौच मुक्त पर करोड़ों रुपए खर्च कर चुकी है। दूसरी ओर खिलाड़ी स्टेडियम में बिजली, पानी व अन्य सुविधाओं से महरूम है। स्टेडियम के बिगड़े हालातों से खिलाडिय़ों में प्रशासन के प्रति गहरा रोष है। खिलाडिय़ों का कहना है कि सरकार ओलम्पिक में खिलाडिय़ों से गोल्ड मेडल की उ म्मीद तो करती है लेकिन स्टेडियम में सुविधाओं के नाम पर ठेंगा है। खिलाडिय़ों का कहना है कि स्टेडियम में सुविधाओं को दुरूस्त करने के लिए संबंधित प्रशासन से शिकायत की है लेकिन वहीं ढाक के तीन पात...। खिलाड़ी विशाल नलीखुर्द, शुभम स्टौंडी, हरीश कुमार, बिट्टू, प्रवीण कुमार,विशाल, राजकुमार व अन्य खिलाडिय़ों का कहना है कि बसताड़ा स्टेडियम में दर्जनों गांवों से सैंकड़ों की संख्या में खिलाड़ी अभ्यास के लिए आते है, लेकिन कई एकड़ में फैले इस स्टेडियम में पीने के पानी तक की व्यवस्था तक भी नही है। खिलाडिय़ों को बोतलों में पानी भरकर लाना पड़ता है। अब गर्मी के दिनों में तो परेशानी ओर भी ज्यादा बढ़ जाएगी। शौचालय में भी पानी नही- खिलाडिय़ों का कहना है कि स्टेडियम में अंदर शौचालय बनाए गए है। लेकिन इन शौचालयों में पानी की कोई व्यवस्था नही है। इतना ही नही शौचालयों में इतनी ज्यादा गंदगी है कि इसमें शौच करना तो दूर घुसना भी मुश्किल है। ऐसे में खिलाडिय़ों को खेलने से पहले या तो अपने घर पेट साफ करके स्टेडियम में आना पड़ता है या फिर खुले में शौच जाना पड़ता है। ऐसे सरकार का शौचालयों पर करोड़ों रुपए खर्च करने का क्या फायदा जब उनमें मूलभूत सुविधा ही उपलब्ध नही है। एक ही स्टेडियम पर ध्यान दे ले सरकार- खिलाडिय़ों का कहना है कि स्टेडियम में सुविधाओं का टोटा है। सरकार गांव-गांव में तो स्टेडियम और व्यायामशालाएं तो्र खोलने के लिए आधारशिलाएं रख रही है। लेकिन जो स्टेडियम में प्रशासन से वो ही सही तरीके से संभाला जा खिलाडिय़ों का कहना है कि सरकार यदि बसताड़ा स्टेडियम में ही सुविधाओं को दुरूस्त कर दें तो गांव-गांव में स्टेडियम और व्यायामशालाएं बनाने की शायद जरूरत ही नही पड़ेगी। क्योंकि सरकार जब एक ही स्टेडियम में सही ढंग से सुविधाएं खिलाडिय़ों को मुहैया नही करवा पा रही है तो इतनी व्यायामशालाओं में कहां से सुविधाएं दे पाएगी।
-अनिल कुमार, डीएसओ, करनाल।
- बसताड़ा स्टेडियम में जो भी समस्याएं है। उसको लेकर सोमवार को बसताड़ा स्टेडियम का दौरा
करूंगा और दिक्कतों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।

Have something to say? Post your comment
More Sports News
कुश्ती फेडरेशन ने की पहलवानों की सूची जारी, ढाढोत के दो खिलाड़ी चयनित
जिलास्तरीय प्रतियोगिता में मेडल जीतने वाले खिलाडिय़ों को किया सम्मानित
महाराणा प्रताप बॉक्सिंग अकेडमी सतनाली के बच्चों ने जिलास्तरीय प्रतियोगिता में झटके 1 गोल्ड व 3 सिल्वर मेडल
राठधना के बॉडी बिल्डर जगजीत बने बॉडी बिल्डिंग में मिस्टर वल्र्ड
एशियार्ड गेम्स पर टिकी भीम अवार्डी संदीप पुनियां की निगाहें, गोल्ड मेडल लाने का लक्ष्य
गुढ़ा का खेल स्टेडियम बहा रहा है बदहाली पर आंसु
दीवान बालकृष्ण बॉक्सिंग एकेडमी के खिलाड़ियों ने काठमांडू नेपाल कमाल दिखाया
एशियन गेम्स हेतु हरियाणा की 7 महिला खिलाडिय़ों का भारतीय हैंडबॉल टीम के प्रशिक्षण शिविर में चयन इनमें से 6 खिलाड़ी नरवाना की है
एसडी कन्या महाविधालय की छात्राओं ने रजत पदक व कास्ंय पदक जीता
नरवाना में 13 करोड़ रूपये खर्च करके नवदीप स्टेडियम की होगी कायाकल्प