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300 साल के बाद गले मिलकर किया दो गांव के लोगों ने गिला-शिकवा दूर

अटल हिन्द ब्यूरो | April 01, 2018 05:56 PM
अटल हिन्द ब्यूरो

300 साल के बाद गले मिलकर किया दो गांव के लोगों ने गिला-शिकवा दूर
हवन कर एक साथ खाया खाना, खरकभूरा पहुंचे चुहड़पुर गांव के लोग
सन्नी मग्गू
जींद, 1 अप्रैल
किसी बात को लेकर करीब 300 साल पहले हुए खरकभूरा, चुहड़पुर (चांदपुर) गांव के लोगों के बीच विवाद के बाद जो गिले-शिकवे थे वे दोनों गांव के ग्रामीणों ने गले मिलकर दूर किए। रविवार को खरकभूरा गांव में चुहड़पुर गांव से काफी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। यहां पर सबसे पहले दादा खेड़ा पर हवन किया। शिव मंदिर में पौधरोपण करने के बाद दोनों गांव के लोगों ने एक साथ सरपंच दर्शन के निवास पर खाना खाया। अब दोनों गांव के गिले-शिकवे दूर होने के बाद दोनों गांव के लोग एक-दूसरे गांव में रिश्ते करने के साथ-साथ आना-जाना शुरू करेंगे।
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ये था मामला
करीब तीन दशक पहले चुहड़पुर गांव के साथ खरकभूरा गांव के लोगों का किसी बात को लेकर हुए विवाद के बाद दोनों गांव के लोगों का आपस में मन मुटाव चल रहा था। इन गांवों के बीच विवाद किस बात को लेकर था इसको लेकर ग्रामीणों के अगल-अलग तर्क थे। विवाद किस बात को लेकर था इसको लेकर दोनों गांव के ग्रामीणों के पास कोई ठोण प्रमाण नहीं था। आपसी मन मुटाव के चलते दोनों गांव के ग्रामीणों का एक-दूसरे गांव में आना-जाना नहीं था न ही इन दोनों गांव में रिश्तेदारी होती थी। बीते शुक्रवार को खरकभूरा गांव के लोग चुहड़पुर गए। यहां पर दोनों गांव के लोगों ने अपने मन मुटाव को दूर किया। खरकभूरा गांव के लोगों ने रविवार को गांव में आने का न्योता दिया इस पर चुहड़पुर गांव के लोग खरकभूरा पहुंचे।
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सद्भावना महायज्ञ के दौरान आई बात सामने
25 मार्च को खरकभूरा गांव में केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह के जन्म दिन पर आयोजित महायज्ञ को लेकर जब चुहड़पुर गांव में गठित टीम के सदस्य न्योता देने गए तो गांव के लोगों ने खरकभूरा आने के लिए मना कर दिया। यह बात जब विधायक प्रेमलता को पता चली तो विधायक ने भूमिका निभाते हुए दोनों गांव में तीन दशक पहले हुए गिल-शिकवे दूर करने के लिए खरकभूरा गांव के प्रमुख लोगों से बातचीत करके 24 मार्च को चुहड़पुर भेजा। इन गांव के लोगों ने महायज्ञ में आने के लिए हामी भर दी लेकिन जो आपसी मन-मुटाव, रिश्ते न होने की जो बातें थे उसके लिए 30 मार्च का दिन तय कर दिया था। इस दिन दोनों गांव के ग्रामीणों ने चुहड़ुर में एकत्रित होकर अपनी-अपनी बातें रख आपस में वर्षों पहले हुए गिले-शिकवों को दूर करते हुए आपस में आना-जाना, रिश्ते करने का फैसला लिया।
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दोनों गांव के लोग मिले गले
केहर सिंह, रामेश्वर, आत्माराम, कपिल, प्रेम ने बताया कि खरकभूरा गांव के लोग पहले चुहड़पुर गए अब चुहड़पुर के लोग उनके बुलाव पर रविवार को गांव में आए। दोनों गांव के लोगों ने हवन में हिस्सा लेने के साथ-साथ वर्षों पहले हुए गिल-शिकवे को गले मिलकर दूर किया। दोनों गांव में काफी सालों के बाद आना-जाना, रिश्ते अब होने से ग्रामीण खुश है। इस मौके चुहड़पुर के पूर्व सरपंच रामकुमार, पं. रामनिवास, सत्यवान बांगड़, होशियार सिंह, पप्पू, केहर सिंह, आजाद, हजूरा, बलवंत, खरकभूरा गांव के विक्रम, महासिंह, बजे सिंह, धीरा, रमेश, रामनिवास, रामकुमार मौजूद।

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