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इनेलो का बसपा से हुआ गठबंधन , कांशी राम जी के साथ चौधरी देवीलाल के घनिष्ठ संबंध थे

अटल हिन्द ब्यूरो | April 18, 2018 05:37 PM
अटल हिन्द ब्यूरो

इनेलो का बसपा से हुआ गठबंधन , कांशी राम जी के साथ चौधरी देवीलाल के घनिष्ठ संबंध थे और अगर वे गठबंधन करेंगे तो डंके की चोट पर घोषणा के साथ करेंगे

नई दिल्ली ,18 अप्रैल (अटल हिन्द )

इनेलो और बसपा की सांझी पत्रकार वार्ता । इस मौके पर अभय चौटाला ने कहा कि इनेलो और बसपा से मिलकर भाजपा से मुक्ति के लिए हाथ मिलाया है ,लोकसभा और विधानसभा का चुनाव दोनों एक साथ मिलकर लडेंगे और कांग्रेस से भी दूर रहेंगे दलित ,पिछडा ,किसान तथा कमेरे वर्ग मिलाकर सरकार बनायेगे तथा लुटेरी भाजपा को दूर भगाएंगे थर्ड फ्रंट मायावती की अगवाई में बनेगा ,और इसमें भाजपा और कांग्रेस दोनों को दूर रखेंगे उन्होने कहा कि दलित पिछडा और किसान, हरियाणा की बनाएंगे नई पहचान । उल्लेखनीय है कि इनेलो-बसपा के गठबंधन की चर्चा कुछ महीनों से प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चल रही थी और इनेलो के नेता इस बारे में इशारा भी कर रहे थे। बीते महीने बसपा सुप्रीमो मायावती के जन्मदिन पर अभय चौटाला ने दिल्ली में उनसे मुलाकात कर शुभकामनाएं दी थी जिसके बाद चर्चाएं और ज्यादा तेज हो गई थी। इस विषय पर पूछे गए एक सवाल पर अभय चौटाला ने कहा था कि बसपा संस्थापक कांशी राम जी के साथ चौधरी देवीलाल के घनिष्ठ संबंध थे और अगर वे गठबंधन करेंगे तो डंके की चोट पर घोषणा के साथ करेंगे। इससे पहले भी इनेलो और बसपा मिलकर हरियाणा में एक बार चुनाव लड़ चुके हैं। 1998 के लोकसभा चुनाव में दोनों दलों का समझौता था और तब इनेलो ने 7, बसपा ने 3 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ा था। हरियाणा के इतिहास में बसपा का एकमात्र सांसद उसी चुनाव में अंबाला से बना था। इनेलो (तब हलोदरा) के सहयोग से बसपा के अमन नागरा उस चुनाव में जीतकर लोकसभा पहुंचे थे। उस चुनाव में इनेलो (तब हलोदरा) के 7 में से 4 उम्मीदवार जीते थे। हरियाणा में बहुजन समाज पार्टी का वोट बैंक 40 से ज्यादा सीटों पर प्रभावी असर रखता है।

पिछले 5 विधानसभा चुनावों में बसपा ने 5.44प्रतिशत(1966), 5.74प्रतिशत, 3,22प्रतिशत, 6.74प्रतिशत और 4.37प्रतिशत(2014) वोट लिए हैं, जबकि इस दौरान इनेलो का वोट प्रतिशत 20.56प्रतिशत(1996), 29.61प्रतिशत, 26.77प्रतिशत, 25.81प्रतिशत 24.73प्रतिशत(2014) रहा है।

पिछले 5 विधानसभा चुनावों में बसपा ने 5.44प्रतिशत(1966), 5.74प्रतिशत, 3,22प्रतिशत, 6.74प्रतिशत और 4.37प्रतिशत(2014) वोट लिए हैं, जबकि इस दौरान इनेलो का वोट प्रतिशत 20.56प्रतिशत(1996), 29.61प्रतिशत, 26.77प्रतिशत, 25.81प्रतिशत 24.73प्रतिशत(2014) रहा है। इससे यह दिखता है कि दोनों दलों के पास कुछ निश्चित वोटबैंक है जिसे वे पिछले 20 सालों से एक स्तर के आसपास बरकरार रखने में कामयाब रहे हैं। बसपा ने गठन के तुरंत बाद 1989 में हरियाणा में पहला लोकसभा और 1991 में पहला विधानसभा चुनाव लड़ा था। तब से यह पार्टी हरियाणा का हर लोकसभा-विधानसभा चुनाव लड़ती आ रही और सिर्फ एक बार 1998 में लोकसभा चुनाव में हलोदरा के साथ गठबंधन किया था।

यह पार्टी हरियाणा का हर लोकसभा-विधानसभा चुनाव लड़ती आ रही और सिर्फ एक बार 1998 में लोकसभा चुनाव में हलोदरा के साथ गठबंधन किया था।<

लोकसभा चुनावों में बसपा का वोट प्रतिशत विधानसभा चुनावों के मुकाबले अच्छा रहता है। 1996 में 6.59 प्रतिशत वोट लेने के बाद बसपा ने 1998 में 7.68प्रतिशत वोट लिए हालांकि 1999 में कारगिल युद्ध के बाद हुए चुनाव में इस दल को सिर्फ 1.96प्रतिशत वोट मिले। बसपा ने 2004 में 4.98प्रतिशत, और 2009 में 15.75प्रतिशत वोट लिए जबकि पिछले 2014 के चुनाव में 4.6प्रतिशत वोट लिए। 2009 में लिए गए 15.75प्रतिशत वोट बसपा का हरियाणा में किसी भी चुनाव में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। यह सियासी हलकों में जोड़-घटा के दौर को शुरू करने वाला कदम रहेगा और लोग यह जानने को उत्सुक रहेंगे कि बसपा के साथ पहली बार विधानसभा चुनाव अगर इनेलो लड़ती है तो कौनसी सीटों पर बसपा के उम्मीदवार उतारे जाएंगे और इस गठबंधन का परिणाम क्या रहेगा। बसपा ने 2009 के चुनावों से पहले कुलदीप बिश्नोई की हजका के साथ भी गठबंधन किया था लेकिन वह गठबंधन कुछ समय बाद ही टूट गया था और दोनों दलों ने मिलकर कोई चुनाव नहीं लड़ा था।

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