कैथल मार्केट कमेटी के कर्मचारियों को कमरों से बाहर कर कार्यालय को किसानो ने लगाया ताला 
कैथल मार्केट कमेटी के कर्मचारियों को कमरों से बाहर कर कार्यालय को किसानो ने लगाया ताला 

कैथल मार्केट कमेटी के कर्मचारियों को कमरों से बाहर कर कार्यालय को किसानो ने लगाया ताला ,किसानों ने कहां कि सरकार दावा करती है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों की सारी फसल खरीद करती है, जबकि वास्तविक कुछ और है।

कैथल, 1 अक्टूबर (अटल हिन्द ब्यूरो )

कैथल मार्केट कमेटी के कर्मचारियों को कमरों से बाहर कर कार्यालय को किसानो ने लगाया ताला 
अंबानी व अदाणी को फायदा पहुंचाने के लिये सरकार ने किसानों की धान की खरीद देरी से शुरू करने का निर्णय लिया है। उक्त शब्द बोलते हुए किसानों ने शुक्रवार को कैथल की मार्केट कमेटी के कर्मचारियों को कमरों से बाहर कर कार्यालय को ताला लगा दिया और सामने धरने पर बैठ गये। किसानों की समस्या सुनने कोई भी प्रशासनिक अधिकारी नहीं आया। किसानों के साथ आढ़तियों व मजदूरों ने भी मंडी में हड़ताल कर दी। किसानों ने आरोप लगाया है कि इससे पता चलता है कि सरकार का मंडियां, समर्थन मूल्य बंद करने का इरादा है।

कैथल मार्केट कमेटी के कर्मचारियों को कमरों से बाहर कर कार्यालय को किसानो ने लगाया ताला 
किसानों ने बताया कि इस समय किसानों की धान की फसल पक कर तैयार हो गई है। किसानों के पास मंडी में अपनी फसल लेकर आने के मैसेज भी पहुंचने लग गये है। इनके आधार पर ही किसान अपनी फसल लेकर मंडी में आये है। उन्होंने बताया कि यह कहां का तुक है कि रात के समय अधिकारियों के पास धान की खरीद शुरू न करने का समाचार भेजते है। किसानों के साथ यह धोखा है। उन्होंने कहा कि किसान खेतों में अपनी फसल को अधिक समय तक नहीं रख सकता और मजबूरी वंश मंडियों में लेकर आना पड़ेगा। उस समय तक किसानों की अधिकतर फसल मंदे दामों में बिक चुकी होगी। इसके चावल को अंबानी अदानी ग्रुप पैकिंग करके मुनाफा कमाकर ऊंचे दामों में बेचेंगे। इसी कारण से सरकार ने खरीद की तारीख में बदलाव किया है।
किसानों ने कहां कि सरकार दावा करती है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों की सारी फसल खरीद करती है, जबकि वास्तविक कुछ और है। मंडियों में किसानों की धान समर्थन मूल्य से काफी कम मूल्य पर बिकती है और उनको जे फार्म समर्थन मूल्य के मिलते है। सरकार किसानों के खाते में जे फार्म के हिसाब से समर्थन मूल्य के पैसे मिलते है, परन्तु जिस समय उनकी धान की फसल बिकती है, उस समय उनसे बिकने व जे फार्म के मूल्य के बीच के अंतर के पैसे ले लिये जाते है। उन्होंने मांग की है कि सरकार उनको बिकने वाले मूल्य के जे फार्म उपलब्ध करवाये ताकि सरकार को पता चले के उनके दावे कितने सच है। प्रदर्शन में किसान यूनियन के जिला प्रधान होशियार सिंह, किसान नेता अमरीक चक पाडला, साहिल, भरतु, रोहित, किताब सिंह, सतीश,  ओम प्रकाश, मलकीत, जगदीश, सत्यवान सहित अनेक किसान, कैथल मंडी के प्रधानों सहित अनेक आढ़ती  व मजदूर उपस्थित थे।

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