1989 से अब तक कई सरकारें आई गई लेकिन कैथल को एक भी गोताखोर नहीं दिया ,प्रशासनिक अधिकारी भी रहे मस्त 
1989 से अब तक कई सरकारें आई गई लेकिन कैथल को एक भी गोताखोर नहीं दिया ,प्रशासनिक अधिकारी भी रहे मस्त 

गौरतलब है कि जिले में प्रतिवर्ष नदी या तालाब में डूबने से कई व्यक्तियों की मौत हो जाती है। हाल ही में कैथल में एक 16 वर्षीय युवक की गणेश प्रतिमा विसर्जन के समय नदी में डूबने से मौत हो गई थी।

1989 से अब तक कई सरकारें आई गई लेकिन कैथल को एक भी गोताखोर नहीं दिया ,प्रशासनिक अधिकारी भी रहे मस्त 

कैथल (अटल हिन्द ब्यूरो )अब जिला कैथल को गोताखोरों की कमी नहीं खलेगी।जी हाँ 32 साल का छोटा सा समय गुजर गया कई मासूम जाने सरकार और प्रशासन की कमी से पानी ने लील ली। सरकारें भी आती -जाती रही ,जिला अधिकारी उनकी जी हजूरी  रहे आम जन कैसे मर रहे है और क्यों मर रहे है किसी को आज तक कोई फर्क नहीं पड़ा जी हाँ ये हालत कैथल जिले के है। खैर   जिला प्रशासन के लंबे इंतजार के बाद जब जिले को गोताखोर मुहैया नहीं हो पाए तो अब सामाजिक संस्था जीवन रक्षक दल ने प्राइवेट गोताखोर तैयार करने का अभियान चलाया है। कुरुक्षेत्र में एक संस्था के पास प्राइवेट गोताखोर हैं तो इसी तर्ज पर कैथल की सामाजिक संस्था ने गोताखोरों के लिए अभियान शुरू कर दिया है। संस्था द्वारा दो युवकों की भी तलाश कर ली है जो पानी में लंबे समय तक रहने में पारंगत हैं। संस्था के प्रधान राजू डोहर का कहना है कि संस्था ऐसे कम से कम छह गोताखोर तैयार करेगी जो किसी भी आपात स्थिति में काम आ सकें। संस्था के पास अभी तक दो युवाओं का नाम सामने आया है। गौरतलब है कि जिले में प्रतिवर्ष नदी या तालाब में डूबने से कई व्यक्तियों की मौत हो जाती है। हाल ही में कैथल में एक 16 वर्षीय युवक की गणेश प्रतिमा विसर्जन के समय नदी में डूबने से मौत हो गई थी। ऐसे में उक्त युवक का शव नदी में तलाशने के लिए गोताखोरों की जरूरत पड़ी थी। जिले में गोताखोर न होने के कारण परिजनों को मजबूरन कुरुक्षेत्र से गोताखोर बुलाने पड़े थे। यही नहीं गोताखोरों को हजारों रुपये भी देने पड़े थे।
शहरवासियों को मिलेगी नि:शुल्क सेवा
जीवन रक्षक दल के प्रधान राजू डोहर ने बताया कि ये गोताखोर आपात स्थिति में जिलावासियों को नि:शुल्क सेवा देंगे। इनको सिलेंडर व प्रशिक्षण संबंधित खर्च संस्था द्वारा वहन किया जाएगा।
जल्द दिखाएंगे जिला प्रशासन को रिहर्सल
जीवन रक्षक दल के प्रधान राजू डोहर ने बताया कि जल्द ही गोताखोर युवकों की जिला प्रशासन के सामने रिहर्सल दिखाई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई युवक पानी का माहिर हो या पानी में रहकर तैरने की बहुत बड़ी प्रैक्टिस हो तो वह जीवन रक्षक दल से संपर्क कर सकता है।
दिलवाएंगे विशेष प्रशिक्षण
जीवन रक्षक दल के सदस्यों का कहना है कि वे गोताखोर टीम को विशेष प्रकार का प्रशिक्षण भी दिलाएंगे ताकि वे आपात की हर स्थिति से ठीक ढंग से निपट सकें। उन्होंने बताया कि वे गोताखोरों के लिए विशेष प्रकार के सिलेंडरों का प्रबंध करने में जुटे हैं।

हर सामाजिक कार्य के लिए तत्पर रहता है जीवन रक्षक दल
गौरतलब है कि जीवन रक्षक दल जिले की अग्रणी सामाजिक सेवा संस्था है। संस्था जिला प्रशासन व अन्य गरीब व्यक्तियों की हर प्रकार की मदद के लिए तत्पर रहता है। जहां दल द्वारा शहर से घूम रही आवारा गायों को आश्रय दिलाने का काम किया तो वहीं दल द्वारा बेसहारा व चोटिल गायों का इलाज भी करवाया जाता है। दल द्वारा अभी तक करीब 200 से अधिक लावारिस व्यक्तियों का अंतिम संस्कार भी करवाया है।

Share this story