कैथल शहर की सड़कें तो बदलाव और खूबसूरत नहीं बन पाई अफसर और ठेकेदार का घर जरूर सुंदर बन गया होगा ? ​​​​​​​
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कैथल शहर की सड़कें तो बदलाव और खूबसूरत नहीं बन पाई अफसर और ठेकेदार का घर जरूर सुंदर बन गया होगा ?

कैथल में कोई चुनाव होने वाले है क्या ! जो डीसी साहब याद आया की  डोर टू डोर कूड़ा उठान का टेंडर व फॉगिंग व शहर की सड़कों को गड्ढा मुक्त भी करवाना है ,


शहर की सफाई व्यवस्था हो सही--सफाई के कार्य में कर्मचारी नहीं बरतें कोई भी लापरवाही-- डोर टू डोर कूड़ा उठान के लिए शीघ्र करवाए जाएं टेंडर--कूड़े को गीला व सुखा कचरा में अलग-अगल करें एकत्रित--शहर की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के कार्य में लाएं तेजी : डीसी प्रदीप दहिया
कैथल, 25 नवम्बर (अटल हिन्द /राजकुमार अग्रवाल   ) उपायुक्त प्रदीप दहिया ने नगर परिषद के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि शहर में सफाई की व्यवस्था सही हो और किसी भी प्रकार की कोई शिकायत जिला प्रशासन व नगर परिषद में आती है तो उस स्थान की सफाई तुरंत प्रभाव से करें। मुख्य सड़कों पर स्वीपिंग मशीन से निरंतर सफाई करवाएं और डोर टू डोर कूड़ा उठान के कार्य को लेकर शीघ्र टेंडर करवाएं। इन सभी कार्यों में कोई भी लापरवाही नहीं होनी चाहिए।जिला प्रशासन जो भी कहता रहे और कितना भी प्रयास कर ले लाखों -करोड़ो  रूपये इन सभी कार्यों पर बेफिजूल खर्च भी कर ले बाद में वही ढाक के तीन पात हाथ आएंगे। जिलाधिकारी के यह आदेश देना कोई नई बात नहीं है जिलाधिकारी भी जानते है की यह सब कहना उनकी मज़बूरी है ताकि स्थानीय निवासियों को लगे की जिला कैथल का प्रशासन व्यवस्था को दरुस्त कर रहा है। लेकिन वास्तविकता कोसों दूर है अगर सड़कों की मुरमत में हुए गोलमाल को देखना है तो पिछले साल कैथल शहर की सड़कों को पैरिस की सड़कें बनाने के लिए उन पर तारकोल /जिसे रबर को सड़क भी कहा जाता है सड़कों पर बिछाया गया जिसमे ठेकेदार व अफसरों की मिलीभगत से कैथल शहर की सड़कें तो बदलाव और खूबसूरत नहीं बन पाई अफसर और ठेकेदार का घर जरूर सुंदर बन गया होगा ?शायद कैथल डीसी साहब ने कभी कैथल शहर का पैदल दौरा नहीं किया वरना इतना बड़ा अधिकारी बिना किसी व्यवस्था को देखे ऐसा ब्यान संबधित अधिकारीयों को कैसे दे सकता है या फिर संबधित विभाग के अफसरों ने अपनी चाल -बाजी से खेल खेला है। यहीं नहीं  देखा जाए तो स्वछता  पर कैथल को स्वछता अवार्ड मिलना चाहिए करोड़ों के सफाई घोटले के बाद भी कैथल शहर स्वच्छ नहीं हो पाया इसमें जिला प्रशासन का कोई दोष नहीं क्योंकि सीवरेज बनाने वालों ने सड़कों ,गलियों  सीवर ऊंचाई पर बनाये है जिससे सड़कों व गलियों की दशा और दिशा दोनों बदल कर रख दी और तो और शहर के मुख्य मार्गो की  सड़कों पर तो दुर्घटना सीवर बनाए हुए है जिस अधिकारी और विभाग ने इनके निर्माण को सही माना है और पैसा खर्च किया है वे सार्वजनिक बधाई के पात्र है। 
अब जैसा की उपायुक्त प्रदीप दहिया लघु सचिवालय स्थित कार्यालय में स्वच्छता, फोगिंग व शहर की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने विषयों पर बैठक लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे। मुख्य तौर पर आमजन को भी सफाई कर्मचारियों का पूर्ण सहयोग करना चाहिए तथा कर्मचारी भी सजगता से कार्य करते रहें। घर-घर कूड़ा उठान के कार्य के दौरान कूड़े को गीला व सूखा कचरा अलग करके एकत्रित करें। गिले कचरे से खाद बनाई जाए और सुखा कचरा प्लास्टिक आदि का निस्तारण वैज्ञानिक तरीके से किया जाए। प्लास्टिक का इस्तेमाल कम से कम करने पर लोगों को जागरूक किया जाए तथा स्वच्छता बारे जागरूकता शिविर, स्कूली बच्चों की रैली, चित्रकला प्रतियोगिताएं करवाएं ताकि आमजन की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि जो संस्थान बहुत ज्यादा कूड़ा पैदा करते हैं, उनको भी मौके पर ही कूड़ा निस्तारण हेतु पाबंद किया जाए। शहर में नाले, जोहड़, तालाब, झील उनके आसपास विशेष सफाई रखी जाए ताकि उन्हें स्वच्छ रखा जा सके। उन्होंने कहा कि  फरवरी 2022 में स्वच्छ भारत मिशन के तहत जो सर्वे होगा, उसकी सभी तैयारियां पूरी करना सुनिश्चित करें। शहर की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने हेतु जो अभियान चलाया गया है, उसे 10 दिन के अन्दर- अन्दर पूरा करें। शहर में नियमित रूप से फॉगिंग करवाएं। फॉगिंग में और ज्यादा तेजी लाई जाए ताकि लोगों को मच्छरों से छुटकारा मिल सके। संबंधित अधिकारी इन सभी कार्यों का निरीक्षण करते रहे और उसकी पालना रिपोर्ट सप्ताह में प्रस्तुत करें। इस मौके पर डीएमसी कुलधीर सिंह, नगर परिषद कार्यकारी अधिकारी कुलदीप सिंह मलिक के अलावा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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