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  • Fri Dec 31 2021
  • 5:23:59 PM
कैथल में खाद की कमी या मनोहर सरकार की बंदिशे ,किसान को परेशान कर खेला जा रहा राजनीति का खेला
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करोड़ा गांव में किसानों को बांटने के लिये आये थे, परन्तु खाद के अभाव में खाद के इन ट्रकों पर आपाधापी मच गई। जिससे किसानों में झगड़ा हो गया और झगड़े की सूचना पुलिस को दी गई।

कैथल में खाद की कमी या मनोहर सरकार की बंदिशे ,किसान को परेशान कर खेला जा रहा राजनीति का खेला 


कैथल,  (अटल हिन्द/राजकुमार अग्रवाल )
बुधवार को पाई सोसाइटी में करोड़ा  के किसानों का यूरिया खाद वितरित किया गया। पता चला कि  खाद के दो ट्रक मंगलवार रात्रि को करोड़ा गांव में किसानों को बांटने के लिये आये थे, परन्तु खाद के अभाव में खाद के इन ट्रकों पर आपाधापी मच गई। जिससे किसानों में झगड़ा हो गया और झगड़े की सूचना पुलिस को दी गई। जिस पर रात को इन खाद के ट्रकों का पुलिस अपने साथ ले गई और पाई सोसाइटी में लाकर खड़ा कर दिया गया। इनके साथ ही कुछ किसानों ने इन ट्रकों के पाई सोसाइटी में होने के बावजूद बाहर खड़े होकर, रात भर इनका पहरा दिया।

करोडा निवासी साधु राम, राम भरोसे, राम कुमार, राजेश, जय किशन, पाला राम, नरेश आदि ने बताया कि उनको संदेह था कि कही इस खाद को जिला प्रशासन उनके गांव की जगह कहीं दूसरे गांव के किसानों को न दे दे। सुबह इस खाद को लाइन लगाकर किसानों को केवल दस- दस कट्टे खाद के वितरित किये गये। खाद को देखते हुए पाई के किसान भी खाद लेने के लिए  टूट पड़े, परन्तु करोड़ा गांव के किसानों ने पाई के किसानों को खाद की लाइन में लगने नहीं दिया गया। खाद भी करोडा सोसायटी के कर्मचारियों ने ही खुद वितरित किया।प्रदेश में खाद की कमी या फिर सरकारी बंदिशे जिसकी वजह से आज किसान इस हालात में पहुंच गया की उसे फसल बीजने के प्रयोग आने वाले खाद को भी पुलिस सुरक्षा में खरीदना पड़ रहा है।देखा जाए तो देश में हर चीज का उत्पादन बढ़ा है जिसमे खाद भी शामिल है। लेकिन हरियाणा के किसानो की हालात देखते हुए ऐसा लग रहा है की किसानों पर सरकार खेला शुरू किया हुआ है ताकि उन्हें परेशान किया जा सके और वे सरकार की कमजोरियों ,गैर जनहित नीतियों पर ध्यान ना देकर इधर -उधर उलझे रहें।  


  पाई के किसानों ने बताया कि पाई प्रदेश का सबसे बड़ा दूसरा गांव है और इस गांव की सोसाइटी पर कई हजार किसान निर्भर करते है। यहां केवल नाम मात्र खाद ही किसानों को दिया गया। उन्होंने बताया कि किसान अब कि बार न तो अपनी गेहूं की फसल में डी ए पी खाद डाल सके और अब न ही उनको यूरिया खाद मिल रहा। गेहूं की फसल में किसान केवल इस समय तक ही खाद डाल सकता है। इसके बाद खाद डालने का कोई फायदा नही। उन्होंने बताया कि खाद के अभाव में उनकी गेहूं का उत्पादन बहुत कम होगा और किसानों को प्रति एकड़ उत्पादन कम होने से लगभग 25 हजार का नुकसान होगा। उन्होंने सरकार से समय पर खाद न देने से इस नुकसान का मुआवजा 25 हजार रुपये प्रति एकड़ देने की मांग की है।
   उधर पाई सोसाइटी के इंचार्ज वेद प्रकाश ने बताया कि जो खाद करोड़ा गांव के किसानों को वितरित किया गया, वह रात करोड़ा गांव में झगड़ा होने के कारण पाई सोसाइटी में उतारा गया था। आज सुबह करोड़ा गांव के पैक्स कर्मचारियों ने अपने आप ही वितरित किया है। उन्होंने बताया कि पाई सोसाइटी में इस सीजन में केवल 3030 कटे ही आये है। उन्होंने बताया कि पहले 1810 तथा 1520 अब सोमवार को आये थे।

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