कैथल से शुरू हुआ 100 साल से भी पुराना राजस्व रिकार्ड गठरी से हुआ आज़ाद: सीएम खट्टर
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अब ज़मीन की नक़ल या फरद लेने में आम जनता को कठिनाई नहीं आएगी क्योंकि कम्प्यूटर पर एक क्लिक पर ज़मीन का डेटा उपलब्ध है ।

कैथल से शुरू हुआ 100 साल से भी पुराना राजस्व रिकार्ड गठरी से हुआ आज़ाद: सीएम खट्टर

डिजिटल इंडिया के तहत गुरुग्राम सहित 22 जिलों के राजस्व रिकॉर्ड रूम का उद्घाटन



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कैथल (ATAL HIND )हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने फरीदाबाद  सहित प्रदेश के सभी 22 जिलों के आधुनिक  राजस्व रिकार्ड रूमों का अपने चंडीगढ़ स्थित निवास से विडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उद्घाटन किया और कहा कि अब एक क्लिक पर सारा जमीनी रिकार्ड उपलब्ध होगा जिससे आम जनता को ज़मीन की नक़ल या फरद निकलवाने में आसानी होगी ।

उपायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि वर्ष 2017 में स्थापित आधुनिक राजस्व रिकार्ड रूम में 33 लाख से अधिक दस्तावेजों को स्केन करके ऑनलाईन किया जा चुका है। मैनुअल रिकार्ड को स्टील की पेटियों में सुरक्षित रखा गया है।  जहां तक लोगों को नकल की प्रतियां उपलब्ध करवाने का सवाल है आज तक 4448 नागरिकों को नकल की प्रतियां उपलब्ध करवाई जा चुकी है। जिला प्रशासन मुस्तैदी के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि आज जिस माडर्न रिकार्ड रूम का मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उद्घाटन किया है, इसमें वर्ष 1956 से जिला की 278 जमाबंदियों, जिसके लगभग 59 लाख दस्तावेज व वर्ष 1956 से फिल्ड बुक, जिसके अंदर लगभग 5 लाख दस्तावेज तथा वर्ष 2012 से 12 लाख पेजों का डिजिटाईजेशन किया गया है। प्रशासन की यह व्यवस्था दर्शाती है कि प्रशासन जनहित के लिए व्यवस्था को तेजी से कार्य रूप में परिणत कर रहा है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि शेष बचे हुए दस्तावेजों को भी शीघ्र कम्प्यूटरीकृत करके ऑनलाईन कर दिया जाएगा। वीसी के बाद डीसी ने रिकार्ड रूम का अवलोकन भी किया।
इस मौके पर जिला राजस्व अधिकारी टीआर गौतम, डीआईओ दीपक खुराना, डीआईपीआरओ धर्मवीर सिंह, तहसीलदार सुदेश मेहरा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

पायलेट प्रोजेक्ट 2017 में कैथल में शुरू
सीएम खट्टर ने कहा कि इसका पायलेट प्रोजेक्ट 2017 में कैथल में शुरू किया गया था। उन्होंने बताया कि रिकार्ड नहीं ढूँढ पाने की वजह से कोर्ट के आदेश पर कैथल के एक क्लर्क को एक दिन के लिय जेल जाना पड़ा था, वह घटना ही इस योजना को शुरू करने की आधार बनी। उन्होंने कहा कि अब ज़मीन की नक़ल या फरद लेने में आम जनता को कठिनाई नहीं आएगी क्योंकि कम्प्यूटर पर एक क्लिक पर ज़मीन का डेटा उपलब्ध है । रिवार्ड रूम पर तैनात कर्मचारी कम्प्यूटर पर देखकर उसी समय आवेदक को ज़मीन की नक़ल या फरद निकालकर दे देगा, जबकि पहले इस काम में 7 से 10 दिन का समय लगता था।

राजस्व रिकार्ड पूर्ण रूप से सुरक्षित रहेगा
सीएम ने यह भी कहा कि पहले यह रिकार्ड गठरियों में बंधा रहता था, आज़ादी के अमृत महोत्सव वर्ष में इस रिकार्ड को भी गठरी से आज़ादी मिली है । अब यह राजस्व रिकार्ड पूर्ण रूप से सुरक्षित रहेगा और राजस्व रिकार्ड के ख़राब या गुम होने या निहित कारणों से जानबूझकर गुम करने की समस्या से निजात मिलेगी । इस मौक़े पर चंडीगढ़ में सीएम मनोहर लाल के साथ डिप्टी दुष्यंत चौटाला, राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल, सीएम के प्रधान सचिव वी उमाशंकर व अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। गुरुग्राम में इस दौरान मंडलआयुक्त राजीव रंजन, डीसी डॉक्टर यश गर्ग और ज़िला राजस्व अधिकारी मनबीर सिंह मंडलायुक्त कार्यालय में उपस्थित रहे। गुरुग्राम मंडलायुक्त कार्यालय से ये अधिकारी विडियो कोनफ़्रेंस से मुख्य कार्यक्रम स्थल चंडीगढ़ के मुख्यमंत्री आवास से जुड़े।

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