डीयू के प्रोफेसर ने रची थी पत्नी की हत्या की साजिश
पूछताछ में सस्पेक्ट व्यक्ति ने खुलासा किया कि उसने अपनी भाभी पिंकी की हत्या कर दी है। आरोपी की पहचान 31 वर्षीय पश्चिम संत नगर निवासी पेशे से टैक्सी ड्राइवर राकेश के रूप में हुई।

डीयू के प्रोफेसर ने रची थी पत्नी की हत्या की साजिश

BY-विजय कुमार दिवाकर

MURDER

पेशे से एक टैक्सी ड्राइवर ने पुलिस स्टेशन जाकर पुलिस को गुमराह करने के इरादे से सरेंडर किया की उसने अकेले ही खुद अपनी मालकिन और रिश्ते में लगने वाली भाभी का मर्डर कर दिया है। लेकिन उत्तरी जिला डीसीपी सागर सिंह कालसी की पारखी नजर ने आरोपी की चाल को कामयाब नहीं होने दिया। आरोपी से कड़ी पूछताछ के बाद वारदात में शामिल साजिशकर्ता मृतक महिला के पति और भतीजे को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। मृतक महिला के साथ सभी आरोपियों की अपनी अलग अलग व्यक्तिगत रंजिश थी।

दिनांक आठ नवम्बर 2021 शाम 7:00 पुलिस स्टेशन बुराड़ी में तैनात कांस्टेबल भीम को 100 फ़ीट रोड नियर पेप्सी रोड पर गस्त के दौरान एक सस्पेक्ट व्यक्ति दिखाई दिया। पूछताछ में सस्पेक्ट व्यक्ति ने खुलासा किया कि उसने अपनी भाभी पिंकी की हत्या कर दी है। आरोपी की पहचान 31 वर्षीय पश्चिम संत नगर निवासी पेशे से टैक्सी ड्राइवर राकेश के रूप में हुई।

कांस्टेबल ने तुरंत ही आरोपी राकेश को दबोच लिया और थाना बुराड़ी में लाकर अपने सीनियर अफसर को सूचित किया। मामले की investigation की जिम्मेबारी एसआई दीपक को सौंपी गई।

एसआई दीपक तुरत ही आरोपी को लेकर वारदात स्थल पश्चिम संत नगर पहुंचे। फ्लैट की चौथी मंजिल पर वारदात को अंजाम दिया गया था। महिला का शव बिस्तर पर पड़ा हुआ था। मृतक महिला की पहचान 32 वर्षीय पिंकी के रूप में हुई। आरोपी ने कबूल किया की उसने अकेले खुद ही पिंकी की हत्या की है क्योंकि मृतक पिंकी अपने पति से आरोपी राकेश को टैक्सी ड्राइवर की नौकरी से निकालने के लिए बोल रही थी। आरोपी राकेश बार-बार अपना बयान बदल रहा था। बुराड़ी थाना पुलिस ने एफआईआर संख्या 918/21 अंडर सेक्शन 302 के तहत मामला दर्ज कर आरोपी राकेश को गिरफ्तार कर लिया गया।

लेकिन उत्तरी जिला डीसीपी सागर सिंह कालसी को आरोपी के कबूलनामे पर यकीन नहीं हो रहा था। मामले की तह तक जाने के लिए एसीपी तिमारपुर स्वागत आर पाटिल की supervision व एसएचओ बुराड़ी राजेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में Investigation इंस्पेक्टर अशोक कुमार, एसआई सतेंदर सिंह, एसआई दीपक, एएसआई संजीव, हेड कांस्टेबल परवीन, कांस्टेबल भीम, प्रदीप, रहीश और ऋषि की एक टीम बनाई गई।

जाँच टीम ने मुखबिरों का जाल बिछाया। वारदात स्थल के आसपास लगे 300 सीसीटीवी फुटेजों को खंगाला गया और साथ ही आरोपी से घुमाफिराकर सवाल जवाब किये गए। मुखबिरों से मिले इनपुट और सीसीटीवी फुटेज से मिले सबूतों से डीसीपी सागर सिंह कालसी का शक सही साबित हुआ। आख़िरकार जाँच टीम हत्या के पीछे की साजिश का खुलासा करने में कामयाब हो गई। साजिश में आरोपी राकेश के साथ मृतक महिला का 38 वर्षीय पति वीरेंद्र कुमार और 29 वर्षीय भतीजा गोविंद भी शामिल था।

interrogation में आरोपी मृतक महिला का पति वीरेंद्र कुमार ने खुलासा किया कि 16 फरवरी 2021को उसकी पिंकी से शादी हुई थी। शादी में लड़की वालों ने तिलक पर उपहार के रूप में 5 लाख का चेक दिया जोकि बाउंस हो गया था। आरोपी वीरेंद्र कुमार अपने आपको ठगा हुआ महसूस करने लगा। अगस्त 2021 के महीने में पिंकी अपने पति वीरेंद्र कुमार के बुराड़ी के पते पर पहुंची। उस समय वीरेंद्र कुमार के साथ ड्राइवर राकेश भी रह रहा था। आरोपी वीरेंद्र कुमार के अनुसार पिंकी को घर में किसी का भी आना जाना पसंद नहीं था और बार बार राकेश को घर से बाहर निकालने का दबाव बना रही था।

वारदात से करीब 15 20 दिन पहले आरोपी वीरेंद्र कुमार ने राकेश और अपने भतीजे गोविंद के साथ मिलकर अपनी पत्नी की हत्या की साजिश रची थी। योजना के अनुसार राकेश को पुलिस के सामने सरेंडर करना था बदले में वीरेंद्र कुमार राकेश के परिवार की देखभाल करता और उसे जेल से बाहर भी निकालता।

वीरेंद्र दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज में संस्कृत का सहायक प्रोफेसर था। उसने संस्कृत से पीएचडी भी की हुई है। उसकी शादी के लिए बहुत अच्छे रिश्ते आ रहे थे। वीरेंद्र ने अपने भतीजे गोविंद के कहने पर गाजियाबाद निवासी पिंकी से शादी कर ली। शादी में पिंकी के परिजनों ने पांच लाख देने की बात की थी। इसके लिए वीरेंद्र को एक चेक दिया था। जब वीरेंद्र ने उसे खाते में डाला तो वह बाउंस हो गया। इसके अलावा पिंकी छोटी-छोटी बातों पर वीरेंद्र से झगड़ा करती थी। यहां तक फरवरी में शादी होने के बाद वह अगस्त में वीरेंद्र के घर आई। आते ही उसने राकेश को घर से निकाल दिया। वीरेंद्र पर झूठे इल्जाम लगने लगे। यहां तक कि उस पर राकेश की पत्नी से अवैध संबंध के आरोप लगा दिए गए। परेशान होकर वीरेंद्र ने पिंकी की हत्या की योजना बना ली।

आरोपी 31 वर्ष राकेश कुमार आरोपी वीरेंद्र कुमार का टैक्सी ड्राइवर हैं। शादी के बाद पिंकी जब दिल्ली आई तो राकेश कुमार को ड्राइवर की नौकरी से निकालने के लिए दवाब बनाने लगी। नौकरी से निकालने की धमकी मिलने से आरोपी राकेश कुमार भी पिंकी के खिलाफ साजिश में शामिल हो गया।

आरोपी वीरेंद्र कुमार का 29 वर्षीय भतीजा गोविंद समयपुर बादली में एक कारखाने में काम करता है। भतीजा गोविंद अपने चाचा की बहुत इज्जत करता है। गोबिंद का कहना है की हम बहुत नीचे से उठकर आये है। आज मेरा परिवार जिस मुकाम पर है वो सब चाचा की देन है। चाचा की शादी में बहुत बड़े बड़े लोग आये थे। लेकिन चाची ने सब कुछ तबाह कर दिया था। इसलिए वो भी साजिश में शामिल हो गया।

योजना के तहत वीरेंद्र घटना के समय मां को लेकर बाहर चला गया। उस दिन गोविंद घर पर वीरेंद्र के बुजुर्ग पिता के पास बैठा रहा। पिंकी अपने कमरे में सो रही थी। तभी वहां राकेश पहुंचा। गोविंद ने दरवाजा खोला। राकेश सीधा पिंकी के कमरे में पहुंचा। वहां उसने सोते समय पिंकी का गला घोंट दिया। इसके बाद करंट लगाकर उसकी हत्या कर दी। बाद में वह खुद ही पुलिस के पास पहुंचा और उसने अकेले की पिंकी हत्या की बात की।

सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

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