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  • Fri Dec 31 2021
  • 5:23:59 PM
यौन शोषण और उत्पीड़न कैसे और क्या, छात्राओं को बताया
गुरुग्राम कोर्ट से पहुंचे एडवोकेट के द्वारा सेमिनार में मौजूद छात्राओं को बताया गया कि यौन शोषण और उत्पीड़न के मामलों को देखते हुए बिना देरी किए इसके खिलाफ आवाज उठाई जानी चाहिए ।

यौन शोषण और उत्पीड़न कैसे और क्या, छात्राओं को बताया

राजकीय कालेज जाटोली में यौन उत्पीड़न पर सेमिनार का आयोजन

जिला कोर्ट से एडवोकेट नेहा राघव आरजू चौहान ने दी जानकारी



by-फतह सिंह उजाला/Atal Hind 


पटौदी । यौन शोषण और उत्पीड़न कैसे और क्या है ? इस विषय में पटौदी विधानसभा क्षेत्र के राजकीय कालेज जाटोली मैं शुक्रवार को सेमिनार का आयोजन किया गया । इस मौके पर जिला गुरुग्राम कोर्ट से एडवोकेट नेहा राघव , एडवोकेट आरजू चौहान, एडवोकेट राजीव यादव को रिसोर्स पर्सन के रूप में आमंत्रित किया गया । पास्को एक्ट 2012 के विषय में छात्रों को जानकारी देने सहित यौन शोषण और उत्पीड़न के विषय में छात्राओं को अवगत कराने और जागरूक करने के लिए इस एक दिवसीय और तीन सत्र में संपन्न सेमिनार का आयोजन मेजबान कालेज के प्रिंसिपल वीरेंद्र सिंह अंतिल और कार्यवाहक प्रिंसिपल डॉ वंदना की अध्यक्षता में मेजबान कालेज की आंतरिक शिकायत समिति के द्वारा आयोजित किया गया ।

यौन शोषण और यौन उत्पीड़न के विषय में गुरुग्राम जिला कोर्ट से पहुंचे एडवोकेट आरजू चौहान, एडवोकेट नेहा राघव और एडवोकेट राजीव यादव के द्वारा 3 सत्र में करीब 200 छात्राओं को पास्को एक्ट सहित योन शोषण और उत्पीड़न के विषय में इसके समान कानूनी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए जानकारी दी गई। पास्को एक्ट के विषय में जानकारी देते हुए बताया गया कि किसी भी नाबालिक बच्ची अथवा युवति के साथ में अश्लील हरकत, दुराचार , दुष्कर्म जैसे अपराध शामिल होते हैं । वही महिला अधिकारों और महिलाओं सहित युवतियों की सुरक्षा अथवा असुरक्षित माहौल सहित भय मुक्त होकर काम करने को लेकर भी कानून में प्रावधान है और समय-समय पर इस संदर्भ में माननीय न्यायालय के द्वारा दिशा निर्देश भी जारी किए जाते रहे हैं ।

इसी मौके पर गुरुग्राम कोर्ट से पहुंचे एडवोकेट के द्वारा सेमिनार में मौजूद छात्राओं को बताया गया कि यौन शोषण और उत्पीड़न के मामलों को देखते हुए बिना देरी किए इसके खिलाफ आवाज उठाई जानी चाहिए । एडवोकेट नेहा राघव ने पास्को एक्ट 2012 के विषय में विस्तार से कालेज की छात्राओं को जानकारी देते हुए इस अपराध को एक प्रकार से सामाजिक कलंक ही बताया। घर पर मौजूद हो, शिक्षण संस्थान में हो या कहीं रास्ते में भी सफर कर रहे हो या फिर किसी आयोजन अथवा समारोह में शामिल हो, किसी भी नाबालिक  बच्ची , युवती अथवा महिला के साथ अभद्र व्यवहार, बिना वजह परेशान करना, शारीरिक रूप से छेड़छाड़ करना या फिर अन्य किसी प्रकार से प्रताड़ित करना , यह ऐसे अपराध है जो कि योन शोषण सहित उत्पीड़न की श्रेणी में ही माने जाते हैं ।

इस प्रकार के अपराधों की रोकथाम सहित शिकायतों के लिए पुलिस प्रशासन सहित संबंधित राज्य सरकारों के द्वारा हेल्पलाइन नंबर भी सार्वजनिक किए गए हैं । इस मौके पर राजकीय कालेज जाटोली की कार्यवाहक प्रिंसिपल और कॉलेज की आंतरिक शिकायत समिति की अध्यक्षा डॉ वंदना, डॉ कविता रानी, डॉ आशुतोष, डॉक्टर नीरज राणा, देविका सहित अन्य कॉलेज टीचिंग स्टाफ के द्वारा आमंत्रित एडवोकेट का आभार व्यक्त करते हुए सेमिनार में मौजूद छात्राओं का आह्वान किया गया । छात्राओंका आहवान किया गया कि यौन उत्पीड़न यौन शोषण और पास्को एक्ट के विषय में जो जानकारी दी गई है, उस को ध्यान में रखते हुए इस प्रकार के किसी भी अपराध के खिलाफ बिना किसी डर अथवा दबाव के शिकायत करके पीड़ित को न्याय दिलवाने के लिए हमेशा जागरूक रहना चाहिए।

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