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  • Fri Dec 31 2021
  • 5:23:59 PM
लो जी आखिर नए कोर्ट के बाहर सीवर पर लगा ढक्कन
dakkan
लो जी आखिर नए कोर्ट के बाहर सीवर पर लगा ढक्कन


बीते 8 दिसंबर को बिना ढक्कन सीवर का छपा था समाचार

पटौदी के एसडीएम प्रदीप कुमार ने लिया मामले में संज्ञान

जन स्वास्थ्य विभाग के द्वारा ही पूरा किया गया यह काम



by-फतह सिंह उजाला/Atal Hind


पटौदी । 14 करोड़ 54 लाख रुपए से अधिक की लागत से बनाए गए पटौदी के नए ज्यूडिशल कोर्ट कांपलेक्स के मुख्य प्रवेश द्वार और यही रास्ते के बीच में लापरवाही से बिना ढक्कन लगाए सीवर होल को छोड़ दिया गया था। इस छोटी लेकिन बेहद गंभीर और खतरनाक संबंधित विभाग की लापरवाही का समाचार 8 दिसंबर को सुर्खियां बना।

जब यह मामला पटौदी के एसडीएम प्रदीप कुमार के संज्ञान में पहुंचा, तो इसके बाद में उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द से जल्द सीवर पर ढक्कन लगाकर संबंधित स्थान को संभावित हादसों के दृष्टिगत पूरी तरह सुरक्षित तरीके से सही किया जाएगा। इसके बाद में पटौदी के नए कोर्ट के प्रवेश द्वार और यहीं पर ही रास्ते के बीच में कथित लापरवाही से बिना ढक्कन के छोड़ दिए गए सीवर होल को अब ढक्कन लगाकर सुरक्षित कर हादसे की संभावनाओं पर पूरी तरह से लगाम भी लगा दी गई है । यह सब कार्य पटौदी के एसडीएम प्रदीप कुमार के द्वारा इस मामले में लिए गए संज्ञान के उपरांत और संबंधित विभाग को दिए गए निर्देश के बाद पूरा किया जा चुका है । अब रात का अंधेरा हो या फिर कड़ाके की सर्दी में गहरी धुंध के बीच दृश्यता की कमी हो , सीवर होल पर ढक्कन लगाया जाने के बाद कम से कम जाने अनजाने होने वाले किसी भी प्रकार के हादसे अथवा दुर्घटना की संभावना पर पूरी तरह से विराम भी लग गया है ।

क्योंकि कोर्ट परिसर में आने वाले अधिकांश वाहन चालक अपने वाहन कोर्ट के मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर एडवोकेट के निर्माणाधीन चेंबर और वहीं पर बनी पार्किंग में खड़े किए जाने को प्राथमिकता देते हैं । अधिकांशतः दो पहिया वाहन चालक ही अपने वाहनों को ऐसे स्थान पर लाकर खड़ा करते हैं कि अपना काम निपटा कर यथासंभव जल्द से जल्द वापस लौट सके।ं जिस प्रकार से यहां पर बिना ढक्कन का सीवर होल छोड़ दिया गया था , उस स्थिति में जाने अनजाने किसी के साथ भी हादसा होने की संभावना से इंकार नहीं था।  लेकिन अब पटौदी के एसडीएम प्रदीप कुमार के द्वारा की गई पहल और संबंधित विभाग को दिए गए निर्देश के बाद सीवर होल पर ढक्कन लगाया जाने के बाद यह स्थान कम से कम दुर्घटना रहित माना जा रहा है।

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