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  • Fri Dec 31 2021
  • 5:23:59 PM
मनोहर सरकार की असलियत जनता के सामने ना आये लगाईं 'वेब चैनल' और 'सोशल मिडिया पर विधान सभा प्रसारण की कवरेज पर पाबंदी
एडवोकेट प्रदीप कुमार रापड़िया और उनके सहयोगियों ने  'वेब चैनल' और 'सोशल मीडिया' की तरफ से हरियाणा विधान सभा सचिव को लीगल नोटिस भेजा

मनोहर सरकार की असलियत जनता के सामने ना आये लगाईं  'वेब चैनल' और 'सोशल मिडिया पर विधान सभा प्रसारण की कवरेज पर पाबंदी

'वेब चैनल' और 'सोशल मिडिया' द्वारा विधान सभा प्रसारण की कवरेज पर पाबंदी वाले नये नियमों की वापसी के लिए लीगल नोटिस ।


विधान सभा के प्रतिबंध लोगों के जानने के हक की अवहेलना है

चंडीगढ़ (अटल हिन्द ब्यूरो )अब आप अपने मोबाइल फोन पर विधान सभा का लाइव प्रसारण नहीं देख पायेंगे। इसके लिए आपको कमरे में अपने टीवी के आगे बैठना पड़ेगा । चौंकिए मत ये कहना है सोमवार को हरियाणा विधान सभा सचिवालय द्वारा जारी नये मानदंड और दिशानिर्देशों का । सोमवार को हरियाणा विधान सभा सचिवालय ने विधान सभा प्रसारण से संबंधित नये मानदंड और दिशानिर्देश स्पीकर की मंजूरी के बाद जारी किए । इनके अनुसार 'वेब चैनल' और 'सोशल मिडिया' द्वारा विधान सभा प्रसारण की कवरेज पर पाबंदी लगाई गई है ।

टीवी चैनलों द्वारा भी सोशल मीडिया पर विधान सभा के लाइव प्रसारण को प्रतिबंधित किया गया है । नये दिशानिर्देश की पालना ना करने वाले टीवी चैनलों को आगामी विधानसभा प्रसारण की कवरेज से प्रतिबंधित करने का प्रावधान भी रखा गया है।


हरियाणा विधान सभा सचिवालय द्वारा जारी नये मानदंड और दिशानिर्देश को वापिस लेने की गुहार लगाते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में एडवोकेट प्रदीप कुमार रापड़िया और उनके सहयोगियों ने  'वेब चैनल' और 'सोशल मीडिया' की तरफ से हरियाणा विधान सभा सचिव को लीगल नोटिस भेजा है। लीगल नोटिस में नये मानदंड और दिशानिर्देश को मौलिक अधिकारों का हनन करने वाला बताया गया है।

लीगल नोटिस में कहा गया है कि विधान सभा प्रसारण से संबंधित नये मानदंड और दिशानिर्देश को संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (क) यानी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता या वाक स्वतंत्रता के खिलाफ बताया गया है।  इसके अलावा नये नियमों को संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (छ) यानी वृत्ति, उपजीविका, व्यापार या कारोबार करने का मूल अधिकार के खिलाफ भी बताया गया है । लीगल नोटिस में ये भी कहा गया है कि विधान सभा के प्रतिबंध लोगों के जानने के हक की अवहेलना है

मौजूदा समय में बड़ी-बड़ी मीटिंग्स में भाग लेना हो या दुनिया भर की खबर से अपडेट रहना, आप सब अपने मोबाइल फोन पर कर सकते है लेकिन हरियाणा विधान सभा का लाइव प्रसारण नहीं देख सकते।

लीगल नोटिस में एडवोकेट प्रदीप कुमार रापड़िया और उनके सहयोगियों ने लिखा कि अगर ये नये मानदंड और दिशानिर्देश वापिस नहीं लिए गए तो उन्हें कानूनी कार्यवाही करनी पड़ेगी ।

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