असंध के गांव थरी के  बलिंद्र की दर्दनाक मौत ,महिला स्वेता उर्फ स्वीटी (29) गंभीर रूप से घायल
असंध के गांव थरी के  बलिंद्र की दर्दनाक मौत ,महिला स्वेता उर्फ स्वीटी (29) गंभीर रूप से घायल
 असंध के गांव थरी के  बलिंद्र की दर्दनाक मौत ,महिला स्वेता उर्फ स्वीटी (29) गंभीर रूप से घायल
नरवाना, 8 अक्टूबर।(atal hind)

असंध के गांव थरी के  बलिंद्र की दर्दनाक मौत ,महिला स्वेता उर्फ स्वीटी (29) गंभीर रूप से घायल

शुक्रवार दोपहर को मालगाड़ी की चपेट में आ जाने से ऑल्टो कार सवार व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि महिला स्वेता उर्फ स्वीटी (29) गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे चिंताजनक हालात में रोहतक पीजीआई रेफर किया गया है। इस हादसे में मृतक बलिंद्र (32) असंध के गांव थरी का रहने वाला था।
नरवाना में हिसार-चंडीगढ़ रोड पर रेलवे फाटक पर हुए इस हादसे में मालगाड़ी ऑल्टो कार को करीब 2 एकड़ तक घसीट ले गई। दोपहर करीब 1 बजे हुए इस हादसे को देख खेतों में काम कर रहे लोग बचाव को दौड़े। बताया जा रहा है कि ऑल्टो में सवार दंपत्ति बरवाला की ओर से आ रहा था, जबकि मालगाड़ी जींद की ओर जा रही थी। उकलाना रोड पर रेलवे फाटक खुली रह जाने से हादसा हो गया।
प्राप्त जानकारी अनुसार करनाल जिले के थरी गांव निवासी यह दंपत्ति सलेटी रंग की कार नंबर एचआर51एफ-3429 में सवार होकर समीप के गांव फैरण में रिसोली का झाड़ा लगवाकर वापस जा रहा था। इसके आगे-आगे सवारियों से भरी बस व ट्रक थे। हिसार-चंडीगढ़ रोड पर बनी रेलवे फाटक उस समय बंद होने वाली थी। रेल इंजन की आवाज भी आ रही थी। किसी तरह सवारियों से भरी बस भी निकल गई और उसके ठीक पीछे ट्रक भी निकलने में कामयाब हो गया, मगर ट्रक के ठीक पीछे सटकर चल रही ऑल्टो कार नहीं निकल पाई। इस बीच नरवाना रेलवे स्टेशन की ओर से आई मालगाड़ी कार को घसीटती हुई ले गई। करीब दो एकड़ आगे जाने के बाद मालगाड़ी ड्राइवर ने हादसे के बाद ब्रेक लगाए। कार रेल इंजन के आगे लगे लोहे के थम्ब में ड्राइवर की ओर से फंस चुकी थी। यह दृश्य देखकर आसपास के लोग दौड़े और बचाव कार्य शुरू किया। कार चला रहे बलिंद्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी स्वेता उर्फ स्वीटी लहूलुहान थी। तत्काल दोनों को क्षतिग्रस्त कार से निकाल गया। स्वीटी को नागरिक अस्पताल लाया गया, जहां से उसे चिंताजनक हालात में रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया।
घायल स्वीटी को जब नागरिक अस्पताल लाया गया तो वह कुछ बोल रही थी। पुलिस वालों को उसने बताया कि वे करनाल के समीप थरी गांव के रहने वाले हैं। उसने अपना नाम-पता भी लिखवाया। मौके पर पहुंची रेलवे पुलिस ने किसी तरह दंपत्ति के परिजनों को सूचना भिजवाई।
-दो मिनट में ही हो गया हादसा-
रेलवे सूत्रों के अनुसार यह मालगाड़ी 1 बजकर 8 मिनट पर नरवाना के रेलवे स्टेशन से निकली थी। उकलाना रोड फाटक कुछ ही दूरी पर है। एक बजकर 10 मिनट पर यह हादसा हो गया।
-हादसा इससे भी बड़ा हो सकता था-
उकलाना रोड रेलवे फाटक पर हुआ यह हादसा काफी बड़ा भी हो सकता था। यह सोचकर हर एक के शरीर में सिहरन उठ रही है। क्योंकि कार से पहले जल्दबाजी में सवारियों से खचाखच भारी एक बस भी मौके से निकली थी। सवारियों से भरी यह बस पहले से ही अन्य वाहनों के साथ फाटक पर खड़ी थी। क्योंकि मालगाड़ी से पहले एक अन्य खाली इंजन भी निकल था। गेटमैन ने बस को निकालने के प्रयास में फाटक को ऊपर उठा दिया। इस बीच गेटमैन फिर से फाटक बंद ही कर रहा था कि उसने बंद होते समय ट्रक को भी निकलने दिया, मगर कार लाइन के बीच ही रह गई, जिसे मालगाड़ी घसीटते हुए ले गई।
कहीं ना कहीं रेल विभाग की लापरवाही साफ नजर आ रही है, जिसके कारण यह हादसा हुआ है। वहीं इस मामले में स्टेशन मास्टर ने कुछ भी कहने से फिलहाल मना कर दिया है।
रेलवे चौकी इंचार्ज चरण सिंह ने बताया कि हादसा फाटक खुली रहने की वजह से हुआ है। जिस कारण कार ट्रेन की चपेट में आ गई हादसे में ट्रेन गाड़ी को एक डेढ़ एकड़ तक घसीट कर ले गई। फिलहाल मामले की जांच कर रही है।

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