अगर जिन्ना देश के पहले प्रधानमंत्री बनते तो विभाजन से बच सकता था भारत : भाजपा नेता
अगर जिन्ना देश के पहले प्रधानमंत्री बनते तो विभाजन से बच सकता था भारत : भाजपा नेता

अगर जिन्ना देश के पहले प्रधानमंत्री बनते तो विभाजन से बच सकता था भारत : भाजपा नेता
नई दिल्लीः पाकिस्तान के संस्थापक मुहम्मद अली जिन्ना की तुलना महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल से करने पर आलोचना झेल रहे समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बाद अब भाजपा के एक शीर्ष नेता ने कहा है कि अगर मोहम्मद अली जिन्ना को देश का पहला प्रधानमंत्री बनाया जाता तो भारत विभाजन से बच सकता था.

भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य और आरएसएस के मुखपत्र ऑर्गेनाइजर पत्रिका के पूर्व संपादक शेषाद्री चारी ने कहा, ‘दुर्भाग्य से हमारे नेताओं ने इस बारे में नहीं सोचा. अगर हमारे नेताओं ने तब इस बारे में सोचा होता और उन्हें प्रधानमंत्री पद की पेशकश की होती तो कम से कम विभाजन नहीं होता. हालांकि ये अलग मुद्दा है कि उनके बाद प्रधानमंत्री कौन बनता, लेकिन उस समय विभाजन नहीं होता.’

भाजपा के एक शीर्ष नेता द्वारा इस तरह का बयान देना ऐसे समय में महत्वपूर्ण लगता है, जब मुख्य रूप से अखिलेश यादव के जिन्ना को लेकर उनके बयान की विभिन्न नेताओं विशेष रूप से भाजपा नेताओं ने कड़ी आलोचना की थी, जिनमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल हैं.पिछले महीने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यह कहकर इतिहास से छेड़छाड़ करने की कोशिश की थी कि विनायक दामोदर सावरकर ने गांधी के कहने पर ब्रिटिश शासकों से माफी मांगी थी.

राजनाथ सिंह के इस बयान को लेकर कई नेताओं और इतिहासकारों ने उनकी आलोचना की थी और उन पर इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया था.

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