फोरलेन हाईवे में काम कर रहे बाल श्रमिकों को श्रम अधिकारी ने पकड़ा
फोरलेन हाईवे में काम कर रहे बाल श्रमिकों को श्रम अधिकारी ने पकड़ा
फोरलेन हाईवे में काम कर रहे बाल श्रमिकों को श्रम अधिकारी ने पकड़ा
– पीएनसी के ठेकेदारों द्वारा नाबालिग मजदूरों से लिया जा रहा कार्य
– एक दर्जन नाबालिक मजदूर बीते 6 माह से लगातार कर रहे काम
फोरलेन हाईवे में काम कर रहे बाल श्रमिकों को श्रम अधिकारी ने पकड़ा
छतरपुर/ बुंदेलखंड के विकास के लिए पीएनसी कंपनी के द्वारा निर्माण किए जा रहे झांसी खजुराहो नेशनल हाईवे फोर लाइन निर्माण में कंपनी के द्वारा मनमानी थमने का नाम नहीं ले रहे निर्माण में कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह के निर्देशन के बाद तेजी  आई लेकिन एनएचएआई द्वारा निरीक्षण या मूल्यांकन न करने के कारण जल्द काम पूरा करने के उद्देश्य से कंपनी द्वारा स्थानीय मजदूरों को काम न देकर बिहार एवं अन्य राज्यों से लाए बाल श्रमिकों द्वारा तपती धूप में कार्य कराया जा रहा था कंपनी अपनी मनमानी के चलते श्रम कानून की धज्जियां उड़ा रही है इन सबके अलावा भी हाईवे में कई प्रकार की खामियां देखने को मिल रही हैं
                  यूपी के झांसी से जिले के खजुराहो तक हो रहे फोर लाइन हाईवे में निमार्ण में खमियों की कमी नहीं हैं। कहीं पर पौधे लगाने के लिए मिट्टी के स्थान पर मुरम डालने और रास्ता डिवइड होने पर सूचना बार्ड नहीं लगाने के मामले में सामने आते हैं। लेकिन इसके साथ ही यहां पर नाबालिग मजदूरों से काम कराने का मामला भी सामने आया है। पीएनसी कंपनी द्वारा हाईवे के काम में एक-दो नहीं बल्कि दर्जनों नाबालिग मजदूर काम कर रहे हैं, इन मजदूरों को विहार सहित कई राजयों से यहां लाया गया और सुबह से लेकर रात तक काम कराया जा रहा है। ऐसे में सीधे तौर पर बाल श्रम कानून का उल्लंघन किया जा रहा है। जिसकी जानकारी होने पर गुरुवार को देर शाम श्रम अधिकारी ने चाइल्ड लाइन टीम के साथ पहुुंचे और वहां दो काम कर रहे दो बाल श्रमिकों का पलकाड है। जानकारी के अनुसार यूपी के झांसी से जिले के खजुराहो तक हो रहे फोर लाइन हाईवे में निमार्ण में एनएचएआई द्वारा नजर नहीं रखी जा रही है। यहां पर आए दिन कोई न कोई खामियां सामने आ रहीं हैं। यहां पर करीब 6-7 माह से लगातार काम कर रहे बिहार के नाबालिग मजदूरों ने बताया कि उन्हें संजय कुमार द्वारा यहां लाया गया है और 7-8 हजार रूपए माह में सुबह से लेकर रात तक सड़क में काम कराया जा रहा है। वहीं ठेकेदार संजय कुमार ने बताया कि उसका पीएमसी में मजदूरों का ठेका है और करीब ६ माह पहले इन मजदूरों को बिजार से लाए थे और काम करा रहे हैं। देश में जहां पर एक ओर शासन द्वारा नाबालिगों के लिए श्रम से जुड़े कानून बना रही है और कानून का उल्लंघंन करने वालों पर कार्रवाई करने के लिए जिले के श्रम अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए जा रहे हैं। लेकिन इसके बाद भी हाईवे जहां पर दिन रात नेता, मंत्री, बडे अधिकारी गुजरते हैं और यहां पर आए दिन निरीक्षण करने वाले एनएचएआई के अधिकारियों द्वारा ध्यान नहीं दिया गया या फिर जानकारी होने के बाद मूक दर्शक बने हुए हैं। वहीं इस मामले में एनएचएआई के डायरेक्टर  पुरुषोत्तमलाल चौधरी का कहना है कि पीएनसी द्वारा हाईवे का काम कराया जा रहा है वह कंपनी किससे काम कराती है इससे विभाग को लेना-देना नहीं है और न ही हम इसपर कार्रवाई कर सकते हैं। अगर नाबालिग मजदूर काम कर रहे हैं तो इसे रोकने के लिए लेवर डिपार्टमेंट की जिम्मेदारी है।
                          वहीं इस मामले में श्रम निरीक्षक धमेंद्र नरवरिया को जानकारी होने पर तत्कार प्रभारी से चाइल्ड लाइन टीम और बाल पुलिस बल के साथ हाईवे में पहुंचे जहां पर छतरपुर रेलवे स्टेशन के आगे चंद्रपुरा के पास में दो बाल मजदूर काम करते मिले। जिन्है टीम द्वारा अपने कब्जे में लेकर मेडिकल कराया और इसके बाद बाल सुधार ग्रह भेजा गया। श्रम निरीक्षक धमेंद्र नरवरिया ने बताया कि मामले में ठेकेदार पर भी कार्रवाई की जाएगी और यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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