प्रशासन ने इस बार भी कोई धोखा दिया तो प्रशासन व सरकार फिर एक बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहें-  राकेश टिकैत
प्रशासन ने इस बार भी कोई धोखा दिया तो प्रशासन व सरकार फिर एक बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहें-  राकेश टिकैत

प्रशासन ने इस बार भी कोई धोखा दिया तो प्रशासन व सरकार फिर एक बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहें-  राकेश टिकैत
हिसार (ATAL HIND)हिसार के क्रांतिमान पार्क में एक आंदोलनकारी की हार्ट अटैक से मौत हो गई। मृतक रामचंद्र खरब हिसार जिले के उगालन गांव के रहने वाले थे वे प्रदर्शन में भाग लेने के लिए आए थे।वहीं दूसरी तरफ तनावपूर्ण स्थिति के बीच दो घंटे से ज्यादा चली मैराथन बैठक में किसानों और हिसार प्रशासन में सुलह हो गई है। पुलिस ने किसानों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने के लिए हामी भरी है। साथ ही  जिस किसान की हार्ट अटैक से मौत हुई है उसके परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी मिलेगी।समझौता सिरे चढ़ने पर किसानों ने नारेबाजी की। इससे पहले किसान नेता राकेश टिकैत(RAkesh tikait), गुरनाम सिंह चढूनी,(gurnam chaduni) बलबीर राजेवाला की अगुवाई वाली 26 सदस्यीय कमेटी की जिला प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मीटिंग हुई। वहीं वार्ता के बात किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों और प्रशासन के बीच हुई बातचीत सिरे चढ़ी है। प्रशासन ने 16 मई को दर्ज मुकदमे वापस लेने का भरोसा दिया है। मुकदमे वापस लेने की कानूनी प्रक्रिया 1 महीने तक चलेगी, इसलिए हम प्रशासन को 1 माह का समय दे रहे हैं अगर प्रशासन ने इस बार भी कोई धोखा दिया तो प्रशासन व सरकार फिर एक बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहें।बता दें कि आंदोलनकारी सीएम आगमन के दिन गत 16 मई को पुलिस तथा आंदोलनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद करीब 350 आंदोलनकारियों पर मुकदमा दर्ज किए जाने का विरोध कर रहे थे। आंदोलनकारियों ने सोमवार को हिसार में आयुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया हुआ था।

प्रशासन ने इस बार भी कोई धोखा दिया तो प्रशासन व सरकार फिर एक बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहें-  राकेश टिकैत

  सरकार विश्वास करने लायक नहीं है-अभय  चौटाला
सोमवार को प्रशासन द्वारा किसानों पर 16 मई को हिसार में दर्ज मुकदमे वापस लेने का आश्वासन दिए जाने पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष और इनेलो प्रधान महासचिव अभय चौटाला ने कहा सरकार पहले भी किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की बात कहकर मुकर चुकी है, यह सरकार विश्वास करने लायक नहीं है, किसान आंदोलन के दौरान जितने भी किसानों पर मुकदमे दर्ज हुए हैं उनकी कड़े शब्दों में निंदा करते हैं और मांग करते हैं की कि सरकार किसानों पर दर्ज सभी मुकद्दमे तुरंत प्रभाव से वापस ले।

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